वृंदावन ISKCON मंदिर हादसा: वृंदावन में भगवान के दर्शन करने आए एक परिवार की यात्रा कुछ ही सेकंड में मातम में बदल गई। जिस कूलर को श्रद्धालुओं को गर्मी से राहत देने के लिए लगाया गया था, वही एक 21 वर्षीय युवक की मौत की वजह बन गया।
उत्तर प्रदेश के वृंदावन में स्थित ISKCON मंदिर के बाहर सोमवार को एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया। मध्य प्रदेश के छतरपुर निवासी 21 वर्षीय अभिज्ञान गुप्ता की कथित तौर पर एक शॉवर कूलर में उतरे करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। यह घटना उस समय हुई जब वह अपने पिता के साथ मंदिर में दर्शन करने पहुंचे थे।
वृंदावन ISKCON मंदिर हादसा कैसे हुआ?
मिली जानकारी के अनुसार अभिज्ञान गुप्ता अपने पिता अनिल गुप्ता के साथ वृंदावन स्थित ISKCON मंदिर पहुंचे थे। भीषण गर्मी को देखते हुए मंदिर परिसर के बाहर श्रद्धालुओं के लिए नगर निगम द्वारा एक वाटर स्प्रे कूलर लगाया गया था।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अभिज्ञान मंदिर के प्रवेश द्वार के पास जूते-चप्पल उतार रहे थे। इसी दौरान उनका संपर्क कूलर से हुआ और उसमें मौजूद करंट ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। बताया जा रहा है कि करंट इतना तेज था कि वह खुद को अलग नहीं कर पाए।
🚨SHOCKING | 21-year-old Abhigyan Gupta dies of electrocution after coming into contact with a water cooler in Vrindavan pic.twitter.com/lqCNXh4A5q
— The Tatva (@thetatvaindia) June 17, 2026
बेटे को बचाने दौड़े पिता भी झुलसे
घटना को अपनी आंखों के सामने होते देख पिता अनिल गुप्ता तुरंत बेटे को बचाने के लिए दौड़े। हालांकि उन्हें भी करंट का झटका लगा और वे घायल हो गए। मौके पर मौजूद लोगों ने किसी तरह दोनों को करंट के स्रोत से अलग किया और तुरंत अस्पताल पहुंचाया।
लेकिन अस्पताल पहुंचने तक काफी देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने अभिज्ञान गुप्ता को मृत घोषित कर दिया। पिता को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
परिवार का इकलौता बेटा था अभिज्ञान
अभिज्ञान गुप्ता अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। बेटे की अचानक मौत से परिवार गहरे सदमे में है। सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर घटना को लेकर भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अस्पताल में पिता बार-बार अपने बेटे को पुकारते हुए कहते रहे, “बेटा उठ जा… पापा बुला रहे हैं।” इस दर्दनाक दृश्य ने वहां मौजूद लोगों को भी भावुक कर दिया।

लापरवाही पर उठे सवाल
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि कूलर में शॉर्ट सर्किट या विद्युत रिसाव की वजह से करंट फैल गया था। स्थानीय लोगों और मृतक के परिजनों ने नगर निगम और संबंधित अधिकारियों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
परिवार का कहना है कि यदि उपकरण की नियमित जांच और रखरखाव किया गया होता तो यह हादसा टाला जा सकता था।

पुलिस जांच में जुटी
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों द्वारा कूलर की तकनीकी जांच कराई जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि हादसे की असली वजह क्या थी। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल
यह घटना सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं है, बल्कि देशभर के धार्मिक स्थलों पर लगाए जाने वाले सार्वजनिक उपकरणों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।
हर साल लाखों श्रद्धालु वृंदावन पहुंचते हैं। ऐसे में पानी के कूलर, मिस्टिंग सिस्टम और अन्य सुविधाओं की नियमित सुरक्षा जांच बेहद जरूरी हो जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि गर्मियों में लगाए जाने वाले अस्थायी कूलिंग सिस्टम की समय-समय पर विद्युत जांच अनिवार्य की जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
दर्शन के लिए निकला एक परिवार अब अपूरणीय क्षति के साथ घर लौट रहा है। 21 वर्षीय अभिज्ञान गुप्ता की मौत ने न सिर्फ उनके परिवार को झकझोर दिया है बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी है।



