दिवाली, भाई दूज और छठ पूजा के बाद बड़ी संख्या में लोग अपने घरों से वापस कामकाज वाली जगहों पर लौटते हैं। त्योहारों के दौरान रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ बढ़ जाती है। इसी को देखते हुए उत्तर रेलवे ने दिल्ली-NCR के छह प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म टिकटों की बिक्री अस्थायी रूप से बंद कर दी है। यह व्यवस्था 3 नवंबर से 14 नवंबर 2026 तक लागू रहेगी।

दिवाली, भाई दूज और छठ पूजा के बाद बड़ी संख्या में लोग अपने घरों से वापस कामकाज वाली जगहों पर लौटते हैं। त्योहारों के दौरान रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ बढ़ जाती है। इसी को देखते हुए उत्तर रेलवे ने दिल्ली-NCR के छह प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म टिकटों की बिक्री अस्थायी रूप से बंद कर दी है। यह व्यवस्था 3 नवंबर से 14 नवंबर 2026 तक लागू रहेगी।
रेलवे ने सिर्फ प्लेटफॉर्म टिकटों पर ही रोक नहीं लगाई है, बल्कि दिल्ली के कुछ बड़े स्टेशनों पर पार्सल बुकिंग और सामान की लोडिंग-अनलोडिंग पर भी अस्थायी प्रतिबंध लगाया है। इसका उद्देश्य प्लेटफॉर्म पर अनावश्यक भीड़ कम करना और ट्रेन पकड़ने वाले यात्रियों को सुरक्षित तरीके से आने-जाने की सुविधा देना है।
इस बीच भोपाल और मध्य प्रदेश के यात्रियों के लिए भी यह जानना जरूरी है कि क्या यही नियम भोपाल रेलवे स्टेशन पर लागू हुआ है, ट्रेन में कितना सामान ले जा सकते हैं और किसी बुजुर्ग या बीमार यात्री को छोड़ने स्टेशन जाने पर क्या करना चाहिए।

उत्तर रेलवे ने 3 नवंबर से 14 नवंबर 2026 तक इन छह स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म टिकटों की बिक्री रोक दी है। यह फैसला दिवाली और छठ पूजा के दौरान बढ़ने वाली यात्रियों की भीड़ को देखते हुए लिया गया है।
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रेलवे स्टेशन |
प्लेटफॉर्म टिकट की स्थिति |
|---|---|
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नई दिल्ली रेलवे स्टेशन |
3 से 14 नवंबर तक बंद |
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दिल्ली जंक्शन (पुरानी दिल्ली) |
3 से 14 नवंबर तक बंद |
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हजरत निजामुद्दीन |
3 से 14 नवंबर तक बंद |
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गाजियाबाद जंक्शन |
3 से 14 नवंबर तक बंद |
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आनंद विहार टर्मिनल |
3 से 14 नवंबर तक बंद |
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आनंद विहार हॉल्ट |
3 से 14 नवंबर तक बंद |
इस प्रतिबंध का असर उन लोगों पर पड़ेगा जो किसी यात्री को ट्रेन में बैठाने या स्टेशन से लेने के लिए प्लेटफॉर्म टिकट खरीदते हैं। हालांकि, वैध यात्रा टिकट वाले यात्रियों की अपनी ट्रेन यात्रा पर इसका असर नहीं पड़ेगा।
रेलवे ने इस व्यवस्था में कुछ विशेष परिस्थितियों के लिए छूट भी रखी है। उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय के अनुसार, बुजुर्ग, बीमार, दिव्यांग और पढ़ने-लिखने में असमर्थ यात्रियों की सहायता के लिए उनके साथ आने वाले लोगों को जरूरत के अनुसार छूट दी जाएगी। ऐसी महिला यात्रियों के साथ आने वाले सहायकों को भी राहत मिलेगी, जिन्हें स्टेशन पर मदद की जरूरत है।
