सोशल मीडिया पर एक महिला के गर्भ में दो जिंदा सांप होने का दावा वायरल है। लेकिन उपलब्ध रिपोर्टों में ऐसे दावे की पुष्टि नहीं हुई। 2023 में वायरल मिलती-जुलती तस्वीर को डॉक्टर ने फर्जी बताया था।

आजकल इंटरनेट पर एक रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी शेयर हो रही है। कहा जा रहा है कि एक गर्भवती महिला के पेट में बच्चा नहीं, बल्कि दो जिंदा सांप पल रहे हैं। इस बात का दावा किया जा रहा है कि शुरुआती जांच तो एकदम ठीक थी, लेकिन आठवें महीने में जब अल्ट्रासाउंड हुआ तो उसमें दो सांप दिखे और डॉक्टरों ने इसके इलाज या ऑपरेशन के लिए बहुत सारे पैसे मांग लिए।
पर इस तरह की बातों पर यकीन करने से पहले थोड़ा ठहरकर सोचिए, इस बात का कोई ठोस या वैज्ञानिक सबूत नहीं है कि महिला के गर्भ में दो सांप हैं। हालांकि इस कहानी को यूपी के देवरिया का बताकर शेयर किया जा रहा है, लेकिन किसी भी अस्पताल, डॉक्टर या मेडिकल रिपोर्ट ने इस गर्भ में सांप का दावा करने वाली बात पर मुहर नहीं लगाई है।
ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब किसी मेडिकल स्कैन की तस्वीर में आड़ी-तिरछी परछाई देखकर लोग यह कहने लगे हों कि महिला के पेट में सांप है।
जून 2023 में भी अलीगढ़ और एटा से जोड़कर एक वायरल अल्ट्रासाउंड फोटो खूब शेयर हुई थी। उसमें दिख रही एक आकृति को देखकर लोग अंदाजा लगाने लगे कि यह कोई कोबरा या सांप है। उस समय एटा के डॉक्टर शैलेंद्र जैन का नाम भी इस खबर के साथ जोड़ा जाने लगा था।
लेकिन डॉक्टर शैलेंद्र जैन ने खुद सामने आकर इस बात को पूरी तरह खारिज किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने बताया कि वह तस्वीर पूरी तरह नॉर्मल यूटरस (गर्भाशय) की है, उसमें कोई सांप या अनहोनी चीज नहीं थी। अलग-अलग एंगल से स्कैन देखने की वजह से आम लोगों को उसमें सांप जैसा भ्रम हो रहा था।
ठीक इसी तरह जून 2023 में बिहार के छपरा (एकमा) से भी ऐसी ही अफवाह उड़ी थी। वहां भी एक महिला के पेट में सांप होने की बात कहकर एक वायरल अल्ट्रासाउंड फोटो सर्कुलेट की जाने लगी।
उस समय स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि पटना के एक नर्सिंग होम के डॉक्टर के पास कुछ लोग यह बात लेकर पहुंचे जरूर थे, लेकिन जिस महिला के बारे में यह सब कहा जा रहा था, वह कभी जांच कराने आई ही नहीं। डॉक्टर ने भी साफ किया कि इंसान की बच्चेदानी में सांप होने का कोई मेडिकल तुक नहीं बनता और वह सिर्फ एक फैलाई गई अफवाह थी।
बिल्कुल नहीं। किसी स्कैन या एक्स-रे में कोई परछाईं अगर किसी जानवर जैसी दिख रही है, तो इसका मतलब यह कतई नहीं है कि शरीर के अंदर सच में वही चीज मौजूद है।
अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट को सिर्फ वही डॉक्टर समझ सकते हैं जिन्होंने इसकी पढ़ाई की है। वे स्कैन को अलग-अलग एंगल से देखते हैं और बाकी टेस्ट से मिलान करते हैं। इंटरनेट पर तैरती किसी एक धुंधली तस्वीर को देखकर खुद ही डॉक्टर बन जाना और कोई डरावना नतीजा निकाल लेना बिल्कुल गलत है।
इसलिए, किसी वायरल सांप वीडियो या तस्वीर को देखकर बिना सोचे-समझे पैनिक होना या अफवाहें फैलाना सही नहीं है।
इस वायरल सांप वीडियो और ऑडियो में काफी नाटकीय बातें कही जा रही हैं, जैसे महिला का अचानक बेहोश होना, डॉक्टरों का लाखों रुपये मांगना और पेट में दो-दो सांप होना। लेकिन किसी भी जिम्मेदार एजेंसी या जांच में इन बातों की पुष्टि नहीं हुई है।
पुराने मामलों में भी फैक्ट-चेकर्स और डॉक्टरों ने इन बातों को पूरी तरह नकार दिया था। जुलाई 2023 में 'Newschecker' की एक जांच में भी यह साफ हुआ था कि किसी भारतीय महिला द्वारा सांप को जन्म देने का दावा पूरी तरह फर्जी था और उस वायरल कंटेंट का हकीकत से कोई लेना-देना नहीं था।
इसलिए, किसी ऑडियो या मैसेज में कही गई चटपटी कहानी को सच मान लेना मेडिकल साइंस और समझदारी दोनों के खिलाफ है।
इस वायरल मैसेज के साथ अक्सर एक सलाह भी जोड़ी जा रही है, "रात को पानी ढककर रखें और पीने से पहले ध्यान दें।"
वैसे तो पीने का पानी और खाना ढककर रखना एक बहुत अच्छी और सेहतमंद आदत है, लेकिन इसका इस बात से कोई लेना-देना नहीं है कि महिला के गर्भ में दो सांप कैसे पहुंच सकते हैं। किसी सामान्य सी अच्छी बात को किसी डरावनी अफवाह के साथ चिपका देने से वह अफवाह सच नहीं बन जाती।
अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट्स को समझना हर किसी के बस की बात नहीं होती। जब किसी धुंधली या अस्पष्ट तस्वीर के साथ यह लिख दिया जाता है कि "देखो इसमें सांप दिख रहा है", तो लोग उत्सुकता और डर में आकर उस पर यकीन कर लेते हैं।
यही वजह है कि ऐसी सनसनीखेज खबरें WhatsApp और Facebook पर आग की तरह फैलती हैं। पर याद रखिए, किसी पोस्ट पर लाखों व्यूज या शेयर होने का मतलब यह नहीं होता कि वह खबर सच है।
कुल मिलाकर, महिला के गर्भ में दो सांप होने की जो बात फैलाई जा रही है, उसका कोई मेडिकल आधार नहीं है। देवरिया से जोड़कर कही जा रही इस बात का न तो कोई डॉक्टरी प्रमाण है और न ही कोई आधिकारिक रिपोर्ट। इतिहास गवाह है कि 2023 में भी जब ऐसी वायरल अल्ट्रासाउंड फोटो सामने आई थी, तो डॉक्टरों ने उसे गर्भाशय की सामान्य तस्वीर बताया था। इसलिए ऐसी अफवाहों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें और इन्हें आगे शेयर करने से बचें।
Disclaimer: यह लेख उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट्स और तथ्य-जांच (Fact-Checks) पर आधारित है। सोशल मीडिया पर किए जा रहे इन दावों की कोई स्वतंत्र या मेडिकल पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
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