US Election Results 2026: अमेरिका के मिडटर्म चुनावों में डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। डेमोक्रेटिक पार्टी ने अमेरिकी संसद के दोनों सदनों यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट में बहुमत हासिल कर लिया है। सबसे ज्यादा चर्चा टेक्सास और कंसास जैसे पारंपरिक रिपब्लिकन राज्यों में डेमोक्रेट्स की जीत की हो रही है।

US Election Results 2026: अमेरिका के मिडटर्म चुनावों में डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। डेमोक्रेटिक पार्टी ने अमेरिकी संसद के दोनों सदनों यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट में बहुमत हासिल कर लिया है। सबसे ज्यादा चर्चा टेक्सास और कंसास जैसे पारंपरिक रिपब्लिकन राज्यों में डेमोक्रेट्स की जीत की हो रही है।
टेक्सास में डेमोक्रेट्स ने 1988 के बाद पहली बार अमेरिकी सीनेट की सीट जीती है, जबकि कंसास में करीब 94 साल बाद किसी डेमोक्रेट उम्मीदवार ने सीनेट चुनाव में जीत दर्ज की है। वहीं मिशिगन में अब्दुल एल-सayed (Abdul El-Sayed) ने रिपब्लिकन उम्मीदवार माइक रोजर्स को हराकर इतिहास रच दिया है। वह अमेरिकी सीनेट में पहुंचने वाले पहले मुस्लिम सांसद बनेंगे।
चुनावी नतीजों के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वह खुद चुनाव में उम्मीदवार नहीं थे और अगर उनका नाम बैलेट पर होता तो रिपब्लिकन पार्टी बड़े अंतर से जीतती।
टेक्सास के चुनावी नतीजे इस बार सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। रिपब्लिकन पार्टी के मजबूत गढ़ माने जाने वाले इस राज्य में डेमोक्रेट उम्मीदवार जेम्स टालारिको (James Talarico) ने रिपब्लिकन उम्मीदवार केन पैक्सटन (Ken Paxton) को हरा दिया।
इस जीत के साथ टालारिको 1988 के बाद टेक्सास से अमेरिकी सीनेट में पहुंचने वाले पहले डेमोक्रेट बन गए हैं।
इससे पहले 1988 में लॉयड बेंटसन ने टेक्सास से सीनेट चुनाव जीता था। यानी लगभग 38 साल बाद राज्य में डेमोक्रेट्स ने यह सीट अपने नाम की है।
टालारिको की जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में टेक्सास में डोनाल्ड ट्रंप को करीब 14 प्रतिशत अंकों की बढ़त मिली थी। इस बार सीनेट चुनाव के नतीजे बिल्कुल अलग रहे।
कंसास में भी डेमोक्रेटिक पार्टी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। डेमोक्रेट उम्मीदवार एडम हैमिल्टन (Adam Hamilton) ने रिपब्लिकन सीनेटर रोजर मार्शल (Roger Marshall) को चुनाव में हरा दिया।
इस जीत के साथ कंसास में 1932 के बाद पहली बार किसी डेमोक्रेट ने अमेरिकी सीनेट का चुनाव जीता है।
यहां एक खास तथ्य समझना जरूरी है। सोशल मीडिया पर इस जीत को 100 साल बाद मिली सफलता बताया जा रहा है, लेकिन ऐतिहासिक रिकॉर्ड के मुताबिक पिछली डेमोक्रेटिक सीनेट जीत 1932 में हुई थी। इसलिए सही अंतर करीब 94 साल है।
एडम हैमिल्टन यूनाइटेड मेथोडिस्ट चर्च के पादरी हैं और अमेरिका के सबसे बड़े यूनाइटेड मेथोडिस्ट चर्च का नेतृत्व करते हैं। उनकी जीत ने कंसास की लंबे समय से चली आ रही रिपब्लिकन सीनेट पकड़ को समाप्त कर दिया है।
मिशिगन का चुनाव भी इन मिडटर्म नतीजों की सबसे बड़ी खबरों में शामिल है। डेमोक्रेट उम्मीदवार अब्दुल एल-सayed ने रिपब्लिकन उम्मीदवार और पूर्व सांसद माइक रोजर्स (Mike Rogers) को हराकर अमेरिकी राजनीति में इतिहास रच दिया है।
42 वर्षीय अब्दुल एल-सayed मिशिगन के पूर्व सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारी रह चुके हैं। वह मिस्र से अमेरिका आए प्रवासी माता-पिता के बेटे हैं।
