देश में बढ़ती ग्लोबल टेंशन और तेल-गैस सप्लाई पर असर के बीच केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है, जो सीधे तौर पर इंडस्ट्री और आम लोगों दोनों के लिए राहत लेकर आया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री Hardeep Singh Puri ने ऐलान किया है कि अब राज्यों को...

देश में बढ़ती ग्लोबल टेंशन और तेल-गैस सप्लाई पर असर के बीच केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है, जो सीधे तौर पर इंडस्ट्री और आम लोगों दोनों के लिए राहत लेकर आया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री Hardeep Singh Puri ने ऐलान किया है कि अब राज्यों को कमर्शियल LPG की सप्लाई बढ़ाकर 70% कर दी गई है। पहले यह सप्लाई काफी हद तक सीमित कर दी गई थी ताकि घरेलू रसोई गैस की जरूरतों को प्राथमिकता दी जा सके। लेकिन अब हालात को देखते हुए सरकार ने धीरे-धीरे राहत देना शुरू कर दिया है। पहले 40% सप्लाई दी गई, फिर 10% सुधार आधारित (PNG प्रमोशन) कोटा जोड़ा गया, और अब अतिरिक्त 20% बढ़ाकर कुल 70% कर दिया गया है।
सरकार ने साफ कर दिया है कि यह अतिरिक्त LPG खास तौर पर उन इंडस्ट्रीज को दी जाएगी जो लेबर-इंटेंसिव हैं। इसमें स्टील, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, केमिकल, प्लास्टिक और डाई जैसे सेक्टर शामिल हैं। खास बात यह है कि उन उद्योगों को प्राथमिकता दी जाएगी जहां पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) का विकल्प उपलब्ध नहीं है। इस फैसले से छोटे-बड़े उद्योगों को उत्पादन जारी रखने में मदद मिलेगी और रोजगार पर भी सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद है।
ग्लोबल लेवल पर चल रहे संकट, खासकर मिडिल ईस्ट में तनाव और Strait of Hormuz में सप्लाई बाधित होने के कारण तेल और गैस की कीमतों में अस्थिरता बनी हुई है। ऐसे में कई देशों ने फ्यूल बचाने के लिए सख्त कदम उठाए हैं जैसे ऑड-ईवन, 4 दिन का वर्क वीक और 20-30% तक कीमतों में बढ़ोतरी। लेकिन Narendra Modi की अगुवाई में भारत ने अलग रास्ता अपनाया है। सरकार ने कीमतें सीधे जनता पर डालने के बजाय खुद वित्तीय बोझ उठाने का फैसला किया है, ताकि आम आदमी पर असर कम पड़े।
सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर स्पेशल एक्साइज ड्यूटी ₹10 प्रति लीटर घटा दी है। इससे पेट्रोल पर ड्यूटी ₹3 और डीजल पर लगभग शून्य हो गई है। इस कदम का मकसद साफ है: महंगाई को काबू में रखना और लोगों को राहत देना। वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman की भी इस फैसले में अहम भूमिका बताई जा रही है, क्योंकि सरकार को टैक्स रेवेन्यू में बड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है।
सरकार ने साफ किया है कि देश में फिलहाल किसी भी तरह की फ्यूल की कमी नहीं है। भारत के पास करीब 60 दिनों का ऑयल स्टॉक मौजूद है और रिफाइनरियां फुल कैपेसिटी पर काम कर रही हैं। साथ ही, लगभग 800 TMT LPG का इंपोर्ट अमेरिका, रूस और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों से रास्ते में है। इससे सप्लाई और मजबूत होगी।
हाल ही में सोशल मीडिया पर लॉकडाउन को लेकर अफवाहें भी फैल रही थीं, लेकिन मंत्री Hardeep Singh Puri ने साफ कर दिया है कि ऐसा कोई प्लान नहीं है। सरकार लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और जरूरत के हिसाब से फैसले ले रही है।
एक्सपर्ट्स मानते हैं कि जब तक ग्लोबल स्थिति स्थिर नहीं होती, तब तक फ्यूल मार्केट में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। हालांकि, भारत ने जिस तरह से सप्लाई और प्राइस को मैनेज किया है, उससे फिलहाल स्थिति कंट्रोल में दिख रही है। कुल मिलाकर, यह फैसला इंडस्ट्री के लिए राहत, आम जनता के लिए सुरक्षा और अर्थव्यवस्था के लिए स्थिरता लेकर आता है। आने वाले समय में भी सरकार इसी तरह बैलेंस बनाकर चलती रही, तो बड़े संकट का असर भारत पर सीमित ही रह सकता है।