Janhvi Kapoor AI video विवाद में ‘Chuttamalle’ का डीपफेक वायरल हुआ। जान्हवी और Jr NTR ने कड़ी निंदा की; जानें दिल्ली हाई कोर्ट और भारतीय कानून क्या कहते हैं।

किसी महिला की तस्वीर और वीडियो को उसकी मर्जी के बिना अश्लील रूप देना सिर्फ इंटरनेट पर की गई शरारत नहीं है, बल्कि उसकी गरिमा, निजता और पहचान पर सीधा हमला है। बॉलीवुड अभिनेत्री जान्हवी कपूर के साथ हुई एक ऐसी ही घटना ने अक्टूबर 2026 में सोशल मीडिया पर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया।
दरअसल, Janhvi Kapoor AI video विवाद उस समय सामने आया, जब अभिनेत्री और साउथ सुपरस्टार Jr NTR के लोकप्रिय गाने 'Chuttamalle' के फुटेज को AI की मदद से बदलकर एक आपत्तिजनक वीडियो तैयार किया गया। यह गाना साल 2024 में रिलीज हुई फिल्म 'Devara: Part 1' का हिस्सा था।
मूल गाने में जान्हवी कपूर और Jr NTR नजर आए थे। लेकिन वायरल हुए मॉर्फ्ड वीडियो में जान्हवी की असली फुटेज को बदलकर एक काल्पनिक और अश्लील दृश्य के रूप में पेश किया गया। वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और Instagram पर फैलने लगा।
मामले ने तब और गंभीर रूप ले लिया, जब फिल्म इंडस्ट्री के कलाकारों ने इस तरह की हरकत के खिलाफ आवाज उठाई। Jr NTR ने खुले तौर पर नाराजगी जताई और वीडियो बनाने तथा फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी।
Jr NTR ने 3 अक्टूबर 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने AI तकनीक के ऐसे इस्तेमाल को बेहद शर्मनाक बताया।
अभिनेता ने अपने पोस्ट की शुरुआत 'Disgusting, Sick and Shameless' शब्दों से की। उनका कहना था कि जिस समाज में महिलाओं को मां और देवी का दर्जा दिया जाता है, उसी समाज में AI का इस्तेमाल करके किसी महिला को अपमानित करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने वीडियो बनाने वालों के साथ-साथ उसे सोशल मीडिया पर फैलाने वाले लोगों को भी चेतावनी दी।
Jr NTR ने साफ कहा कि वह इस मामले में हर संभव कानूनी कार्रवाई करेंगे। उन्होंने केंद्र सरकार और राज्य सरकारों से भी AI के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए सख्त नियम बनाने की अपील की।
अभिनेता ने लोगों से यह भी कहा कि ऐसे वीडियो को न देखें, न डाउनलोड करें और न ही शेयर करें। क्योंकि किसी भी व्यक्ति की तस्वीर या पहचान का इस तरह दुरुपयोग किया जा सकता है।
Disgusting, Sick and Shameless. In a land that worships women as mothers and goddesses, where "Matrudevo Bhava" is not just a phrase but a part of our culture, some people have fallen so low that they are using AI to disrespect a woman in the most degrading way possible. Using AI to create something this vile is shameful beyond words. To the scumbags behind this morphed Chuttamalle video, I will not spare any of you. I will take every possible legal action against those who created it and those who are spreading it. Please do not watch, share or engage with such content. Today it is someone else. Tomorrow, it could be your mother, sister, wife or daughter. This is a serious issue, and I urge all the state governments and the Government of India to act strongly and bring in strict regulations against the misuse of AI.
