प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणियां करने वाले वायरल वीडियो को लेकर नया घटनाक्रम सामने आया है। सोशल मीडिया पर एक नया वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें खुद को उसी वीडियो में दिखाई देने वाली लड़की बताने वाली एक युवती हाथ जोड़कर माफी मांगती नजर आ रही है। वीडियो में वह दावा करती है कि उसकी उम्र 15 साल है और उसने जो कुछ कहा, वह आसपास मौजूद लोगों के बहकावे में आकर कहा था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणियां करने वाले वायरल वीडियो को लेकर नया घटनाक्रम सामने आया है। सोशल मीडिया पर एक नया वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें खुद को उसी वीडियो में दिखाई देने वाली लड़की बताने वाली एक युवती हाथ जोड़कर माफी मांगती नजर आ रही है। वीडियो में वह दावा करती है कि उसकी उम्र 15 साल है और उसने जो कुछ कहा, वह आसपास मौजूद लोगों के बहकावे में आकर कहा था।
हालांकि, इस माफी वाले वीडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र पुष्टि अब तक नहीं हो सकी है। पुलिस भी मामले की जांच कर रही है और आधिकारिक तौर पर इस वीडियो की पुष्टि नहीं की गई है।

वायरल वीडियो में लड़की कहती है कि वह जुलाई में अपने दोस्तों के साथ दिल्ली के कनॉट प्लेस (CP) घूमने गई थी। उसी दौरान पास में एक प्रदर्शन चल रहा था, जहां कुछ लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक और अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रहे थे।
उसका कहना है कि वहां मौजूद लोगों ने उसे भी वही बातें दोहराने के लिए उकसाया और वह उनके प्रभाव में आ गई। लड़की ने कहा कि उसे अपने किए पर गहरा पछतावा है और अब वह किसी की आंखों में देखकर बात भी नहीं कर पा रही है।
वीडियो में वह हाथ जोड़कर पूरे देश से माफी मांगते हुए कहती है कि यह उसकी पहली और आखिरी गलती थी और वह भविष्य में ऐसी गलती दोबारा कभी नहीं करेगी।
माफी वाले वीडियो में लड़की ने यह भी दावा किया कि वायरल हुआ वीडियो उसने खुद सोशल मीडिया पर पोस्ट नहीं किया था। उसके मुताबिक, घटना के बाद वीडियो इंटरनेट पर फैल गया, जिससे वह बेहद शर्मिंदा और परेशान है।
इस पूरे विवाद पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने एक वीडियो संदेश में कहा कि उनके खिलाफ और उनकी दिवंगत मां के लिए इस्तेमाल की गई अभद्र भाषा उन्हें बेहद पीड़ादायक लगी।
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि यदि इस घटना में शामिल लोग वास्तव में कम उम्र के हैं, तो उन्हें केवल सजा देने के बजाय सही दिशा दिखाने की जरूरत है। प्रधानमंत्री ने समाज से अपील की कि ऐसे युवाओं को अपनी गलती सुधारने का अवसर दिया जाना चाहिए।
इस मामले में दर्ज जीरो एफआईआर अब दिल्ली पुलिस को ट्रांसफर कर दी गई है क्योंकि कथित घटना दिल्ली के जंतर-मंतर इलाके में हुई थी। दिल्ली पुलिस पहले एफआईआर की सामग्री की जांच करेगी और उसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा। पुलिस पहले ही वायरल कंटेंट के प्रसार को लेकर अलग से मामला दर्ज कर चुकी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X को आपत्तिजनक सामग्री हटाने का नोटिस भेजा गया है और जांच के लिए इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड सुरक्षित रखने को भी कहा गया है।
माफी वाले वीडियो में लड़की ने खुद को 15 वर्ष का बताया है, लेकिन अब तक सामने आई कुछ पुलिस जानकारी और स्थानीय लोगों के बयानों में अलग-अलग दावे किए गए हैं। ऐसे में उसकी वास्तविक उम्र और अन्य तथ्यों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
जिस संगठन के प्रदर्शन से यह मामला जुड़ा बताया जा रहा है, उसके प्रतिनिधियों ने एफआईआर दर्ज किए जाने पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि आपत्तिजनक भाषा का समर्थन नहीं किया जा सकता, लेकिन ऐसे मामलों में आपराधिक मुकदमा दर्ज करने के बजाय मानहानि जैसे कानूनी विकल्प अपनाए जाने चाहिए। उनका तर्क है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़े मामलों में आपराधिक कार्रवाई का व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।
फिलहाल यह मामला पुलिस जांच के अधीन है। सोशल मीडिया पर वायरल माफी वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और जांच एजेंसियां सभी तथ्यों की जांच कर रही हैं। आने वाले दिनों में पुलिस की जांच और आधिकारिक बयान के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि वायरल वीडियो में किए गए दावे कितने सही हैं और मामले में आगे क्या कार्रवाई होगी।