वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के चलते इस दिन के बारे में जानने की आवश्यकता और भी अधिक है,क्योंकि वर्तमान स्थिति देखने में महामारी का कोई तत्काल अंत नहीं है। और जैसे-जैसे महीने बीतते जा रहे हैं, लोगों का मानसिक स्वास्थ्य भी प्रभावित हो रहा है। नौंकरियां खोने का डर, असफल अर्थव्यवस्था, खराब स्वास्थ्य के चलते लोग कई प्रकार की मानसिक बीमारी से ग्रस्त हैं।
आत्महत्या रोकथाम दिवस मनाने के आवश्यकता क्यों हैं?
विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों की मानें तो हर साल लगभग 8 लाख से ज्यादा लोग आत्महत्या करते हैं यानि हर 40 सेंकेंड में कोई ना कोई व्यक्ति आत्महत्या करता है। यह एक डराने वाले आकड़े हैं। इन आकडों से साफ समझ आता है कि वर्तमान समय में लोग कितने बुरी तरह से मानसिक तनाव से ग्रस्त हैं। इसलिए लोगों को जीवन के बारे में जागरुक करने और इसके महत्व के बारे में जानने के लिए आत्महत्या रोकथाम दिवस मनाने की आश्यकता है।
आत्महत्या रोकथाम दिवस मनाने का उद्देश्य यही बताना है आत्महत्या किसी की समस्या का हल नहीं है। आपका एक गलत फैसला आपके पीछे छूटने वाली कई जिंदगिओं को बर्बाद कर सकता हैं इसलिए जीवन में आने वाली सभी परेशानियां जिनका आप सामना कर रहें उनके बारे में अच्छे से सोचने की आवश्यकता है और एक उचित हल निकालने की आवश्यकता है।
यह भी जरूर पढ़े-“आज मेरा घर टूटा है कल तेरा घमंड टूटेगा” कंगना ने उद्धव ठाकरे के लिए वीडियो बनाकर भेजा संदेश