— Jr NTR (@tarak9999) October 3, 2026
Jr NTR की प्रतिक्रिया के बाद जान्हवी कपूर ने भी इस घटना पर अपनी बात रखी।
5 अक्टूबर 2026 को अभिनेत्री ने Instagram Stories के जरिए AI से बनाए गए आपत्तिजनक वीडियो पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि महिलाओं को डिजिटल दुनिया में भी अपनी सुरक्षा और सम्मान के लिए लगातार संघर्ष करना पड़ रहा है।
जान्हवी के मुताबिक, किसी महिला की सहमति के बिना तकनीक का इस्तेमाल करके उसका आपत्तिजनक रूप तैयार करना और उसे इंटरनेट पर फैलाना बेहद गंभीर मामला है।
उन्होंने इस तरह की हरकत को महिलाओं के शरीर को वस्तु की तरह पेश करने वाला अपराध बताया और कहा कि यह अनुभव निजता के उल्लंघन से कहीं आगे जाकर यौन उत्पीड़न जैसा महसूस होता है।
अभिनेत्री की इस प्रतिक्रिया ने एक जरूरी सवाल खड़ा किया है। अगर किसी की असली तस्वीरों को लेकर AI से पूरी तरह काल्पनिक और अश्लील वीडियो बनाया जा सकता है, तो इंटरनेट पर आम महिलाओं की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी?
इस विवाद के बाद केवल जान्हवी और Jr NTR ही नहीं, बल्कि फिल्म इंडस्ट्री के कई दूसरे कलाकार भी सामने आए।
अभिनेता विजय देवरकोंडा ने AI के गलत इस्तेमाल की आलोचना की और ऐसे कंटेंट को बनाने तथा फैलाने वालों के खिलाफ जवाबदेही तय करने की मांग की।
वहीं, अभिनेत्री और राजनेता खुशबू सुंदर ने भी इस मामले पर नाराजगी जताई। उन्होंने महिलाओं की गरिमा और डिजिटल सुरक्षा को गंभीरता से लेने की जरूरत बताई।
साउथ फिल्म इंडस्ट्री के दिग्गज अभिनेता चिरंजीवी ने भी इस मुद्दे पर अपनी आवाज उठाई। उन्होंने डिजिटल दुर्व्यवहार के खिलाफ फिल्म इंडस्ट्री के लोगों को एकजुट होने की अपील की और साइबर क्राइम अधिकारियों के साथ मिलकर पीड़ितों की मदद के लिए व्यवस्था बनाने की बात कही।
इन प्रतिक्रियाओं से साफ है कि AI Deepfake अब केवल किसी एक अभिनेत्री या फिल्म स्टार की समस्या नहीं रह गया है। यह पूरी डिजिटल दुनिया के लिए एक गंभीर चुनौती बनता जा रहा है।

Janhvi Kapoor AI video विवाद के बीच अभिनेत्री की पहचान और तस्वीरों के कथित दुरुपयोग को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में चल रहा एक अलग कानूनी मामला भी चर्चा में है।
जान्हवी कपूर ने अगस्त 2026 में अपनी पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया अकाउंट उनकी तस्वीरों, नाम, पहचान और डिजिटल छवि का बिना अनुमति इस्तेमाल कर रहे हैं।
इस मामले में हजारों URL अदालत के सामने रखे गए थे। इनमें अश्लील AI-generated तस्वीरें, फर्जी अकाउंट, पहचान का गलत इस्तेमाल और उनके नाम या तस्वीरों से जुड़े व्यावसायिक कंटेंट शामिल थे।
11 अगस्त 2026 को अदालत ने इस मामले में एक महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश दिया। अदालत ने 6,884 URL पर एक साथ रोक लगाने की मांग को व्यापक मानते हुए सभी लिंक हटाने का blanket order देने से इनकार किया।
हालांकि, शुरुआती जांच में 552 URL पर मौजूद सामग्री को स्पष्ट रूप से अश्लील और आपत्तिजनक पाया गया। अदालत ने संबंधित सरकारी अधिकारियों को इन लिंक को तीन सप्ताह के भीतर हटाने का निर्देश दिया।
अदालत ने बाकी सामग्री को तीन श्रेणियों में बांटने के लिए भी कहा:
अश्लील और यौन रूप से आपत्तिजनक सामग्री।
