Provident Fund: प्रोविडेंट फंड (PF) अकाउंट होल्डर इसमें जमा राशि पर मिलने वाले ब्याज के इंतजार में हैं। मौजूदा वित्त वर्ष के खत्म होने में अब ज्यादा वक्त नहीं बचा है, लेकिन पीएफ का ब्याज लोगों के खाते में अभी तक ट्रांसफर नहीं हुआ है। खाताधारक ट्विटर पर...
Provident Fund: प्रोविडेंट फंड (PF) अकाउंट होल्डर इसमें जमा राशि पर मिलने वाले ब्याज के इंतजार में हैं। मौजूदा वित्त वर्ष के खत्म होने में अब ज्यादा वक्त नहीं बचा है, लेकिन पीएफ का ब्याज लोगों के खाते में अभी तक ट्रांसफर नहीं हुआ है।
खाताधारक ट्विटर पर ईपीएफओ से शिकायत कर रहे हैं। ऐसी ही एक शिकायत पर EPFO ने ब्याज की राशि ट्रांसफर करने के संबंध में जबाव दिया है। बता दें कि सरकार ने मौजूदा वित्त वर्ष के लिए पीएफ पर मिलने वाले ब्याज को 8.1 फीसदी तय किया है।
खाते में जल्द आएगी रकम
ट्विटर पर जवाब देते हुए EPFO ने कहा कि ब्याज की राशि ट्रांसफर करने की प्रोसेस चलती है। ये आपके खाते में जल्दी नजर आएगी, ब्याज की रकम का पेमेंट पूरा होगा।
[caption id="attachment_26774" align="alignnone" width="1200"]

Credit- Google[/caption]
खाताधारक को कोई हानि नहीं होगी। ऐसा सुनने में आया है कि 6.5 करोड़ लोगों की प्रतीक्षा अब जल्दी ही समाप्त होने की संभावना है। PF Interest का पैसा बीते कुछ सालों से खाताधारकों को समय पर नहीं मिल पा रहा है।
पीएफ के नियमों में बदलाव
PF के नियमों में बदलाव की बात करें तो सरकार ने 1 फरवरी 2023 को देश का आम बजट पेश करते हुए EPF के पैसों की निकासी को लेकर राहत देने की घोषणा की थी।
[caption id="attachment_26770" align="alignnone" width="1365"]

Credit- Google[/caption]
नए रूल्स के मुताबिक अब पीएफ में जमा पैसों को निकालने पर TDS कटौती 30 फीसदी से घटाकर 20 फीसदी कर दी गई है। सरकार के इस फैसले से ऐसे पीएफ खाताधारकों को लाभ मिलेगा, जिनका पैन कार्ड उनके पीएफ अकाउंट में अपडेट नहीं है।
अभी तक पैन कार्ड यदि EPFO के रिकॉर्ड में नहीं होता था, तो उसे निकालने पर 30 प्रतिशत की दर से टीडीएस का भुगतान करना पड़ता था।
ब्याज दर है सबसे कम
मार्च 2022 में PF अकाउंट में जमा पर मिलने वाले ब्याज की दर को 8.5 प्रतिशत से घटाकर 8.1 प्रतिशत तक कर दिया था। यह करीब 40 साल की सबसे कम ब्याज दर है।
[caption id="attachment_26768" align="alignnone" width="1280"]

Credit- Google[/caption]
इससे पहले 1977-78 में ब्याज दर 8 प्रतिशत तय की गई थी। इसके बाद से लगातार यह 8.25 प्रतिशत या उससे ज्यादा रही। वित्त वर्ष 2018-19 में 8.65 फीसदी, 2017-18 में 8.55 प्रतिशत, 2016-17 में 8.65 फीसदी ब्याज मिलता था।
Also Read:
Manish Sisodiya की CBI रिमांड 2 दिन बढ़ी, ज़मानत की अर्जी पर 10 मार्च को होगी सुनवाई
तनख्वाह से इतनी कटौती
किसी कर्मचारी की सैलरी पर 12 प्रतिशत की कटौती EPFO अकाउंट के लिए की जाती है। एम्प्लॉयर की ओर से कर्मचारी की तनख्वाह में की गई कटौती का 8.33 फीसदी ईपीएस में, जबकि 3.67 फीसदी ईपीएफ में पहुंचता है।
[caption id="attachment_26767" align="alignnone" width="1200"]

Credit- Google[/caption]
अपने खाते में आने वाले ब्याज के पैसों के बारे में जानकारी पाने के लिए सरकार ने कई तरह के विकल्प मुहैया कराए हैं।
Also Read:
Microsoft Adds This New Feature To Bing