इंदौर की ट्रेजर फैंटेसी कॉलोनी में लिफ्ट में भूले 8 लाख रुपये का बैग गायब हो गया। CCTV जांच के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर पूरी रकम बरामद की।

मध्यप्रदेश के इंदौर में लापरवाही से लिफ्ट में छूटा 8 लाख रुपये से भरा बैग कुछ ही देर में गायब हो गया। बैंक से लोन की रकम लेकर घर पहुंचे व्यक्ति ने बैग लिफ्ट में रखा और जल्दबाजी में उसे वहीं छोड़कर अपने फ्लैट की ओर चला गया।
कुछ देर बाद जब उसे बैग याद आया और वह लिफ्ट में वापस पहुंचा, तो वहां बैग मौजूद नहीं था। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने CCTV फुटेज की मदद से संदिग्ध की पहचान की और उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 8 लाख रुपये की पूरी रकम बरामद कर ली है।
घटना इंदौर की ट्रेजर फैंटेसी कॉलोनी की बताई जा रही है।
फरियादी बैंक से लोन की राशि लेकर अपने घर पहुंचा था। लिफ्ट से ऊपर जाते समय उसने रुपयों से भरा बैग लिफ्ट के फर्श पर रख दिया।
घर पहुंचने की जल्दबाजी में वह बैग उठाना भूल गया और लिफ्ट से बाहर निकल गया।
कुछ देर बाद उसे अपनी गलती का एहसास हुआ। वह तुरंत लिफ्ट के पास पहुंचा, लेकिन तब तक बैग वहां से गायब हो चुका था।
बैग गायब होने की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने कॉलोनी में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली।
फुटेज की जांच के दौरान पुलिस को बैग ले जाने वाले व्यक्ति के बारे में सुराग मिला। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए यमन जैन, निवासी आनंद नगर को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक आरोपी के कब्जे से बैग में रखी पूरी 8 लाख रुपये की रकम बरामद कर ली गई।
मामले में पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
इंदौर में दूसरी घटना एयरपोर्ट की है, जहां एक महिला यात्री के करीब डेढ़ लाख रुपये कीमत के दो मोबाइल फोन टैक्सी में छूट गए।
महिला की फ्लाइट का समय नजदीक था। ऐसे में मोबाइल वापस मिलना उसके लिए बेहद जरूरी था। पुलिसकर्मियों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए करीब 30 मिनट में दोनों मोबाइल फोन ढूंढ निकाले।
घटना मंगलवार शाम करीब 7 बजे इंदौर एयरपोर्ट की बताई गई है।
महिला यात्री को कोलकाता जाने वाली इंडिगो फ्लाइट पकड़नी थी। उसने पुलिस को बताया कि वह करीब 10 मिनट पहले ओंकारेश्वर से टैक्सी के जरिए एयरपोर्ट पहुंची थी।
एयरपोर्ट पहुंचने के बाद उसे पता चला कि उसके दोनों मोबाइल फोन टैक्सी में ही छूट गए हैं।
उसकी फ्लाइट रात करीब 8:30 बजे रवाना होनी थी। समय कम होने के कारण महिला ने एयरपोर्ट पर मौजूद पुलिसकर्मियों से मदद मांगी।
महिला की शिकायत मिलने के बाद सहायक उपनिरीक्षक ओमसत्य यादव और एरोड्रम थाने के आरक्षक प्रताप सिंह कौरव ने तत्काल तलाश शुरू की।
पुलिस ने एयरपोर्ट और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान टैक्सी की पहचान MP 09 BU 7278 के रूप में हुई।
इसके बाद पुलिस ने POS सिस्टम की मदद से वाहन मालिक का मोबाइल नंबर हासिल किया।
टैक्सी मालिक से संपर्क होने के बाद महिला के दोनों मोबाइल फोन बरामद कर लिए गए और उन्हें सुरक्षित वापस सौंप दिया गया।
पुलिस की तेज कार्रवाई के कारण महिला को अपनी फ्लाइट से पहले ही दोनों मोबाइल वापस मिल गए।
दोनों घटनाओं में CCTV फुटेज और तकनीकी माध्यमों की मदद पुलिस जांच में महत्वपूर्ण साबित हुई। एक मामले में 8 लाख रुपये की पूरी रकम बरामद हुई, जबकि दूसरे मामले में महिला यात्री के महंगे मोबाइल फोन समय रहते खोज लिए गए।