आज Sensex 76,604 और Nifty 23,937 पर खुला। Asian markets की तेजी, Private Capex में 97% उछाल, Bond Yields का डर और Gold की रिकवरी — पूरा बाजार अपडेट हिंदी में।

शुक्रवार की सुबह भारतीय शेयर बाजार ने जोरदार शुरुआत की। BSE Sensex 451.86 अंक यानी 0.59% की बढ़त के साथ 76,604.72 पर खुला, जबकि NSE Nifty 50 ने 63.55 अंक यानी 0.27% की तेजी के साथ 23,937.00 का स्तर छुआ। GIFT Nifty भी 0.32% की बढ़त के साथ 24,008.50 पर था, जो पहले से ही एक positive opening का इशारा दे रहा था।
इस तेजी के पीछे दो बड़े कारण रहे — एशियाई बाजारों में मजबूती और देश में private investment के आंकड़ों में जबरदस्त उछाल। दोनों मिलकर बाजार को एक अच्छा मनोबल दे गए।
आज एशिया के ज़्यादातर बाजार हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। Japan का Nikkei 225 इंडेक्स 1.07% चढ़ा और Hong Kong का Hang Seng 2.07% की बढ़त के साथ सबसे आगे रहा। हालांकि Jakarta Composite में मामूली गिरावट देखी गई।
लेकिन सबसे बड़ी खबर घरेलू मोर्चे से आई। CMIE की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक Q1 FY27 में private investment में Q1 FY26 के मुकाबले 97% की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यानी देश का private sector लंबे अरसे के बाद पूरी रफ्तार से खर्च करने को तैयार है।
Geojit Investments Limited के Chief Investment Strategist V K Vijayakumar ने कहा कि private capex में यह सुधार अर्थव्यवस्था के लिए बेहद सकारात्मक संकेत है। उन्होंने कहा कि काफी लंबे समय बाद private capex में इस तरह का momentum देखने को मिल रहा है और यह आगे के विकास के लिए शुभ संकेत है।
हालांकि तेजी के बीच एक बड़ी चिंता भी बनी हुई है — global bond yields का लगातार ऊंचा रहना। Vijayakumar ने साफ कहा कि यह फिलहाल बाजार के लिए सबसे बड़ा जोखिम है।
अमेरिका का 10-year bond yield 4.8% के आसपास बना हुआ है। Japan का 10-year yield 3% पर पहुंच गया है जो 30 साल की ऊंचाई है। UK में 30-year yield 6% पर है और भारत का 10-year yield भी करीब 7% के पास है।
इसका मतलब सीधा है — जब bond yields ऊंचे होते हैं तो fixed income निवेश ज़्यादा आकर्षक लगने लगता है। इससे equity markets पर दबाव बनता है और emerging markets से capital flight का खतरा भी बढ़ जाता है। Vijayakumar ने यह भी जोड़ा कि GST collections, automobile sales और credit growth में मजबूती इन दबावों को कुछ हद तक संभाले हुए है, लेकिन short-term में बाजार volatile रह सकता है।
रात भर के कारोबार में अमेरिकी बाजार मिले-जुले रहे। S&P 500 ने 1.06% की बढ़त दर्ज की और Nasdaq 1.40% ऊपर बंद हुआ। लेकिन Dow Jones Futures में 0.04% की मामूली कमज़ोरी देखी गई। इन mixed signals का असर भारतीय निवेशकों के sentiment पर भी दिखा।
Commodity markets में Brent Crude USD 95.83 पर था, जो 0.33% ऊपर है। Gold USD 4,481.60 पर था जो 0.18% की बढ़त के साथ अपनी recovery जारी रखे हुए है। Crude oil USD 91.74 पर था, 0.48% की बढ़त के साथ।
सोने में आई तेजी के पीछे एक अहम बयान है। US Federal Reserve के Governor Christopher Waller ने संकेत दिया कि अगर आने वाले inflation data में नरमी के संकेत मिले तो वो September 15-16 की Fed meeting में interest rates को unchanged रखने का समर्थन कर सकते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि अगस्त के inflation आंकड़े उनके फैसले में अहम भूमिका निभाएंगे।
Motilal Oswal Financial Services के Commodities Analyst Manav Modi ने बताया कि Waller के इस बयान के बाद September में rate hike की संभावना इस हफ्ते के करीब 70% से घटकर 50% के आसपास आ गई है। Rate hike की उम्मीद कम होने से gold को सीधा फायदा मिलता है क्योंकि gold non-yielding asset है और जब rates कम रहने की उम्मीद हो तो इसे hold करना ज़्यादा फायदेमंद लगता है।
Modi ने यह भी बताया कि Japanese Yen में करीब 2% की मजबूती और US Treasury yields में नरमी ने भी precious metals को सपोर्ट किया। अब बाजार की नज़र आने वाले US labour और inflation data पर होगी जो आगे की दिशा तय करेंगे।
आज का बाजार clearly दो धाराओं में बह रहा है। एक तरफ domestic capex recovery, Asian gains और Fed की dovish टोन से तेजी आई है। दूसरी तरफ global bond yields की ऊंचाई और near-term volatility का डर निवेशकों को सतर्क रख रहा है।
अगर आने वाले हफ्तों में US inflation data ठंडा रहा और Fed ने rates pause किए तो बाजार को और मज़बूती मिल सकती है। लेकिन अगर inflation ने फिर से सिर उठाया तो यही bond yields और ऊंचे जा सकते हैं और बाजार पर दबाव बढ़ेगा।
फिलहाल घरेलू fundamentals मज़बूत हैं — Private Capex की वापसी इसकी सबसे बड़ी दलील है।