उनकी जीत के साथ वह अमेरिकी सीनेट में पहुंचने वाले देश के पहले मुस्लिम सांसद बनेंगे। इससे पहले अमेरिका की सीनेट में कोई मुस्लिम सदस्य निर्वाचित नहीं हुआ था।
चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने आम परिवारों की आर्थिक परेशानियों, स्वास्थ्य सेवाओं और राजनीति में कॉरपोरेट कंपनियों के प्रभाव को कम करने जैसे मुद्दों पर जोर दिया था।
उनके एजेंडे में Medicare for All यानी सभी नागरिकों के लिए सरकारी वित्तपोषण वाली स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था भी शामिल थी।
मिशिगन की यह जीत डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रगतिशील धड़े के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को मिली हार के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रतिक्रिया भी चर्चा में आ गई है।
ABC News की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि अगर वह खुद चुनाव में उम्मीदवार होते तो रिपब्लिकन पार्टी भारी अंतर से जीतती।
उन्होंने लिखा:
"I wasn't on the Ballot and if I was, we would have won IN A LANDSLIDE!"
यानी, 'मैं बैलेट पर नहीं था और अगर होता तो हम भारी अंतर से जीतते।'
इसके बाद ट्रंप ने Politico से फोन पर बातचीत में भी चुनावी नतीजों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि रिपब्लिकन पार्टी मतदाताओं को अपने पक्ष में लाने में सफल नहीं रही और कई जगह मतदाताओं को उम्मीदवार पसंद नहीं आए।
उन्होंने कहा, "I wasn't on the ballot, and we didn't get the people out."
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अगर वह खुद चुनाव में होते तो नतीजे अलग होते।
अमेरिकी संसद के दोनों सदनों में डेमोक्रेट्स को बहुमत मिलने के बाद ट्रंप प्रशासन के सामने नई राजनीतिक चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं।
अमेरिका में कांग्रेस के दो सदन होते हैं:
House of Representatives: यहां 435 निर्वाचित सदस्य होते हैं। बजट, टैक्स और कई विधायी प्रस्तावों में इस सदन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
Senate: इसमें 100 सदस्य होते हैं। यह सरकारी नियुक्तियों, अंतरराष्ट्रीय संधियों और कानून बनाने की प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाता है।
अब दोनों सदनों में डेमोक्रेट्स का नियंत्रण होने से ट्रंप प्रशासन के प्रस्तावों को मंजूरी दिलाना मुश्किल हो सकता है।
इसके अलावा कांग्रेस की समितियां प्रशासन के फैसलों की जांच कर सकती हैं, अधिकारियों को सुनवाई के लिए बुला सकती हैं और सरकारी कामकाज पर निगरानी बढ़ा सकती हैं।
हालांकि, राष्ट्रपति के पास कानूनों पर वीटो लगाने का अधिकार बना रहेगा। इसलिए सत्ता का यह बदलाव अमेरिकी राजनीति में विधायी टकराव और बातचीत दोनों को महत्वपूर्ण बना सकता है।
|
चुनाव और राज्य |
नतीजा |
|---|---|
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अमेरिकी हाउस |
डेमोक्रेट्स को बहुमत |
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अमेरिकी सीनेट |
डेमोक्रेट्स को बहुमत |
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टेक्सास |
जेम्स टालारिको की जीत |
|
कंसास |
एडम हैमिल्टन की जीत |
|
मिशिगन |
अब्दुल एल-सayed की जीत |
|
साउथ कैरोलिना |
डेमोक्रेट्स ने सीनेट सीट जीती |
|
ओहायो |
डेमोक्रेट शेरोड ब्राउन की वापसी |
1. अमेरिका के 2026 मिडटर्म चुनाव में किस पार्टी की जीत हुई?
