सतीश सालियन ने आदित्य ठाकरे और अनिल देशमुख को 500 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा। जानें पूरा मामला, आरोप और कोर्ट कार्यवाही की डिटेल।

दिवंगत दिशा सालियन के पिता सतीश सालियन ने शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे और एनसीपी (एसपी) नेता अनिल देशमुख को 500 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा है। यह कानूनी नोटिस दोनों नेताओं से सात दिन के भीतर औपचारिक माफी, अपने बयानों को वापस लेने और आर्थिक हर्जाना देने की मांग करता है।
वकील अनुष्का सोनावने के जरिए भेजे गए इस नोटिस में आदित्य ठाकरे और महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने एक पिता की अपनी बेटी के लिए कानूनी लड़ाई को राजनीतिक रूप से प्रेरित हमला बताते हुए "झूठे, दुर्भावनापूर्ण और मानहानिकारक आरोप" फैलाए। नोटिस के मुताबिक ठाकरे ने कथित तौर पर यह दावा किया था कि सीबीआई पहले ही इस मामले की जांच कर चुकी है और उन्हें "क्लीन चिट" दे चुकी है, वहीं कोर्ट कार्यवाही को मानहानि की साजिश करार दिया गया।
सतीश सालियन ने अपनी मूल पुलिस शिकायत में गैंगरेप, हत्या और सबूत मिटाने जैसे गंभीर आरोपों में एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी, जिसमें जांच की जरूरत वाले लोगों में आदित्य ठाकरे का नाम भी शामिल था। जब पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने से इनकार कर दिया, तो सालियन ने स्वतंत्र जांच की मांग को लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट में एक आपराधिक रिट याचिका दाखिल की। नोटिस में यह भी उल्लेख है कि ठाकरे ने हाई कोर्ट की कार्यवाही में इस याचिका का विरोध करते हुए हस्तक्षेप किया, और उनके वकील ने इस याचिका को दुर्भावनापूर्ण, राजनीति से प्रेरित और हस्तक्षेपकर्ता को परेशान करने के मकसद से दाखिल की गई बताया।
नोटिस में 2 सितंबर को दिए गए बॉम्बे हाई कोर्ट के एक आदेश का हवाला भी दिया गया है, जिसमें दुर्भावनापूर्ण आपराधिक कार्यवाही को रद्द करने से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के "राज्य बनाम भजन लाल" मामले के फैसले पर आधारित दलीलें दर्ज की गई थीं। सालियन के वकील ने इन आरोपों को "झूठा, बेबुनियाद, लापरवाहीपूर्ण और गंभीर रूप से मानहानिकारक" बताते हुए कहा कि इनसे एक शोकाकुल पिता को, जो कानूनी रास्ते पर चल रहा है, न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग करने वाले के तौर पर पेश किया जा रहा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक नोटिस में यह भी दावा किया गया है कि ठाकरे ने सतीश सालियन को खुद को "परेशान करने के लिए एक हथियार के तौर पर इस्तेमाल" किए जाने का आरोप लगाया था, जिसका समर्थन अनिल देशमुख ने भी किया। नोटिस में 23 मार्च 2025 को देशमुख द्वारा कथित तौर पर दिए गए एक बयान का भी हवाला है, जिसमें उन्होंने दिशा सालियन मामले को "आदित्य ठाकरे को बदनाम करने की साजिश" बताया था। सालियन के मुताबिक इस बयान को व्यापक तौर पर प्रचारित किया गया, जिससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचा।
500 करोड़ रुपये के हर्जाने के अलावा सतीश सालियन ने दोनों नेताओं से "बिना शर्त और स्पष्ट" लिखित व सार्वजनिक माफी की भी मांग की है। नोटिस में यह मांग भी की गई है कि यह माफी प्रमुख प्रिंट, टेलीविजन और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रकाशित और प्रसारित की जाए, साथ ही दोनों नेताओं के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स पर कम से कम तीन मिनट का वीडियो माफीनामा भी पोस्ट किया जाए।
गौरतलब है कि 28 साल की दिशा सालियन, जो अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर रह चुकी थीं, 8 जून 2020 को मुंबई के मालाड इलाके की एक रिहायशी इमारत से गिरने के बाद मौत हो गई थी। मुंबई पुलिस ने इसे एक हादसा मानते हुए एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट (ADR) दर्ज की थी। इसके छह दिन बाद ही अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की भी मौत हो गई थी, जिसने पूरे मामले को और भी सुर्खियों में ला दिया।
शुरुआत में आपराधिक एंगल से इनकार करने वाले सतीश सालियन बाद में बॉम्बे हाई कोर्ट पहुंचे और एफआईआर दर्ज करने के साथ-साथ मामले की नए सिरे से जांच की मांग की। बाद में सीबीआई ने इस मामले में एक एफआईआर भी दर्ज की, जिसमें आदित्य ठाकरे के अलावा अभिनेता दिनो मोरिया, सूरज पंचोली, रिया चक्रवर्ती, शोविक चक्रवर्ती, मुंबई पुलिस के तत्कालीन कमिश्नर परमबीर सिंह और पूर्व पुलिस अधिकारी सचिन वझे का नाम भी शामिल है।
आदित्य ठाकरे लगातार दिशा सालियन से कभी मिलने या उन्हें जानने से इनकार करते रहे हैं। हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उन्होंने कहा था कि उनका नाम इस मामले से जोड़ना जानबूझकर की गई चरित्र हत्या की कोशिश है और इस मामले में कोई सबूत नहीं है, साथ ही यह भी दावा किया कि पिछले कई सालों से उनके खिलाफ एक झूठा अभियान लगातार चलाया जा रहा है।
अब तक न तो आदित्य ठाकरे और न ही अनिल देशमुख की ओर से इस मानहानि नोटिस पर कोई आधिकारिक सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने आई है।
1. सतीश सालियन ने किन नेताओं को मानहानि नोटिस भेजा है?
सतीश सालियन ने शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे और एनसीपी (एसपी) नेता अनिल देशमुख को 500 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा है।
2. यह मानहानि नोटिस किस वजह से भेजा गया?
यह नोटिस उन बयानों को लेकर भेजा गया है जिनमें कथित तौर पर सतीश सालियन के दिशा सालियन मौत मामले की जांच की कानूनी लड़ाई को राजनीति से प्रेरित बताया गया।
3. दिशा सालियन की मौत कब हुई थी?
दिशा सालियन की मौत 8 जून 2020 को मुंबई के मालाड इलाके की एक इमारत से गिरने के बाद हुई थी।
4. दिशा सालियन मामले में सीबीआई एफआईआर में किन-किन के नाम शामिल हैं?
सीबीआई एफआईआर में आदित्य ठाकरे के अलावा दिनो मोरिया, सूरज पंचोली, रिया चक्रवर्ती, शोविक चक्रवर्ती, परमबीर सिंह और सचिन वझे के नाम शामिल हैं।
5. आदित्य ठाकरे और अनिल देशमुख ने इस नोटिस पर क्या प्रतिक्रिया दी है?
अभी तक दोनों नेताओं की ओर से इस मानहानि नोटिस पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।