बिहार के CM सम्राट चौधरी के ‘क्राइम हो सकता है, अपराध नहीं’ बयान पर विवाद छिड़ गया है। तेजस्वी यादव ने तंज कसा, सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़ आई और बहस तेज हुई।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का एक बयान इन दिनों चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने दावा किया कि बिहार में अपराध का कॉन्सेप्ट खत्म हो चुका है और राज्य में 'क्राइम' हो सकता है, लेकिन 'अपराध' नहीं। मुख्यमंत्री का यह बयान 3 नवंबर 2026 को दिल्ली में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान सामने आया। इसके बाद सोशल मीडिया पर उनका वीडियो वायरल हो गया और लोग इस बयान के शब्दों को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देने लगे।
मामले ने तब और राजनीतिक तूल पकड़ लिया, जब राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री का वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट X पर साझा कर उन पर तीखा हमला बोला।
दरअसल, 3 नवंबर को नई दिल्ली में बिहार सरकार और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मौजूद थे।
यह समझौता बिहार की नदियों और जलाशयों से वैज्ञानिक तरीके से गाद निकालने तथा निकाली गई गाद का इस्तेमाल राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण में करने से जुड़ा है। इस पहल को 'नदी संजीवनी' नाम दिया गया है।
इसी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार की कानून-व्यवस्था का जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि बिहार में अपराध का कॉन्सेप्ट ही खत्म हो गया है। उनके बयान का सबसे ज्यादा चर्चा में आया हिस्सा था कि राज्य में 'क्राइम' हो सकता है, लेकिन 'अपराध' नहीं।
मुख्यमंत्री के इस कथन का वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई। लोगों ने सवाल उठाया कि जब क्राइम और अपराध का अर्थ एक ही है, तो दोनों के बीच इस तरह का अंतर कैसे किया जा सकता है?
बिहार में “𝐂𝐫𝐢𝐦𝐞” हो सकता है “अपराध” नहीं! मेरे प्यारे देशवासियों, ये बात 𝟕 हत्याओं का आरोपी नमूना मोदी जी द्वारा चयनित मुख्यमंत्री कह रहा है। मंच पर बैठे 𝐈𝐀𝐒/𝐈𝐏𝐒 इनके साथ काम करने पर अपने आपको सम्मानित समझ रहे है या अपमानित? क्या श्री नरेन्द्र मोदी जी ने इस आदमी के हाथों बिहार को बर्बाद कराने की सुपारी ले रखी है?
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) November 3, 2026
मुख्यमंत्री के बयान पर आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने बिना देर किए प्रतिक्रिया दी। उन्होंने X पर वीडियो साझा करते हुए सम्राट चौधरी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा।
तेजस्वी यादव ने तंज कसते हुए लिखा कि बिहार में 'Crime' हो सकता है, लेकिन 'अपराध' नहीं!
उन्होंने मुख्यमंत्री को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा चुना गया मुख्यमंत्री बताते हुए उन पर सात हत्याओं के मामलों में आरोपी होने का आरोप भी लगाया।
तेजस्वी ने मंच पर मौजूद IAS और IPS अधिकारियों को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि मुख्यमंत्री के साथ मंच साझा करने वाले वरिष्ठ अधिकारी उनके साथ काम करके खुद को सम्मानित महसूस करते हैं या अपमानित?
इतना ही नहीं, तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री मोदी पर भी कटाक्ष किया और सवाल किया कि क्या उन्होंने सम्राट चौधरी के हाथों बिहार को बर्बाद कराने की सुपारी ले रखी है?