डेमोक्रेटिक पार्टी ने अमेरिकी संसद के दोनों सदनों यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट में बहुमत हासिल किया है।
2. क्या डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी ने दोनों सदनों का नियंत्रण खो दिया है?
हां, 2026 के मिडटर्म चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी ने दोनों सदनों में अपना बहुमत गंवा दिया है।
3. टेक्सास में 38 साल बाद किस पार्टी ने सीनेट सीट जीती?
डेमोक्रेट उम्मीदवार जेम्स टालारिको ने रिपब्लिकन केन पैक्सटन को हराकर टेक्सास की सीनेट सीट जीती। 1988 के बाद यह राज्य में डेमोक्रेट्स की पहली सीनेट जीत है।
4. कंसास में 94 साल बाद किसने चुनाव जीता?
डेमोक्रेट उम्मीदवार एडम हैमिल्टन ने रिपब्लिकन सीनेटर रोजर मार्शल को हराया। कंसास में पिछली डेमोक्रेटिक सीनेट जीत 1932 में हुई थी।
5. अब्दुल एल-सayed कौन हैं और उन्होंने क्या इतिहास बनाया?
अब्दुल एल-सayed मिशिगन के पूर्व सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारी हैं। उन्होंने सीनेट चुनाव में माइक रोजर्स को हराया और अमेरिकी सीनेट में निर्वाचित होने वाले पहले मुस्लिम व्यक्ति बने।
6. डोनाल्ड ट्रंप ने चुनावी हार पर क्या कहा?
ट्रंप ने कहा कि वह चुनाव में बैलेट पर नहीं थे और अगर होते तो रिपब्लिकन पार्टी भारी अंतर से जीतती।
7. अमेरिका में मिडटर्म चुनाव क्या होते हैं?
अमेरिका में राष्ट्रपति के चार साल के कार्यकाल के बीच यानी लगभग दो साल बाद होने वाले कांग्रेस चुनावों को मिडटर्म इलेक्शन कहा जाता है। इसमें हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की सभी 435 सीटों और सीनेट की लगभग एक-तिहाई सीटों पर चुनाव होता है।
3 नवंबर 2026 को अमेरिका में हुए मिडटर्म चुनावों के नतीजों ने देश की राजनीति की तस्वीर बदल दी है। एसोसिएटेड प्रेस (AP) की रिपोर्ट के अनुसार, डेमोक्रेटिक पार्टी ने हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट दोनों में बहुमत हासिल कर लिया है।
इससे पहले दोनों सदनों में रिपब्लिकन पार्टी का नियंत्रण था। अब डेमोक्रेट्स को कांग्रेस में बहुमत मिलने के बाद ट्रंप प्रशासन के लिए अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाना पहले से ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
इन चुनावों में डेमोक्रेट्स ने टेक्सास, कंसास, आयोवा, ओहायो, नॉर्थ कैरोलिना, मेन और साउथ कैरोलिना जैसे राज्यों में सीनेट की सीटें अपने नाम कीं।
हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में भी डेमोक्रेट्स ने दो दर्जन से अधिक सीटों पर बढ़त बनाकर बहुमत हासिल किया।
टेक्सास के चुनावी नतीजे इस बार सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। रिपब्लिकन पार्टी के मजबूत गढ़ माने जाने वाले इस राज्य में डेमोक्रेट उम्मीदवार जेम्स टालारिको (James Talarico) ने रिपब्लिकन उम्मीदवार केन पैक्सटन (Ken Paxton) को हरा दिया।
इस जीत के साथ टालारिको 1988 के बाद टेक्सास से अमेरिकी सीनेट में पहुंचने वाले पहले डेमोक्रेट बन गए हैं।
इससे पहले 1988 में लॉयड बेंटसन ने टेक्सास से सीनेट चुनाव जीता था। यानी लगभग 38 साल बाद राज्य में डेमोक्रेट्स ने यह सीट अपने नाम की है।
