उत्तराखंड सरकार ने कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 60% से बढ़ाकर 63% किया है। जानें 1 जुलाई 2026 से लागू DA का एरियर, किन्हें लाभ मिलेगा और केंद्र के फैसले से संबंध।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को राज्य सरकार के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) में तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी। इसके बाद DA की दर 60 प्रतिशत से बढ़कर 63 प्रतिशत हो गई है। यह बढ़ा हुआ भत्ता 1 जुलाई 2026 से प्रभावी माना जाएगा।
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, यह फैसला केंद्र सरकार के निर्णय के अनुरूप लिया गया है। इससे राज्य के कर्मचारियों का भत्ता केंद्रीय कर्मचारियों के बराबर हो गया है।
मुख्यमंत्री कार्यालय की जानकारी के मुताबिक, 7वें केंद्रीय वेतन आयोग के तहत वेतन पाने वाले राज्य कर्मचारियों के लिए DA दर 60% से बढ़ाकर 63% की गई है। यह बदलाव 1 जुलाई 2026 से लागू होगा।
इस अवधि का बकाया भी दिया जाएगा। 1 जुलाई 2026 से 31 अक्टूबर 2026 के बीच की अंतर राशि पात्र कर्मचारियों को नकद एरियर के रूप में मिलेगी। यानी कर्मचारियों को पिछले चार महीनों का अंतर एकमुश्त मिलने की संभावना है।
लाभ सिर्फ सरकारी विभागों के नियमित कर्मचारियों तक सीमित नहीं है। जानकारी के अनुसार, स्थानीय निकायों, सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों, राज्य विश्वविद्यालयों और तकनीकी शिक्षण संस्थानों के पात्र कर्मचारियों को भी बढ़ा हुआ DA मिलेगा। इसके अलावा UGC वेतनमान प्राप्त कर रहे कर्मचारी भी इस फैसले के दायरे में आएंगे।
पेंशनरों के लिए महंगाई राहत (DR) पर राज्य की ओर से अलग घोषणा की जानकारी इस रिपोर्ट में शामिल नहीं है। केंद्र ने अपने पेंशनरों के लिए DR बढ़ाई है, पर उत्तराखंड के पेंशनरों पर इसका क्या असर होगा, इसकी पुष्टि आधिकारिक आदेश से ही हो पाएगी।
उत्तराखंड का यह कदम केंद्र की घोषणा का अनुसरण है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 28 अक्टूबर को केंद्रीय कर्मचारियों के DA और पेंशनरों की DR की अतिरिक्त किस्त को मंजूरी दी थी। दर 60% से बढ़कर 63% हुई, जो 1 जुलाई 2026 से प्रभावी है।
केंद्र के अनुसार, इससे करीब 48.54 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 68.71 लाख पेंशनरों को लाभ मिलेगा। DA और DR की इस बढ़ोतरी से सरकारी खजाने पर सालाना ₹10,016.10 करोड़ का वित्तीय भार पड़ेगा। यह किस्त 7वें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों पर आधारित मान्य फॉर्मूले के तहत दी गई है।
महंगाई भत्ता सरकारी कर्मचारियों को बढ़ती कीमतों के असर से बचाने के लिए दिया जाने वाला भत्ता है। इसे बेसिक वेतन के प्रतिशत के रूप में तय किया जाता है। पेंशनरों को इसी उद्देश्य से महंगाई राहत (DR) मिलती है, जो उनकी बेसिक पेंशन के प्रतिशत के रूप में होती है।
DA की दर आमतौर पर साल में दो बार संशोधित की जाती है और इसका संबंध महंगाई के आंकड़ों से माना जाता है। नई दर लागू होने पर कर्मचारियों की कुल सैलरी में सीधा इजाफा होता है।
असल बढ़ोतरी हर कर्मचारी के बेसिक वेतन पर निर्भर करेगी। उदाहरण के तौर पर, अगर किसी कर्मचारी का बेसिक वेतन ₹30,000 मासिक है, तो 3% की बढ़ोतरी से हर महीने लगभग ₹900 अतिरिक्त मिलेंगे। चार महीने (जुलाई से अक्टूबर) के अंतर का एरियर मोटे तौर पर ₹3,600 बनेगा। यह सिर्फ गणना को समझाने के लिए एक उदाहरण है। वास्तविक रकम सरकारी आदेश और वेतन ढांचे के अनुसार तय होगी।
एरियर के भुगतान की सटीक तारीख रिपोर्ट में नहीं बताई गई है। इसके लिए संबंधित विभाग या कोषागार से जारी आदेश देखना बेहतर होगा।
DA की यह बढ़ोतरी अभी भी 7वें वेतन आयोग के ढांचे के तहत है। 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट 2027 में आने की संभावना की चर्चा मीडिया में रही है, लेकिन वेतन वृद्धि कब से लागू होगी, यह अब तक आधिकारिक रूप से तय नहीं है। इसलिए इसे फिलहाल अनुमान ही मानना चाहिए।
उत्तराखंड में DA कितना बढ़ा है?
DA की दर 60% से बढ़कर 63% हो गई है, यानी 3 प्रतिशत अंकों की बढ़ोतरी।
यह बढ़ा हुआ DA किस तारीख से लागू होगा?
1 जुलाई 2026 से।
एरियर कितने समय का मिलेगा?
1 जुलाई 2026 से 31 अक्टूबर 2026 तक का अंतर नकद एरियर के रूप में मिलेगा।
किसे फायदा मिलेगा?
राज्य सरकार के कर्मचारियों के साथ स्थानीय निकायों, सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों, राज्य विश्वविद्यालयों, तकनीकी शिक्षण संस्थानों और UGC वेतनमान वाले पात्र कर्मचारियों को।
केंद्र सरकार ने DA कब बढ़ाया था?
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 28 अक्टूबर को 3% की बढ़ोतरी मंजूर की थी, जो 1 जुलाई 2026 से प्रभावी है।
केंद्र के कितने कर्मचारियों और पेंशनरों को लाभ होगा?
करीब 48.54 लाख कर्मचारियों और 68.71 लाख पेंशनरों को।
DA और DR में क्या फर्क है?
DA सेवारत कर्मचारियों को मिलता है, जबकि DR पेंशनरों को। दोनों का मकसद महंगाई के असर को कम करना है।