हालांकि, सात हत्याओं से जुड़ा दावा तेजस्वी यादव का राजनीतिक आरोप है। इसे किसी न्यायिक रूप से सिद्ध तथ्य के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
सम्राट चौधरी का बयान सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने भी जमकर प्रतिक्रिया दी। कई लोगों ने मुख्यमंत्री के शब्दों पर सवाल उठाए, तो कुछ ने इसे मजाक का विषय बना दिया।
एक यूजर ने तंज कसते हुए लिखा कि बिहार में क्राइम और अपराध शायद दो अलग-अलग चीजें हैं।
वहीं, एक अन्य यूजर ने मुख्यमंत्री के बयान को दोहराते हुए लिखा कि क्राइम हो सकता है, लेकिन अपराध नहीं। कुछ लोगों ने इसे बिहार की कानून-व्यवस्था से जोड़कर सरकार पर निशाना साधा।
सोशल मीडिया पर 'Crime and Apradh are different' जैसी टिप्पणियां भी देखने को मिलीं।
हालांकि, इन प्रतिक्रियाओं को पूरे बिहार या सभी सोशल मीडिया यूजर्स की राय नहीं माना जा सकता, लेकिन इतना साफ है कि मुख्यमंत्री के इस बयान ने ऑनलाइन राजनीतिक बहस को जरूर तेज कर दिया है।
बिहार में कानून-व्यवस्था हमेशा से एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा रही है। राज्य में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच अपराध, पुलिस प्रशासन और आम लोगों की सुरक्षा को लेकर अक्सर बयानबाजी होती रहती है।
तेजस्वी यादव लगातार मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार को कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर घेरते रहे हैं। आरजेडी का आरोप है कि राज्य में आपराधिक घटनाओं पर सरकार का नियंत्रण कमजोर है।
दूसरी तरफ, मुख्यमंत्री का यह बयान विपक्ष को सरकार पर हमला करने का एक नया मौका दे गया है।
बेशक किसी भी राज्य में अपराध को लेकर सरकार के दावों की जांच आधिकारिक आंकड़ों, पुलिस कार्रवाई और जमीनी हालात के आधार पर होनी चाहिए। केवल एक बयान से कानून-व्यवस्था की पूरी तस्वीर सामने नहीं आती।
लेकिन जब मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बैठा व्यक्ति अपराध को लेकर ऐसी शब्दावली का इस्तेमाल करता है, तो उसके बयान का स्पष्ट होना भी उतना ही जरूरी है।
दिल्ली में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बिहार में बाढ़ और नदियों में जमा गाद की समस्या से निपटने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के बीच सहयोग बढ़ाना था।
नितिन गडकरी की मौजूदगी में बिहार सरकार और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के बीच 'नदी संजीवनी' पहल के तहत समझौता हुआ।
इस योजना के तहत नदियों और जलाशयों से वैज्ञानिक तरीके से गाद निकाली जाएगी। इसके बाद उपयुक्त सामग्री का इस्तेमाल राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि इससे नदियों की जलधारण क्षमता बेहतर करने, जल निकासी में सुधार लाने और बाढ़ के खतरे को कम करने में मदद मिल सकती है।
लेकिन जिस कार्यक्रम में बिहार के विकास और बाढ़ प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होनी थी, वहां मुख्यमंत्री का 'क्राइम और अपराध' वाला बयान राजनीतिक चर्चा का सबसे बड़ा विषय बन गया।
सम्राट चौधरी के 'क्राइम हो सकता है, अपराध नहीं' वाले बयान ने बिहार की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। विपक्ष इसे मुख्यमंत्री की भाषा और राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाने का मौका मान रहा है, जबकि सोशल मीडिया पर लोग इस कथन का मजाक बना रहे हैं।
अब देखने वाली बात होगी कि मुख्यमंत्री इस बयान पर कोई स्पष्टीकरण देते हैं या नहीं। फिलहाल, बिहार की राजनीति में विकास से जुड़ा 'नदी संजीवनी' समझौता पीछे छूट गया है और 'क्राइम बनाम अपराध' की बहस सुर्खियों में है।
डिस्क्लेमर: इस खबर में तेजस्वी यादव की सोशल मीडिया पोस्ट और राजनीतिक आरोपों का उल्लेख किया गया है। आरोपों को स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।