भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की रथ यात्रा में उज्जैन महापौर मुकेश टटवाल को रथ से उतारे जाने से भाजपा की अंदरूनी खींचतान सामने आई। जानें पूरा विवाद।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के उज्जैन दौरे के दौरान पार्टी के भीतर की गुटबाजी और आंतरिक खींचतान सार्वजनिक तौर पर खुलकर सामने आ गई है। नितिन नवीन के स्वागत में आयोजित एक भव्य रथ यात्रा के दौरान उज्जैन के महापौर मुकेश टटवाल को अचानक रथ से नीचे उतार दिया गया, जिसके बाद शहर की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
नितिन नवीन के स्वागत के लिए आयोजित इस रथ यात्रा में सवार होने वाले नेताओं की तय सूची में शहर के प्रथम नागरिक और महापौर मुकेश टटवाल का नाम भी शामिल था। शुरुआत में महापौर भी बाकी नेताओं के साथ रथ पर सवार हो गए थे, लेकिन कुछ देर बाद ही उन्हें रथ से नीचे उतार दिया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक सदावल हेलीपैड पर रोड शो शुरू होने से पहले सभी चिह्नित नेता रथ पर चढ़े, और महापौर मुकेश टटवाल भी उनके साथ रथ पर सवार हुए थे, लेकिन ऐन वक्त पर पुलिस द्वारा उन्हें रथ से नीचे उतारा गया।
महापौर मुकेश टटवाल ने इस पूरे घटनाक्रम पर कड़ी आपत्ति जताई है और कहा है कि वे इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री से भी शिकायत करेंगे। हालांकि भाजपा के किसी भी पदाधिकारी की ओर से इस मामले पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
इस घटना के सामने आते ही कांग्रेस ने भाजपा पर सीधा हमला बोला है। कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा ने इस पूरे मामले को दलित समाज का अपमान करार देते हुए भाजपा पर निशाना साधा है। उनके इस बयान के बाद यह विवाद राजनीतिक तौर पर भी संवेदनशील हो गया है, हालांकि भाजपा की ओर से इस आरोप पर भी अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक यह पहला मौका नहीं है जब महापौर मुकेश टटवाल की इस तरह उपेक्षा हुई हो। पार्टी के कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, लोकार्पणों, भूमिपूजन समारोहों और प्रशासनिक बैठकों में भी उन्हें लगातार दरकिनार किया जाता रहा है। महापौर द्वारा दिए गए निर्देशों पर अमल न होना और कार्यक्रमों में अपेक्षित सम्मान न मिलना संगठन व नगर निगम प्रशासन के बीच बनी खींचतान को साफ दर्शाता है।
इस सार्वजनिक उपेक्षा से महापौर के समर्थक भी खासा निराश नजर आ रहे हैं। नगर निगम द्वारा ही आयोजित और होस्ट किए जा रहे कार्यक्रमों में प्रथम नागरिक की इस तरह उपेक्षा होना भाजपा के भीतर छिपे असंतोष और वर्चस्व की जंग को उजागर करता है।
रथ यात्रा विवाद के अलावा नितिन नवीन के इस उज्जैन दौरे में कई धार्मिक और सांगठनिक कार्यक्रम भी शामिल रहे। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन के निर्वाण चंद्र आचार्य के 532वें जयंती महोत्सव की पूर्व संध्या पर रामघाट पर उनकी आरती भी की।
इस आरती के दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, प्रदेश प्रभारी महेंद्र रघुवंशी, सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक सतीश मालवीय, अनिल जैन कालूहेड़ा और प्राधिकरण अध्यक्ष रवि सोलंकी समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। आरती के बाद अखाड़े के महंत सत्यानंद महाराज और महंत देवीदास समेत अखाड़े से जुड़े भक्तों ने अतिथियों का स्वागत किया।