जान्हवी की पहचान और पर्सनैलिटी राइट्स का सीधे व्यावसायिक इस्तेमाल।
उनके नाम और तस्वीरों का इस्तेमाल करके सामान या सेवाओं को बढ़ावा देना।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी फैन पेज या आलोचनात्मक पोस्ट को एक ही नजर से नहीं देखा जा सकता। किसी कलाकार की पहचान की सुरक्षा जरूरी है, लेकिन इसके साथ वैध फैन गतिविधियों, आलोचना और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का संतुलन भी बनाए रखना होगा।
ध्यान देने वाली बात यह है कि दिल्ली हाई कोर्ट का यह पर्सनैलिटी राइट्स मामला और अक्टूबर में वायरल हुआ Chuttamalle Deepfake विवाद अलग-अलग घटनाएं हैं।
AI Deepfake तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल ने भारत में डिजिटल सुरक्षा को लेकर कई कानूनी सवाल खड़े किए हैं। किसी व्यक्ति की तस्वीर, आवाज या वीडियो को उसकी अनुमति के बिना आपत्तिजनक रूप में इस्तेमाल करने पर परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग कानूनी प्रावधान लागू हो सकते हैं।
भारत में Information Technology Act, 2000 के तहत ऐसे मामलों से निपटने के लिए कई महत्वपूर्ण धाराएं मौजूद हैं।
1. IT Act की धारा 66C: किसी दूसरे व्यक्ति की डिजिटल पहचान या पहचान से जुड़ी जानकारी का धोखाधड़ी से इस्तेमाल करने पर कार्रवाई का प्रावधान है।
2. IT Act की धारा 66D: कंप्यूटर या डिजिटल माध्यम से किसी दूसरे व्यक्ति का रूप धारण करके धोखाधड़ी करने से संबंधित है।
3. IT Act की धारा 66E: किसी व्यक्ति की निजता का उल्लंघन करते हुए उसकी निजी तस्वीरों को बिना अनुमति प्रकाशित या प्रसारित करने पर लागू हो सकती है।
4. IT Act की धारा 67 और 67A: इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से अश्लील या यौन रूप से स्पष्ट सामग्री प्रकाशित अथवा प्रसारित करने से संबंधित प्रावधान हैं।
इसके अलावा, मामले की परिस्थितियों के अनुसार भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 के प्रावधान भी लागू हो सकते हैं।
Deepfake कंटेंट के खिलाफ कार्रवाई की जिम्मेदारी सिर्फ वीडियो बनाने वाले व्यक्ति तक सीमित नहीं है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।
भारत सरकार ने 2026 में IT Rules के तहत AI-generated और synthetically generated content को लेकर नियामक व्यवस्था मजबूत की है।
सरकारी जानकारी के मुताबिक, संशोधित नियमों के तहत सक्षम अदालत के आदेश या संबंधित सरकारी एजेंसी की उचित सूचना मिलने पर प्लेटफॉर्म को गैरकानूनी कंटेंट तीन घंटे के भीतर हटाना होगा।
इसका उद्देश्य ऐसे कंटेंट के तेजी से प्रसार को रोकना और पीड़ितों को जल्द राहत दिलाना है।
Janhvi Kapoor Deepfake Controversy ने दो महत्वपूर्ण कानूनी और सामाजिक मुद्दों को फिर से चर्चा में ला दिया है, Consent और Personality Rights।
Consent का सीधा मतलब है किसी व्यक्ति की स्पष्ट सहमति। किसी अभिनेत्री ने किसी फिल्म या गाने में काम किया है, इसका मतलब यह नहीं है कि कोई भी व्यक्ति उसकी तस्वीरों और वीडियो को मनचाहे तरीके से बदलकर इस्तेमाल कर सकता है।
वहीं, Personality Rights किसी व्यक्ति की पहचान, नाम, आवाज, तस्वीर और उसकी विशिष्ट छवि से जुड़े अधिकारों की सुरक्षा से संबंधित हैं।
