ICAR-सेंट्रल मरीन फिशरीज़ रिसर्च इंस्टीट्यूट (CMFRI) की गाइडेंस में पुडुचेरी यूनियन टेरिटरी में पहली बार सीवीड फार्मिंग की पहल से एक बड़ी कामयाबी मिली है। पन्निथिटू में हुई पहली हार्वेस्ट 3.5 गुना ग्रोथ के साथ एक बड़ी सफलता बन गई है। यह सफल हार्वेस्ट द...

सीवीड फार्मिंग को ऑफिशियली 30 सितंबर को लॉन्च किया गया था। इस प्रोजेक्ट में केंद्र शासित प्रदेश में तीन जगहों, पन्निथिटू, करुक्कलचेरी और पट्टिनाचेरी में एक 6-मीटर डायमीटर वाले HDPE सी केज के साथ कुल 16 HDPE सी वीड राफ्ट लगाए गए।
पुडुचेरी कोस्ट के लिए इस्तेमाल की गई टेक्निक HDPE-बेस्ड ट्यूब-नेट मेथड थी, जो खराब समुद्री हालात के लिए सही है। कुल 16 HDPE राफ्ट (12.5 × 12.5 ft) लगाए गए। पन्निथिटू फिशरमेन कोऑपरेटिव सोसाइटी की कुल छह मछुआरिनों ने गांव की पंचायत की मदद से फार्मिंग का काम किया। इन बेनिफिशियरी को CMFRI के मंडपम रीजनल सेंटर में केज-फिश कल्चर और सी वीड फार्मिंग की ट्रेनिंग दी गई।
पहली कटाई, जो सात हफ़्ते के कल्चर पीरियड का नतीजा थी, उसमें 3.5 गुना बढ़ोतरी हुई, यानी कुल 1,920 kg ताज़ा सीवीड का बायोमास काटा गया। ताज़े वज़न के हिसाब से ₹20 प्रति kg की सेल प्राइस के साथ, कुल कमाई ₹38,400 हुई।
कटाई को पुडुचेरी के फिशरीज़ मिनिस्टर के. लक्ष्मीनारायणन और MLA लक्ष्मीकंदन समेत खास लोगों ने देखा। उन्होंने इसमें शामिल मछुआरिनों से बातचीत की। प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर जॉनसन ने उन्हें प्रोजेक्ट की प्रोग्रेस के बारे में डिटेल में बताया।
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