नासिक के स्वयंभू बाबा अशोक खरात उर्फ ‘कैप्टन’ खरात का घिनौना सच अब सिर्फ अश्लील वीडियो और ब्लैकमेलिंग तक सीमित नहीं रह गया है। इस मामले में अब देश की सबसे बड़ी वित्तीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एंट्री हो चुकी है, जिसके बाद खरात के ₹151 करोड़ से अधिक के काले साम्राज्य, भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा और अवैध प्रॉपर्टी डीलिंग का सनसनीखेज खुलासा हुआ है।
1. ₹151 करोड़ की अघोषित संपत्ति और ED का शिकंजा
अंधविश्वास और ‘सर्प दोष’ के नाम पर डराकर लोगों को लूटने वाले अशोक खरात ने करोड़ों का साम्राज्य खड़ा कर रखा था। जांच एजेंसियों के मुताबिक:
खरात की कुल घोषित और अघोषित संपत्ति ₹151 करोड़ से अधिक होने का अनुमान लगाया गया है।
ED ने खरात के बैंक लॉकर्स पर छापेमारी कर भारी मात्रा में सोना और अमेरिकी डॉलर्स (US Dollars) जब्त किए हैं, जिनकी कीमत ₹1 करोड़ से अधिक है।
खरात के नियंत्रण वाली एक को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी के 60 से अधिक बैंक खाते अब ED की रडार पर हैं, जिनमें करोड़ों का कैश संदिग्ध रूप से जमा किया गया था।
2. जेल के अंदर से भी जमीनों का खेल (Land Scam)
इस ढोंगी बाबा का दुस्साहस देखिए, पुलिस कस्टडी में होने के बावजूद इसके जमीनी घपले जारी थे। उरण (Uran) के चाणजे इलाके में, जहाँ ‘तीसरी मुंबई’ प्रोजेक्ट प्रस्तावित है, खरात ने ₹3 से ₹4 करोड़ की बाजार कीमत वाली जमीन को महज ₹58.5 लाख में हथिया लिया। चौंकाने वाली बात यह है कि जिस दिन खरात की गिरफ्तारी हुई, ठीक उसी दिन इस सौदे की नोटिस जारी हुई और जब वह जेल में था, तब प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत से इसका फेरफार (Mutation Entry) भी मंजूर कर दिया गया।


