देश के किसान एक बार फिर से MSP रेट को लेकर बड़ा मांग किया है उनका मांग यह है की धान और गेहूं का MSP रेट 4000 प्रति क्विंटल हो साथ ही सोयाबीन का MSP रेट 6000 हो किसान इस बात को लेकर सरकार पर दबाव डाल रहे है उनका कहना है की बढ़ गयी डीजल पेट्रोल की रेट पर ह...

"सोयाबीन का दाम ₹6000 चाहिए, हमें कर्ज नहीं, फसल का पूरा दाम चाहिए!"
ताकि किसानों को उत्पादन लागत से ऊपर दाम मिल सके। और अपना जीवन अच्छा से व्यतीत कर सके और परिवार को अच्छे से पाल सके और उनका घर सही से चल सके | सोयाबीन, जिसे 'यलो गोल्ड' कहा जाता है, अगर सही भाव न मिले तो किसान अगली फसल बोने की हिम्मत खो देता है।
किसानों का कहना है की अगर सरकार हमारी मांगे जल्द फैसला नहीं लिया तो यह आंदोलन काफी तेजी से बढ़ सकता है और बताया जा रहा की आने वाले दिनों में सरकार और किसानों के बीच बातचीत होने की संभावना बताई जा रही है | और बताया जा रहा है की मस्प के रेट पर कोई जानकारी सामने नहीं आया है
किसान का नैरा है फसल हमारी, दाम तुम्हारा अब नहीं चलेगा यह बंटवारा!" मांग हमारा जायज है MSP रेट बढ़ाओ | और उनका कहना है की यह भीख नहीं हमारा अधिकार है हमारी मांगे पूरी करो |
उनका कहना है जब हम बाजार से एक माचिस की डिब्बी भी खरीदते हैं, तो उसका रेट फिक्स होता है। दुकानदार अपनी मर्जी से रेट तय करता है। तो किसान की फसल का रेट तय करने का हक उसे क्यों नहीं?
सरकार को इस विषय पर गंभीर होकर सोचने की जरुरत है ताकि किसान भी खुश रह सके और देश में भी ख़ुशी बनी रहे क्योंकि कहावत है की समृद्ध किसान ही समृद्ध भारत की नींव रख सकता है। इस लिए किसानों का मांग को गंभीर से सोचना चाहिए सरकार को
और पढ़ें :PMAY-U 2.0 क्या है? जानिए 2024-2029 तक शहरी लोगों को कैसे मिलेगा सस्ता घर