इसका मतलब है कि अगर आपके परिवार में कोई बुजुर्ग, बीमार या दिव्यांग व्यक्ति अकेले ट्रेन में चढ़ने में सक्षम नहीं है, तो उसकी सहायता के लिए स्टेशन जा रहे व्यक्ति को सीधे प्रतिबंध के कारण वापस लौटने की जरूरत नहीं है। ऐसी स्थिति में टिकट काउंटर या स्टेशन स्टाफ से संपर्क करके छूट की जानकारी लें।
सामान्य यात्रियों के लिए सलाह: अगर आपका परिजन बिना किसी मदद के ट्रेन में चढ़ सकता है, तो उसे स्टेशन के प्रवेश द्वार पर ही विदा करना बेहतर होगा। इससे प्लेटफॉर्म पर अनावश्यक भीड़ कम करने में मदद मिलेगी।
प्लेटफॉर्म टिकट के अलावा उत्तर रेलवे ने दिल्ली के चार प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर पार्सल सेवाओं को भी अस्थायी रूप से सीमित किया है। हालांकि, सभी स्टेशनों पर प्रतिबंध की तारीख एक जैसी नहीं है।
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रेलवे स्टेशन |
पार्सल बुकिंग पर रोक |
लोडिंग-अनलोडिंग पर रोक |
|---|---|---|
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नई दिल्ली |
3 से 15 नवंबर |
5 से 15 नवंबर |
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दिल्ली जंक्शन |
3 से 15 नवंबर |
5 से 15 नवंबर |
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आनंद विहार टर्मिनल |
3 से 15 नवंबर |
5 से 15 नवंबर |
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हजरत निजामुद्दीन |
5 से 8 नवंबर |
5 से 8 नवंबर |
आनंद विहार टर्मिनल की वाशिंग लाइन और स्टेबलिंग लाइन से पार्सल की लोडिंग-अनलोडिंग जारी रहेगी। इसी तरह हजरत निजामुद्दीन स्टेशन की निर्धारित VP साइडिंग से पार्सल संचालन की छूट रहेगी।
यह प्रतिबंध सामान्य यात्रियों के निजी सामान पर लागू नहीं है। यात्री अपने व्यक्तिगत इस्तेमाल का सामान यात्री कोच में ले जा सकते हैं। पंजीकृत समाचार पत्रों और पत्रिकाओं की बुकिंग भी सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जारी रहेगी।
दिल्ली के अलावा पश्चिम रेलवे और मध्य रेलवे ने भी त्योहारों के दौरान भीड़ नियंत्रित करने के लिए कुछ प्रमुख स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म टिकटों की बिक्री अस्थायी रूप से रोक दी है।
पश्चिम रेलवे ने 1 नवंबर से 15 नवंबर 2026 तक इन छह स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म टिकटों की बिक्री बंद की है:
बांद्रा टर्मिनस
वापी
वलसाड
उधना
सूरत
भेस्तान
इन स्टेशनों पर दिवाली और छठ पूजा के दौरान यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
मध्य रेलवे ने 5 नवंबर से 15 नवंबर 2026 तक इन पांच स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म टिकट बिक्री रोकने का निर्णय लिया है:
छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT)
दादर
लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT)
ठाणे
कल्याण
वरिष्ठ नागरिकों, बीमार यात्रियों, बच्चों और सहायता की जरूरत वाली महिला यात्रियों के लिए रेलवे बोर्ड के दिशा-निर्देशों के अनुसार छूट का प्रावधान रखा गया है।
दिल्ली, मुंबई और गुजरात के रेलवे स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म टिकट बंद होने की खबर के बीच मध्य प्रदेश के यात्रियों के लिए सबसे जरूरी सवाल है—क्या भोपाल रेलवे स्टेशन पर भी प्लेटफॉर्म टिकट मिलना बंद हो गया है?
