इस बीते साल में, कोरोना के चलते भारत प्रवासी मजदूरों पर सबसे ज्‍यादा संकट देखा गया है। लॉकडाडन में देश भर के प्रवासी श्रमिकों को शहरों से पलायन करने के लिए मजबूर होना पड़ा इस बात को कोई नकार नहीं सकता कि श्रमिकों को आजीविका के साधनों के साथ भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है। उनकी कहानियों ने न केवल हमारे दिलों को तोड़ दिया, बल्कि भारत में मौजूद कठोर असमानता और वर्ग विभाजन को भी याद दिलाया।

इन्‍हीं बातों को ध्‍यान में रखते हुए नवरात्रि के महान उत्‍सव पर कोलकाता के एक दुर्गा पूजा क्लब ने प्रवासी मजदूरों को याद करने के लिए एक मां की मूर्ति बनाई जोकि सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है।

हमने प्रवासी श्रमिकों के ऐसे कई उदाहरण देखे हैं जो अपने बच्चों को गोद में उठाकर ले जाते दिखे और तालाबंदी के दौरान सैकड़ों मील पैदल चलकर अपने घरों को लौटते दिखाई दिए। यह मूर्ति आपको उन्‍हीं की याद दिलाएगी-

शहर के बेहाला क्षेत्र के बारिशा क्लब ने इस वर्ष के उत्सव के लिए इस थीम को चुना है। वे प्रवासी कामगारों को सलाम करना चाहते हैं, खासकर ऐसी महिलाएं जो सभी बाधाओं के खिलाफ लड़ती हैं।

यह देखना बहुत अच्छा है कि लोग इस साल वास्तविक महिलाओं की अदम्य भावना की पूजा करेंगे। 

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