दलाल स्ट्रीट में अक्सर ऐसा देखने को मिलता है कि जब कोई कंपनी डिविडेंड की घोषणा करती है तो उसके शेयर में थोड़ी गिरावट भी आ जाती है। कुछ ऐसा ही हाल हाल ही में Indian Oil Corporation के शेयर में देखने को मिला। कंपनी ने FY26 के लिए ₹2 प्रति शेयर का इंटरिम...

दलाल स्ट्रीट में अक्सर ऐसा देखने को मिलता है कि जब कोई कंपनी डिविडेंड की घोषणा करती है तो उसके शेयर में थोड़ी गिरावट भी आ जाती है। कुछ ऐसा ही हाल हाल ही में Indian Oil Corporation के शेयर में देखने को मिला। कंपनी ने FY26 के लिए ₹2 प्रति शेयर का इंटरिम डिविडेंड घोषित किया, लेकिन इसके बाद शेयर कीमत में हल्की गिरावट दर्ज की गई।
6 मार्च को कंपनी का शेयर लगभग 0.57% गिरकर करीब ₹170.57 पर आ गया, जबकि ट्रेडिंग के दौरान यह लगभग ₹170.54 के आसपास बना रहा। ऐसे में निवेशकों और ट्रेडर्स के सामने वही पुराना सवाल खड़ा हो गया है – क्या डिविडेंड के लिए शेयर होल्ड किया जाए या कीमत में उतार-चढ़ाव का फायदा उठाकर ट्रेडिंग की जाए।
इंडियन ऑयल के बोर्ड ने 6 मार्च 2026 को हुई बैठक में FY26 के लिए ₹2 प्रति इक्विटी शेयर का इंटरिम डिविडेंड मंजूर किया। कंपनी के ₹10 फेस वैल्यू वाले शेयर पर यह करीब 20% का डिविडेंड माना जा रहा है। बोर्ड मीटिंग दोपहर 1 बजे से 1:30 बजे के बीच आयोजित की गई थी और यह फैसला SEBI के LODR नियमों के तहत लिया गया।
डिविडेंड निवेशकों के लिए भले ही छोटी रकम लगे, लेकिन नियमित डिविडेंड देने वाली कंपनियों में दिलचस्पी रखने वाले निवेशकों के लिए यह एक सकारात्मक संकेत माना जाता है। अब बाजार में चर्चा यह है कि क्या ₹2 का यह डिविडेंड नए खरीदारों को आकर्षित करेगा या फिर ट्रेडर्स तेल की कीमतों और कंपनी के मार्जिन पर ज्यादा ध्यान देंगे।
कंपनी ने इस इंटरिम डिविडेंड के लिए 12 मार्च 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है। इसका मतलब यह है कि जिन निवेशकों के नाम इस तारीख तक कंपनी के रिकॉर्ड में होंगे, वही इस डिविडेंड के लिए पात्र माने जाएंगे।
पात्र निवेशकों को डिविडेंड की राशि 5 अप्रैल 2026 तक उनके बैंक खाते में भेज दी जाएगी।
वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी ने अब तक तीन बार डिविडेंड घोषित किया है। अगस्त 2025 में ₹3 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड दिया गया था। इसके बाद दिसंबर 2025 में ₹5 प्रति शेयर का पहला इंटरिम डिविडेंड घोषित किया गया। अब मार्च 2026 में ₹2 प्रति शेयर का दूसरा इंटरिम डिविडेंड घोषित किया गया है।
डिविडेंड मिलने पर निवेशकों को टैक्स नियमों का भी ध्यान रखना जरूरी है। अगर किसी निवासी शेयरधारक के पास वैध PAN है तो उसके डिविडेंड पर 10% TDS काटा जाएगा। वहीं अगर PAN उपलब्ध नहीं है तो 20% तक टैक्स काटा जा सकता है।
हालांकि एक राहत भी है। अगर किसी निवेशक को पूरे साल में कुल डिविडेंड ₹10,000 से कम मिलता है तो उस पर TDS नहीं काटा जाएगा।
जो निवेशक TDS से बचना चाहते हैं, वे निर्धारित शर्तों के तहत Form 15G या Form 15H जमा कर सकते हैं। Form 15G 60 वर्ष से कम उम्र के निवेशकों के लिए होता है, जबकि Form 15H वरिष्ठ नागरिकों के लिए लागू होता है।
विदेशी निवेशकों के मामले में 20% TDS के साथ अतिरिक्त सरचार्ज और सेस भी लागू हो सकता है। हालांकि Double Tax Avoidance Agreement (DTAA) के तहत कुछ मामलों में टैक्स दर कम हो सकती है, लेकिन इसके लिए Tax Residency Certificate और Form 10F जैसे दस्तावेज जमा करने पड़ते हैं।
पिछले एक सप्ताह में इंडियन ऑयल का शेयर करीब 9% तक गिरा है, जबकि पिछले एक महीने में इसमें लगभग 3% की गिरावट देखी गई है। हालांकि साल 2026 की शुरुआत से अब तक इसमें करीब 3% की बढ़त बनी हुई है।
कंपनी का 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर ₹188.96 रहा है, जो 27 फरवरी 2026 को दर्ज किया गया था। वहीं 52 हफ्ते का न्यूनतम स्तर ₹117.75 रहा, जो 5 मार्च 2025 को देखा गया था।
वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में कंपनी के मुनाफे में बड़ा उछाल देखने को मिला है। कंपनी का शुद्ध लाभ बढ़कर ₹12,125.86 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह ₹2,873.53 करोड़ था।
ऑपरेशन्स से कंपनी की आय भी बढ़कर करीब ₹2.31 लाख करोड़ हो गई, जो पिछले साल की इसी तिमाही में ₹2.16 लाख करोड़ थी। इसके साथ ही ईंधन की बिक्री भी बढ़कर लगभग 26.015 मिलियन टन तक पहुंच गई।
6 मार्च 2026 तक कंपनी का मार्केट कैप लगभग ₹2.41 लाख करोड़ के आसपास रहा। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर इसका ट्रेडिंग सिंबल IOC है, जबकि बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर इसका सिक्योरिटी कोड 530965 है। कंपनी ने डिविडेंड से जुड़ी जानकारी NSE और BSE दोनों को नियामकीय नियमों के अनुसार भेज दी है।
जो निवेशक अपने डिविडेंड पर टैक्स कम कराना चाहते हैं, उन्हें 12 मार्च 2026 से पहले जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे। कंपनी ने इसके लिए अपने रजिस्ट्रार और ट्रांसफर एजेंट KFin Technologies के जरिए ऑनलाइन दस्तावेज अपलोड करने की व्यवस्था दी है।
अगर निवेशक Form 15G, Form 15H या DTAA का लाभ लेना चाहते हैं तो उन्हें समय रहते दस्तावेज जमा करने होंगे। कंपनी ने साफ कहा है कि 12 मार्च के बाद जमा किए गए दस्तावेज स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
कुल मिलाकर, डिविडेंड की घोषणा से निवेशकों को कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन शेयर की कीमत में उतार-चढ़ाव के चलते बाजार में चर्चा जारी है कि निवेशक इसे लंबी अवधि के लिए होल्ड करें या अल्पकालिक ट्रेडिंग का मौका तलाशें।