5 नवंबर 2026 तक उपलब्ध रेलवे सूचनाओं में भोपाल जंक्शन, रानी कमलापति या संत हिरदाराम नगर स्टेशन पर इसी तरह की प्लेटफॉर्म टिकट बिक्री रोकने का कोई अलग आदेश सामने नहीं आया है। उत्तर रेलवे का मौजूदा आदेश केवल दिल्ली-NCR के बताए गए छह स्टेशनों के लिए है। इसलिए दिल्ली का प्रतिबंध भोपाल पर अपने आप लागू नहीं माना जाना चाहिए।
भोपाल मंडल के अंतर्गत भोपाल जंक्शन, रानी कमलापति, संत हिरदाराम नगर, इटारसी, बीना और विदिशा जैसे स्टेशन आते हैं। त्योहारों के दौरान इन स्टेशनों से भी बड़ी संख्या में यात्री सफर करते हैं।
त्योहारों की भीड़ को देखते हुए पश्चिम मध्य रेलवे ने भोपाल मंडल से होकर कई स्पेशल ट्रेनें चलाने की व्यवस्था की है। इनमें रानी कमलापति-दानापुर स्पेशल और रानी कमलापति-रीवा स्पेशल जैसी सेवाएं शामिल हैं।
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ट्रेन |
नंबर |
रूट और जानकारी |
|---|---|---|
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रानी कमलापति-दानापुर स्पेशल |
01667/01668 |
रानी कमलापति से दानापुर, निर्धारित दिनों में 16 नवंबर तक |
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रानी कमलापति-रीवा स्पेशल |
02191/02192 |
रानी कमलापति से रीवा, निर्धारित तारीखों पर नवंबर में |
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रीवा-डॉ. अंबेडकर नगर स्पेशल |
01710/01709 |
रीवा से इंदौर क्षेत्र के डॉ. अंबेडकर नगर तक, निर्धारित तारीखों पर |
इन ट्रेनों के संचालन के दिन और स्टॉपेज अलग-अलग हैं। यात्रा से पहले ट्रेन नंबर डालकर NTES या रेलवे के आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर ताजा टाइमटेबल जरूर जांचें।
ट्रेन का समय और प्लेटफॉर्म पहले से चेक करें।
त्योहारों के दौरान स्टेशन पर सामान्य दिनों से कुछ पहले पहुंचें।
बुजुर्ग या दिव्यांग यात्री के साथ जा रहे हैं, तो जरूरत पड़ने पर स्टेशन स्टाफ से सहायता मांगें।
बिना यात्रा टिकट के केवल किसी को छोड़ने या लेने के लिए प्लेटफॉर्म पर जाने से पहले स्थानीय नियमों की पुष्टि करें।
निजी सामान को निर्धारित लगेज नियमों के अनुसार ही कोच में ले जाएं।
स्पेशल ट्रेन की तारीख, समय और स्टॉपेज की पुष्टि यात्रा वाले दिन भी करें।
नहीं। प्लेटफॉर्म टिकट की बिक्री रोकने का उद्देश्य उन लोगों की संख्या कम करना है जो केवल किसी यात्री को छोड़ने या लेने के लिए प्लेटफॉर्म पर आते हैं।
जिन यात्रियों के पास वैध ट्रेन टिकट या यात्रा पास है, उनकी यात्रा इस प्रतिबंध से प्रभावित नहीं होती। उन्हें अपने निर्धारित प्लेटफॉर्म पर जाकर ट्रेन पकड़ने की अनुमति रहेगी।
हालांकि, त्योहारों के दौरान स्टेशन पर भीड़ अधिक हो सकती है। इसलिए यात्रियों को अपने कोच और प्लेटफॉर्म की जानकारी पहले से देखनी चाहिए और रेलवे कर्मचारियों के निर्देशों का पालन करना चाहिए।
