Surya Grahan 2026: पिछले 10 साल में जितने ग्रहण देखे हैं, उनमें ये सबसे लंबा वाला होगा – 2 मिनट 18 सेकंड का पूर्ण ग्रहण। और भारत के लिए extra special क्यों? क्योंकि कुछ उत्तरी राज्यों से इसे directly देखा जा सकेगा।
साल 2026 में दो सूर्य ग्रहण होंगे – 17 फरवरी 2026 (आंशिक, सुबह 10:35 बजे – हो चुका है) और 12 अगस्त 2026 (पूर्ण ग्रहण, रात 8:34 बजे)। दूसरा वाला भारत में दिखेगा। सूतक काल 12 घंटे पहले शुरू होता है। पूरी detail नीचे विस्तार से दी है।
Surya Grahan 2026 कब है? तारीख और समय
साल 2026 में सूर्य ग्रहण दो बार होगा। दोनों की पूरी detail ये है:
पहला सूर्य ग्रहण (हो चुका) – 17 फरवरी 2026 (आंशिक)
- तारीख: 17 फरवरी 2026 (मंगलवार)
- शुरुआत: सुबह 10:35 AM IST
- अधिकतम ग्रहण: दोपहर 12:48 PM
- समाप्ति: दोपहर 3:02 PM
- कुल अवधि: 4 घंटे 27 मिनट
- भारत में दिखेगा? नहीं
दूसरा सूर्य ग्रहण – 12 अगस्त 2026 (पूर्ण)
- तारीख: 12 अगस्त 2026 (बुधवार)
- शुरुआत: रात 8:34 PM IST
- अवधि: 2 मिनट 18 सेकंड (पूर्णता)
- भारत में दिखेगा? हां – उत्तरी राज्यों में आंशिक
12 अगस्त 2026 का ग्रहण पिछले 45 साल का सबसे लंबा पूर्ण सूर्य ग्रहण है। मतलब ये एक बार ही मिलने वाला experience है।
Surya Grahan कहां-कहां दिखाई देगा?
17 फरवरी 2026 (आंशिक): अंटार्कटिका में पूर्ण रूप से, दक्षिण अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका में आंशिक। भारत में नहीं दिखेगा क्योंकि ये पृथ्वी की दूसरी तरफ है।
12 अगस्त 2026 (पूर्ण): ये ग्रहण आइसलैंड, ग्रीनलैंड, स्पेन और पुर्तगाल से पूर्ण रूप में दिखेगा। भारत के जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली NCR के कुछ हिस्सों से आंशिक रूप से visible होगा।

सूतक काल के नियम (बहुत जरूरी)
सूतक मतलब वो समय जिसमें कुछ काम avoid करने चाहिए। सूर्य ग्रहण से 12 घंटे पहले सूतक शुरू हो जाता है। मतलब अगर ग्रहण रात 8:34 बजे शुरू है, तो सूतक सुबह 8:34 बजे ही लग जाएगा।
सूतक काल में क्या नहीं करें:
- खाना न बनाएं और न खाएं
- मंदिर जाने से बचें
- गर्भवती महिलाएं घर से बाहर न निकलें
- नई चीजें न शुरू करें (business deal, investment)
- चाकू-कैंची का इस्तेमाल कम करें
सूतक काल में क्या कर सकते हैं:
- मंत्र जाप (विशेष लाभ)
- ध्यान और meditation
- दान-पुण्य
- ग्रहण के बाद स्नान
- घर की सफाई
राशियों पर सूर्य ग्रहण 2026 का प्रभाव
हर राशि पर ग्रहण का अलग असर पड़ता है। ये पूरी table है:
| राशि | प्रभाव | क्या करें |
|---|---|---|
| मेष | मध्यम | धैर्य रखें, जल्दबाजी न करें |
| वृषभ | अच्छा | निवेश के लिए शुभ समय |
| मिथुन | सावधान | व्यय कम करें |
| कर्क | बहुत अच्छा | नए काम शुरू करें |
| सिंह | खराब | दान करें, सेहत पर ध्यान |
| कन्या | मध्यम | मेहनत का फल मिलेगा |
| तुला | अच्छा | रिश्ते बेहतर होंगे |
| वृश्चिक | खराब | मेडिटेशन करें |
| धनु | अच्छा | यात्रा से लाभ |
| मकर | मध्यम | धैर्य रखें |
| कुंभ | बहुत अच्छा | प्रमोशन की संभावना |
| मीन | खराब | सावधानी बरतें |
Surya Grahan कैसे देखें (सुरक्षित तरीके)
ये बहुत important है। सीधे आंख से सूर्य ग्रहण कभी मत देखो – permanent eye damage हो सकता है। ये safe ways हैं:
- Solar eclipse glasses – ISO 12312-2 certified ही लें
- Pinhole projector – DIY method, घर पर बना सकते हो
- Welder’s glass #14 – कुछ professionals use करते हैं
- NASA live stream – free online देख सकते हो
वैज्ञानिक नज़रिया vs धार्मिक मान्यता
Science कहता है: सूर्य ग्रहण सिर्फ celestial alignment है। चांद सूरज और पृथ्वी के बीच आ जाता है। कोई spiritual या negative effect नहीं।
Tradition कहती है: ग्रहण काल में negative energy बढ़ती है। सूतक काल में restrictions मानने से बचाव होता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. क्या भारत में सूर्य ग्रहण 2026 दिखेगा?
हां, 12 अगस्त 2026 का पूर्ण सूर्य ग्रहण भारत के उत्तरी राज्यों (जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा) में आंशिक रूप से दिखाई देगा। 17 फरवरी वाला नहीं दिखेगा।
2. सूतक काल कितने घंटे का होता है?
सूर्य ग्रहण के लिए 12 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है। इसमें खाना-पीना, मंदिर दर्शन और नए काम avoid करते हैं।
3. गर्भवती महिलाओं के लिए ग्रहण के नियम क्या हैं?
पारंपरिक मान्यता के अनुसार गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए, चाकू-कैंची का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। हालांकि वैज्ञानिक रूप से इसका कोई आधार नहीं है।


