टालारिको की जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में टेक्सास में डोनाल्ड ट्रंप को करीब 14 प्रतिशत अंकों की बढ़त मिली थी। इस बार सीनेट चुनाव के नतीजे बिल्कुल अलग रहे।
कंसास में भी डेमोक्रेटिक पार्टी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। डेमोक्रेट उम्मीदवार एडम हैमिल्टन (Adam Hamilton) ने रिपब्लिकन सीनेटर रोजर मार्शल (Roger Marshall) को चुनाव में हरा दिया।
इस जीत के साथ कंसास में 1932 के बाद पहली बार किसी डेमोक्रेट ने अमेरिकी सीनेट का चुनाव जीता है।
यहां एक खास तथ्य समझना जरूरी है। सोशल मीडिया पर इस जीत को 100 साल बाद मिली सफलता बताया जा रहा है, लेकिन ऐतिहासिक रिकॉर्ड के मुताबिक पिछली डेमोक्रेटिक सीनेट जीत 1932 में हुई थी। इसलिए सही अंतर करीब 94 साल है।
एडम हैमिल्टन यूनाइटेड मेथोडिस्ट चर्च के पादरी हैं और अमेरिका के सबसे बड़े यूनाइटेड मेथोडिस्ट चर्च का नेतृत्व करते हैं। उनकी जीत ने कंसास की लंबे समय से चली आ रही रिपब्लिकन सीनेट पकड़ को समाप्त कर दिया है।
मिशिगन का चुनाव भी इन मिडटर्म नतीजों की सबसे बड़ी खबरों में शामिल है। डेमोक्रेट उम्मीदवार अब्दुल एल-सayed ने रिपब्लिकन उम्मीदवार और पूर्व सांसद माइक रोजर्स (Mike Rogers) को हराकर अमेरिकी राजनीति में इतिहास रच दिया है।
42 वर्षीय अब्दुल एल-सayed मिशिगन के पूर्व सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारी रह चुके हैं। वह मिस्र से अमेरिका आए प्रवासी माता-पिता के बेटे हैं।
उनकी जीत के साथ वह अमेरिकी सीनेट में पहुंचने वाले देश के पहले मुस्लिम सांसद बनेंगे। इससे पहले अमेरिका की सीनेट में कोई मुस्लिम सदस्य निर्वाचित नहीं हुआ था।
चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने आम परिवारों की आर्थिक परेशानियों, स्वास्थ्य सेवाओं और राजनीति में कॉरपोरेट कंपनियों के प्रभाव को कम करने जैसे मुद्दों पर जोर दिया था।
उनके एजेंडे में Medicare for All यानी सभी नागरिकों के लिए सरकारी वित्तपोषण वाली स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था भी शामिल थी।
मिशिगन की यह जीत डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रगतिशील धड़े के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को मिली हार के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रतिक्रिया भी चर्चा में आ गई है।
ABC News की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि अगर वह खुद चुनाव में उम्मीदवार होते तो रिपब्लिकन पार्टी भारी अंतर से जीतती।
उन्होंने लिखा:
"I wasn't on the Ballot and if I was, we would have won IN A LANDSLIDE!"
यानी, 'मैं बैलेट पर नहीं था और अगर होता तो हम भारी अंतर से जीतते।'
इसके बाद ट्रंप ने Politico से फोन पर बातचीत में भी चुनावी नतीजों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि रिपब्लिकन पार्टी मतदाताओं को अपने पक्ष में लाने में सफल नहीं रही और कई जगह मतदाताओं को उम्मीदवार पसंद नहीं आए।
उन्होंने कहा, "I wasn't on the ballot, and we didn't get the people out."