प्लेटफॉर्म टिकट एक ऐसा टिकट है, जिसे कोई व्यक्ति ट्रेन में सफर किए बिना रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर प्रवेश करने के लिए खरीदता है। आमतौर पर इसका इस्तेमाल किसी यात्री को ट्रेन में बैठाने या स्टेशन से लेने जाने के लिए किया जाता है।
रेलवे के नियमों के अनुसार प्लेटफॉर्म पर प्रवेश के लिए वैध यात्रा टिकट, प्लेटफॉर्म टिकट या अन्य अधिकृत अनुमति की जरूरत होती है। प्लेटफॉर्म टिकट की उपलब्धता और बिक्री स्थानीय रेलवे प्रशासन के फैसले पर निर्भर करती है।
त्योहारों के दौरान जब प्लेटफॉर्म पर भीड़ बढ़ जाती है, तब रेलवे अस्थायी रूप से प्लेटफॉर्म टिकट की बिक्री रोक सकता है। इसका उद्देश्य प्लेटफॉर्म पर जगह उपलब्ध रखना और यात्रियों की आवाजाही को सुरक्षित बनाना है।
दिवाली और छठ जैसे बड़े त्योहारों के दौरान लाखों लोग अपने घरों की ओर यात्रा करते हैं। ऐसे समय में स्टेशन पर केवल ट्रेन पकड़ने वाले यात्री ही नहीं, बल्कि उन्हें छोड़ने और लेने आने वाले रिश्तेदारों की संख्या भी बढ़ जाती है।
इससे प्लेटफॉर्म, प्रवेश द्वार, फुटओवर ब्रिज और टिकट जांच वाले क्षेत्रों में भीड़ बढ़ सकती है। रेलवे का मानना है कि प्लेटफॉर्म टिकटों की बिक्री अस्थायी रूप से रोकने से गैर-यात्री लोगों की संख्या कम होगी और वास्तविक यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने-उतरने के लिए ज्यादा जगह मिलेगी।
रेलवे बोर्ड के नियमों में भी त्योहारों और पीक रश के समय स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर प्लेटफॉर्म टिकटों की बिक्री रोकने का प्रावधान है।
अगर आप नवंबर में दिवाली, भाई दूज या छठ पूजा के आसपास ट्रेन से यात्रा करने वाले हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें:
ट्रेन का टिकट और PNR पहले से चेक करें।
प्लेटफॉर्म टिकट बंद होने वाले स्टेशनों पर केवल विदाई या स्वागत के लिए जाने से बचें।
बुजुर्ग, बीमार या दिव्यांग यात्री के साथ यात्रा कर रहे हैं, तो स्टेशन स्टाफ से सहायता लें।
पार्सल भेजने से पहले संबंधित स्टेशन पर बुकिंग और लोडिंग की उपलब्धता पता करें।
स्टेशन पर भीड़ होने पर फुटओवर ब्रिज और प्रवेश-निकास के रास्तों पर धक्का-मुक्की न करें।
ट्रेन के कोच और प्लेटफॉर्म की जानकारी रेलवे के आधिकारिक माध्यमों से जांचें।
दिवाली और छठ पूजा के दौरान बढ़ती यात्रियों की भीड़ को देखते हुए रेलवे ने दिल्ली-NCR, मुंबई और गुजरात के कई प्रमुख स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म टिकट बिक्री अस्थायी रूप से बंद की है। दिल्ली के छह स्टेशनों पर यह रोक 14 नवंबर तक, जबकि पश्चिम और मध्य रेलवे के चिन्हित स्टेशनों पर 15 नवंबर तक लागू है।
भोपाल और मध्य प्रदेश के यात्रियों के लिए फिलहाल दिल्ली वाला प्लेटफॉर्म टिकट प्रतिबंध लागू होने की सूचना नहीं है। हालांकि, त्योहारों के दौरान भोपाल मंडल के स्टेशनों पर भी भीड़ बढ़ सकती है। इसलिए यात्रा से पहले ट्रेन का स्टेटस, प्लेटफॉर्म और स्थानीय स्टेशन नियम जरूर जांचें।