पाकिस्तान में हवाई यात्रा इस समय यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी बनती जा रही है। हालात ऐसे हो गए हैं कि लोग अपनी यात्रा को लेकर अनिश्चितता और तनाव दोनों का सामना कर रहे हैं। देश के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर लगातार उड़ानें रद्द हो रही हैं, और सब...

पाकिस्तान में हवाई यात्रा इस समय यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी बनती जा रही है। हालात ऐसे हो गए हैं कि लोग अपनी यात्रा को लेकर अनिश्चितता और तनाव दोनों का सामना कर रहे हैं। देश के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर लगातार उड़ानें रद्द हो रही हैं, और सबसे ज्यादा असर मिडिल ईस्ट जाने वाली फ्लाइट्स पर देखने को मिल रहा है। जो लोग काम, बिज़नेस या परिवार के सिलसिले में इन देशों की यात्रा करते हैं, उनके लिए ये स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण बन चुकी है।
ताजा जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान के पांच बड़े अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों से कुल 56 दोतरफा उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। इन उड़ानों में कई प्रमुख एयरलाइंस शामिल हैं, जैसे पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (PIA), एयरब्लू, एयर अरबिया, ईरान एयर और कतर एयरवेज। लगातार बढ़ते रद्दीकरण ने एयर ट्रैफिक सिस्टम पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं और यात्रियों का भरोसा धीरे-धीरे कम होता नजर आ रहा है।
अगर सबसे ज्यादा प्रभावित किसी एयरपोर्ट की बात करें, तो कराची एयरपोर्ट की स्थिति सबसे खराब बताई जा रही है। यहां से अबू धाबी, कुवैत, जेद्दा, दम्माम, शारजाह, मदीना, मस्कट, रियाद, नजफ, बहरीन और दुबई जैसे प्रमुख गंतव्यों के लिए आने-जाने वाली करीब 20 दोतरफा उड़ानें रद्द कर दी गईं। यानी जो यात्री इन रूट्स पर सफर करने वाले थे, उन्हें अचानक अपनी योजनाएं बदलनी पड़ीं।
इस्लामाबाद एयरपोर्ट भी इससे अछूता नहीं रहा। यहां से शारजाह, अबू धाबी, दुबई, बहरीन, रियाद, दम्माम और दोहा जाने वाली करीब 20 दोतरफा उड़ानें रद्द हुईं। लाहौर में भी हालात कुछ खास बेहतर नहीं हैं, जहां मिडिल ईस्ट के लिए चलने वाली छह दोतरफा फ्लाइट्स कैंसिल कर दी गईं। वहीं पेशावर से दुबई, दोहा, शारजाह और अबू धाबी जाने वाली आठ उड़ानें रद्द हुईं, और मुल्तान से दुबई की दो फ्लाइट्स भी प्रभावित रहीं।
स्पष्ट तौर पर देखा जाए तो इस पूरे संकट का सबसे ज्यादा असर मिडिल ईस्ट रूट्स पर पड़ा है। ये वही रूट हैं जहां बड़ी संख्या में पाकिस्तानी कामगार और यात्री रोजाना सफर करते हैं। ऐसे में फ्लाइट्स का बार-बार रद्द होना न सिर्फ यात्रियों के लिए परेशानी खड़ी कर रहा है, बल्कि आर्थिक और पेशेवर स्तर पर भी असर डाल रहा है।
एयरपोर्ट सूत्रों की मानें तो पिछले 35 दिनों में पाकिस्तान और मिडिल ईस्ट के बीच कुल 2,706 उड़ानें रद्द हो चुकी हैं। ये आंकड़ा इस संकट की गंभीरता को साफ तौर पर दिखाता है। लगातार बढ़ती ये संख्या बताती है कि स्थिति अभी सामान्य होने से काफी दूर है।
पाकिस्तान में एयर ट्रैवल इस समय भरोसेमंद नहीं रह गया है। यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे अपनी फ्लाइट से पहले एयरलाइन से पूरी जानकारी जरूर लें और वैकल्पिक प्लान तैयार रखें। आने वाले दिनों में अगर हालात नहीं सुधरे, तो ये संकट और गहरा सकता है।
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