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अगर वह खुद चुनाव में होते तो नतीजे अलग होते।
अमेरिकी संसद के दोनों सदनों में डेमोक्रेट्स को बहुमत मिलने के बाद ट्रंप प्रशासन के सामने नई राजनीतिक चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं।
अमेरिका में कांग्रेस के दो सदन होते हैं:
House of Representatives: यहां 435 निर्वाचित सदस्य होते हैं। बजट, टैक्स और कई विधायी प्रस्तावों में इस सदन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
Senate: इसमें 100 सदस्य होते हैं। यह सरकारी नियुक्तियों, अंतरराष्ट्रीय संधियों और कानून बनाने की प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाता है।
अब दोनों सदनों में डेमोक्रेट्स का नियंत्रण होने से ट्रंप प्रशासन के प्रस्तावों को मंजूरी दिलाना मुश्किल हो सकता है।
इसके अलावा कांग्रेस की समितियां प्रशासन के फैसलों की जांच कर सकती हैं, अधिकारियों को सुनवाई के लिए बुला सकती हैं और सरकारी कामकाज पर निगरानी बढ़ा सकती हैं।
हालांकि, राष्ट्रपति के पास कानूनों पर वीटो लगाने का अधिकार बना रहेगा। इसलिए सत्ता का यह बदलाव अमेरिकी राजनीति में विधायी टकराव और बातचीत दोनों को महत्वपूर्ण बना सकता है।
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चुनाव और राज्य |
नतीजा |
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अमेरिकी हाउस |
डेमोक्रेट्स को बहुमत |
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अमेरिकी सीनेट |
डेमोक्रेट्स को बहुमत |
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टेक्सास |
जेम्स टालारिको की जीत |
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कंसास |
एडम हैमिल्टन की जीत |
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मिशिगन |
अब्दुल एल-सayed की जीत |
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साउथ कैरोलिना |
डेमोक्रेट्स ने सीनेट सीट जीती |
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ओहायो |
डेमोक्रेट शेरोड ब्राउन की वापसी |
1. अमेरिका के 2026 मिडटर्म चुनाव में किस पार्टी की जीत हुई?
डेमोक्रेटिक पार्टी ने अमेरिकी संसद के दोनों सदनों यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट में बहुमत हासिल किया है।
2. क्या डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी ने दोनों सदनों का नियंत्रण खो दिया है?
हां, 2026 के मिडटर्म चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी ने दोनों सदनों में अपना बहुमत गंवा दिया है।
3. टेक्सास में 38 साल बाद किस पार्टी ने सीनेट सीट जीती?
डेमोक्रेट उम्मीदवार जेम्स टालारिको ने रिपब्लिकन केन पैक्सटन को हराकर टेक्सास की सीनेट सीट जीती। 1988 के बाद यह राज्य में डेमोक्रेट्स की पहली सीनेट जीत है।
4. कंसास में 94 साल बाद किसने चुनाव जीता?
डेमोक्रेट उम्मीदवार एडम हैमिल्टन ने रिपब्लिकन सीनेटर रोजर मार्शल को हराया। कंसास में पिछली डेमोक्रेटिक सीनेट जीत 1932 में हुई थी।
5. अब्दुल एल-सayed कौन हैं और उन्होंने क्या इतिहास बनाया?
अब्दुल एल-सayed मिशिगन के पूर्व सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारी हैं। उन्होंने सीनेट चुनाव में माइक रोजर्स को हराया और अमेरिकी सीनेट में निर्वाचित होने वाले पहले मुस्लिम व्यक्ति बने।
6. डोनाल्ड ट्रंप ने चुनावी हार पर क्या कहा?
ट्रंप ने कहा कि वह चुनाव में बैलेट पर नहीं थे और अगर होते तो रिपब्लिकन पार्टी भारी अंतर से जीतती।
7. अमेरिका में मिडटर्म चुनाव क्या होते हैं?
अमेरिका में राष्ट्रपति के चार साल के कार्यकाल के बीच यानी लगभग दो साल बाद होने वाले कांग्रेस चुनावों को मिडटर्म इलेक्शन कहा जाता है। इसमें हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की सभी 435 सीटों और सीनेट की लगभग एक-तिहाई सीटों पर चुनाव होता है।