IPL 2023 के 9वें मैच में कोलकाता नाइट राइडर्स के लेग स्पिनर सुयश शर्मा (Suyash Sharma) ने अपने डेब्यू मैच पर शानदार प्रदर्शन कर सबको हैरान कर दिया। लखनऊ सुपरजाएंट्स से खेल रहे आयुष बदोनी के बाद आईपीएल दिल्ली की एक और गुमनाम प्रतिभा को दुनिया के सामने लेकर आया है।

दिलचस्प बात ये है कि इस मुकाबले से पहले Suyash Sharma के बारे में शायद की किसी को पता होगा। इस बात का अंदाजा आप इससे लगा सकते हैं कि मैच के बाद जब KKR के कप्तान नीतीश राणा (Nitish Rana) से लेग स्पिनर के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘मुझे भी नहीं पता वो कहां से आए हैं।’ आईपीएल विशेष रिपोर्ट में हम आज आपके लिए लेकर आए हैं Suyash Sharma की कहानी।

कौन हैं सुयश शर्मा?

बल्ले से शार्दुल ठाकुर की करिश्माई पारी के बाद कोलकाता नाइट राइडर्स के स्पिनरों ने जलवा दिखाया और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की बल्लेबाजी को तहस-नहस कर दिया। KKR की तरफ से स्पिनर्स की तिकड़ी सुनील नरेन, वरुण चक्रवर्ती और आईपीएल में डेब्यू कर रहे Suyash Sharma ने कमाल का प्रदर्शन किया।

सुनील नरेन और वरुण चक्रवर्ती की काबिलियत के बारे में तो सबको पता है, लेकिन आईपीएल में अपना पहला मुकाबला खेल रहे Suyash Sharma के प्रदर्शन ने सबका ध्यान खींचा। लंबे बाल रखने वाले 19 साल के युवा क्रिकेटर ने अपनी फिरकी की जादू से 3 विकेट अपने नाम किए।

Suyash Sharma
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गौरतलब है कि केकेआर और आरसीबी के बीच मैच से पहले दिल्ली के भजनपुरा इलाके के रहने वाले Suyash Sharma का नाम किसी ने भी नहीं सुना था। सुनेगा भी क्यों, आखिर Suyash Sharma ने बीसीसीआई की प्रतिस्पर्धी क्रिकेट का एक भी मैच नहीं खेला था। हालांकि, वह वीरेंद्र सहवाग, युजवेंद्र चहल के पूर्व क्लब मद्रास क्रिकेट क्लब से जरूर खेलते थे।

यहीं से Suyash Sharma ने केकेआर के लिए ट्रायल दिया। प्रतिभा के बावजूद 19 वर्षीय सुयश को दिल्ली से मौका नहीं मिला। पिता के कैंसर जैसी बीमारी से जूझने के बावजूद Suyash Sharma आईपीएल टीमों के ट्रायल देते रहे। केकेआर ने उन्हें आरसीबी के खिलाफ मौका दिया और उनकी किस्मत रंग ले आई।

Suyash Sharma
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कोरोना में हुई कोच की मृत्यु

लेग ब्रेक गेंदबाज Suyash Sharma ने आरसीबी के खिलाफ केकेआर के लिए इम्पैक्ट क्रिकेटर के तौर पर 30 रन देकर तीन विकेट लिए, जिसमें उन्होंने विकेट कीपर दिनेश कार्तिक, अनुज रावत और कर्ण शर्मा के विकेट हासिल किए। रंधीर सिंह बताते हैं कि सुयश की यात्रा आसान नहीं थी।

वह दिल्ली के पूर्व क्रिकेटर सुरेश बत्रा के शिष्य थे और उन्हीं के क्लब से खेलते थे, लेकिन कोच बत्रा की कोरोना में मृत्यु हो गई। इसके बाद वह मेरे पास मैच प्रैक्टिस के लिए आए। मैंने उन्हें अपने क्लब मद्रास क्लब से डीडीसीए लीग में खेलने का मौका दिया और दूसरे टूर्नामेंटों में रनस्टार क्रिकेट क्लब से खिलाया।

Suyash Sharma
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इस क्रिकेटर ने की मदद

निम्न मध्यमवर्ग परिवार से ताल्लुक रखने वाले सुयश के लिए अंतिम एक वर्ष काफी खराब रहा। उनके पिता को कैंसर हो गया, लेकिन पूर्व टेस्ट क्रिकेटर, दिल्ली के स्पिनर रहे और मुंबई इंडियंस के स्काउट मैनेजर राहुल सांघवी के वह जीवन भर ऋणी रहेंगे।

उन्होंने Suyash Sharma  के पिता के इलाज में उनकी काफी मदद की। उनका राहुल ने मुंबई में इलाज कराया। सुयश ने मुंबई इंडियंस का भी ट्रायल दिया। रंधीर कहते हैं कि Suyash Sharma क्लब क्रिकेट जरूर खेलते थे, लेकिन उन्हें यहां से एक भी पैसा नहीं मिलता था। कोलकाता, चेन्नई, मुंबई के मुकाबले दिल्ली में क्लब क्रिकेट की हालत काफी खराब है। यहां किसी को पैसा नहीं मिलता है।

Suyash Sharma
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लेग-ब्रेक-गुगली है मजबूती

Suyash Sharma का चयन अंडर-25 के सफेद प्रारूप के टूर्नामेंट के लिए हुआ। यहां पूर्व टेस्ट क्रिकेटर और अंडर-25 टीम के कोच पंकज सिंह से उनकी मुलाकात हुई। पंकज बताते हैं कि उसके हाथ में गेंद को घुमानी की क्षमता थी। वह ज्यादा लंबा नहीं है, लेकिन उसकी गेंद फेंकने की तकनीकि काफी अच्छी है। वह एक्शन में बिना परिवर्तन के गुगली और लेगब्रेक समान तेजी से डालता है। यही उसकी खासियत है। ज्यादातर देखा गया है कि कलाई के स्पिनर की गुगली धीमी होती है, लेकिन सुयश ऐसा नहीं है।