उदाहरण के लिए, किसी कलाकार की आवाज की नकल करके फर्जी विज्ञापन बनाना, उसकी तस्वीर से अश्लील AI वीडियो तैयार करना या उसकी पहचान का इस्तेमाल करके लोगों को गुमराह करना गंभीर कानूनी सवाल पैदा कर सकता है।
यहां एक बात समझना जरूरी है कि किसी सार्वजनिक हस्ती की तस्वीर इंटरनेट पर उपलब्ध होने का अर्थ उसकी पहचान पर किसी दूसरे व्यक्ति का अधिकार होना नहीं है।
AI तकनीक ने इस समस्या को और मुश्किल बना दिया है। पहले फोटो एडिटिंग से किसी तस्वीर में बदलाव किया जाता था, लेकिन अब AI की मदद से ऐसी नकली वीडियो बनाई जा सकती हैं, जो देखने में वास्तविक लगती हैं।
इसलिए किसी वीडियो को देखकर तुरंत उस पर विश्वास करना भी सही नहीं है।
इस पूरे मामले में सबसे चिंताजनक बात केवल वीडियो बनाना नहीं, बल्कि उसका तेजी से फैलना है।
सोशल मीडिया पर अक्सर लोग किसी सनसनीखेज वीडियो को बिना जांचे दूसरे लोगों तक पहुंचा देते हैं। कई बार वे इसे सच मानकर शेयर करते हैं, तो कई बार मजाक या मनोरंजन के नाम पर आगे बढ़ाते हैं।
लेकिन जिस व्यक्ति की पहचान का इस्तेमाल हुआ है, उसके लिए इसका असर बेहद गंभीर हो सकता है।
वीडियो हटाए जाने के बाद भी उसकी कॉपी दूसरे अकाउंट, वेबसाइट या मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर मौजूद रह सकती है। इससे पीड़ित व्यक्ति को बार-बार उसी मानसिक और सामाजिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
ऐसे मामलों में केवल कंटेंट बनाने वाले को जिम्मेदार ठहराना पर्याप्त नहीं है। जानबूझकर उसे फैलाने और उसकी पहुंच बढ़ाने वालों की भूमिका भी जांच के दायरे में आनी चाहिए।

यह समस्या केवल बॉलीवुड कलाकारों तक सीमित नहीं है। आम इंटरनेट यूजर भी इसका शिकार हो सकते हैं।
अगर किसी व्यक्ति की तस्वीर या वीडियो का गलत इस्तेमाल होता है, तो उसे कुछ जरूरी कदम उठाने चाहिए:
सबसे पहले संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कंटेंट की रिपोर्ट करें।
वीडियो का URL, अकाउंट की जानकारी और उपलब्ध डिजिटल सबूत सुरक्षित रखें।
साइबर क्राइम पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
जरूरत पड़ने पर स्थानीय साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन से संपर्क करें।
आपत्तिजनक वीडियो को खुद डाउनलोड करके या दूसरे लोगों को भेजकर उसका प्रसार न करें।
गंभीर मामलों में साइबर कानून के जानकार वकील से कानूनी सलाह लें।
सबसे जरूरी बात यह है कि पीड़ित को दोषी ठहराने के बजाय उसकी मदद की जाए।
Janhvi Kapoor AI video विवाद ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि तकनीक का गलत इस्तेमाल किसी की जिंदगी, प्रतिष्ठा और मानसिक शांति को प्रभावित कर सकता है।
Jr NTR की सख्त प्रतिक्रिया और जान्हवी कपूर का खुलकर अपनी बात रखना इस मुद्दे को केवल फिल्म इंडस्ट्री तक सीमित नहीं रहने देता। यह हर उस व्यक्ति से जुड़ा सवाल है जिसकी तस्वीरें और निजी पहचान इंटरनेट पर मौजूद हैं।
AI तकनीक मनोरंजन, शिक्षा और रचनात्मकता के लिए शानदार अवसर देती है। लेकिन किसी की सहमति के बिना उसकी पहचान को अश्लील या अपमानजनक रूप में पेश करना रचनात्मकता नहीं है।
ऐसे कंटेंट को शेयर करने से बचना और उसकी रिपोर्ट करना ही जिम्मेदार इंटरनेट इस्तेमाल का सही तरीका है। आखिरकार, डिजिटल दुनिया में भी किसी व्यक्ति की गरिमा और सहमति उतनी ही मायने रखती है जितनी वास्तविक जिंदगी में।