भारत में कंडोम की कीमतें जल्द ही बढ़ सकती हैं। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह है उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले अमोनिया और सिलिकॉन ऑयल की बढ़ती कीमतें। वैश्विक सप्लाई चेन में हो रही दिक्कतों और ईरान-यूएस तनाव ने इन कच्चे माल की क़ीमतों को आसमान छूने पर मजबूर...

भारत में कंडोम की कीमतें जल्द ही बढ़ सकती हैं। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह है उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले अमोनिया और सिलिकॉन ऑयल की बढ़ती कीमतें। वैश्विक सप्लाई चेन में हो रही दिक्कतों और ईरान-यूएस तनाव ने इन कच्चे माल की क़ीमतों को आसमान छूने पर मजबूर कर दिया है। कंडोम केवल एक साधारण प्रोडक्ट नहीं हैं, बल्कि यह पब्लिक हेल्थ, परिवार नियोजन और संक्रमणों से सुरक्षा का अहम जरिया हैं। कीमत बढ़ने का मतलब है कि नीचे आय वर्ग के लोग इसे आसानी से नहीं खरीद पाएंगे, जिससे स्वास्थ्य और जनसंख्या नियंत्रण पर असर पड़ सकता है।
क्यों बढ़ रहे हैं Ammonia और Silicone Oil के दाम? कंडोम बनाने के लिए अमोनिया और सिलिकॉन ऑयल जरूरी हैं। लेकिन इन दोनों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं क्योंकि ग्लोबल सप्लाई चेन में रुकावटें आई हैं। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव ने व्यापार और कच्चे माल की कीमतों को प्रभावित किया है। इसी वजह से भारतीय कंडोम निर्माता उत्पादन महंगा होने के कारण कीमत बढ़ाने पर मजबूर हो सकते हैं।
हालांकि ईरान ने संकेत दिए हैं कि वह संघर्ष समाप्त करने को तैयार है, लेकिन सिर्फ अपनी शर्तों पर। उनके राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने कहा कि ईरान युद्ध को तभी खत्म करेगा जब उसे हॉरमेज़ पर नियंत्रण मिलेगा। इस बीच, युद्ध की चिंता कम होने से यूएस डॉलर की कीमत थोड़ी कमजोर हुई है। डॉलर कमजोर होने पर सोना और चांदी जैसी कमोडिटीज दूसरों के लिए सस्ती हो जाती हैं, जिससे उनकी कीमतों में बदलाव आता है।
अमेरिका में निवेशक अब मुद्रास्फीति और ब्याज दरों पर असर का पुनर्मूल्यांकन कर रहे हैं। पहले निवेशक सोच रहे थे कि अगर युद्ध से महंगाई बढ़ी तो सेंट्रल बैंक दर बढ़ाएगा। अब ध्यान इस पर है कि अगर संघर्ष लंबे समय तक चला तो वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ेगा। इस बदलाव का सोने और चांदी जैसी नॉन-यील्डिंग एसेट्स पर असर पड़ता है। दर कम होने पर लोग सोना और चांदी खरीदने में ज्यादा रुचि दिखाते हैं।
रेनिशा चैनानी, हेड-रिसर्च, Augmont के अनुसार: सोने की कीमत अगले हफ्ते $4,300–$4,600 (₹1,39,000 – ₹1,50,000) के बीच रह सकती है। चांदी में थोड़ी ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है: $65–$75 (₹2,19,000 – ₹2,38,000)। कीमतों पर असर डालने वाले फेक्टर्स:
अगर डॉलर कमजोर हुआ या फेड फिर से कठोर नीति अपनाता है तो सोने की कीमत $4,700–$4,800 तक जा सकती है। वहीं, अगर मध्य-पूर्व में शांति की उम्मीद बनी या महंगाई कम हुई तो कीमत बढ़ सकती है। तो साफ है, भारत में कंडोम की कीमतें बढ़ने की संभावना है। इसका मुख्य कारण है कच्चे माल की बढ़ती कीमत और ग्लोबल सप्लाई की दिक्कतें। हम सबके लिए यह चिंता की बात है क्योंकि कंडोम केवल सुरक्षा का साधन नहीं, बल्कि जनसंख्या नियंत्रण और स्वास्थ्य के लिए भी जरूरी हैं।