Delhi

New Rafale Deal: सेना का बढ़ेगा दबदबा, 114 राफेल और 6 P-8I विमान खरीद को मोदी सरकार ने दी मंजूरी

New Rafale Deal
  • ऑपरेशन सिंदूर में दिखाया था दम
  • 3.25 लाख करोड़ रुपये का है रक्षा सौदा

नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना की ताकत में इजाफा होने जा रहा है। और इसके लिए मोदी सरकार ने फ्रांस से नए राफेल जेट्स (New Rafale Deal) की खरीद को मंजूरी दे दी है। पूरी दुनिया ने पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान फाइटर जेट राफेल का दम देखा था कि कैसे भारत ने पाकिस्तान पर एयर डॉमिनेंस बनाए रखा था। और पलक झपकते ही पाकिस्तान का नूर खान समेत तमाम एयरबेस पर अटैक किया था।

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में नए राफेल जेट्स (New Rafale Deal) की खरीद को मंजूरी दी गई है। परिषद ने भारतीय वायुसेना के लिए 114 राफेल लड़ाकू विमानों और नौसेना के लिए 6 P-8I पोसीडॉन समुद्री निगरानी विमानों की खरीद के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। इसे भारत की अब तक की सबसे बड़ी रक्षा खरीद योजनाओं में से एक माना जा रहा है, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 3.25 लाख करोड़ रुपये बताई गई है।

Rajnath Singh

Rajnath Singh

कितना खतरनाक है राफेल जेट?

भारत ने फ्रांस से 36 राफेल विमानों को खरीदा था, जिसकी डिलीवरी दिसंबर, 2024 में पूरी हो गई थी। ये लड़ाकू विमान IAF के 2 स्क्वाड्रनों- अंबाला में ‘गोल्डन एरोज’ और हाशिमारा में ‘फाल्कन्स’ में हैं। राफेल में घातक हथियार प्रणाली होती है। यह Meteor मिसाइल से लैस है जो हवा से हवा में मार करने वाली विश्व की सबसे उन्नत मिसाइलों में से एक है। इसकी रेंज 100 किलोमीटर से ज्यादा है।

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राफेल की SCALP और हैमर से कांपते हैं दुश्मन

राफेल में SCALP मिसाइल भी है, जो हवा से जमीन पर मार करने वाली एक तरह की क्रूज मिसाइल है, जो 300-500 किलोमीटर दूर मौजूद शत्रु के बंकरों और ठिकानों को निशाना बना सकती है। हैमर मिसाइल से भी राफेल लैस है। यह एक कम दूरी की मिसाइल है जो मजबूत ढांचों को बर्बाद करने के लिए खास रूप से डिजाइन की गई है।

 

रफाल के रडार में क्या है खासियत?

राफेल फाइटर जेट में RBE2 AESA रडार है जो एक साथ 40 टारगेट्स को ट्रैक करने में सक्षम है। इसमें SPECTRA सिस्टम भी है, जो एक ताकतवर इलेक्ट्रॉनिक सुरक्षा प्रणाली है जो जेट को दुश्मन के रडार से बचाने और खतरों को जैम करने में सहायता करता है। इसमें हेलमेट माउंटेड डिस्प्ले भी है। इसकी मदद से पायलट अपने हेलमेट से डेटा देख पाता है।

 

26 राफेल-मरीन जेट की पहले ही हो चुकी है डील

इससे पहले भारत ने अप्रैल, 2025 में 26 राफेल-मरीन जेट के लिए भी फ्रांस से सौदा किया था। ये डील 63 हजार करोड़ रुपये की थी। ये राफेल जेट विमानवाहक पोतों से उड़ने की क्षमता रखते हैं और इन्हें नेवी मिशन के लिए तैयार किया गया है। इस डील में ट्रेनिंग, हथियार, सिमुलेटर और दीर्घकालिक सहायता शामिल है। राफेल-एम को INS विक्रांत और INS विक्रमादित्य पर तैनात किया जाएगा।

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