Mehazabien Chowdhury के नाम पर एक पुराना वीडियो फिर वायरल है। Fact Check के मुताबिक अभिनेत्री की पहचान का कोई सत्यापित सबूत नहीं। पूरी सच्चाई पढ़ें।

Bangladesh की अभिनेत्री Mehazabien Chowdhury के नाम पर एक पुराना "Viral MMS" दावा Social Media पर फिर सामने आया है। दावे में एक कथित निजी वीडियो को अभिनेत्री से जोड़ा जा रहा है। उपलब्ध Fact-Check के अनुसार इस बात का कोई सत्यापित सबूत नहीं है कि वीडियो में दिख रही महिला Mehazabien हैं।
यह विवाद नया नहीं है। NewsX की 30 सितंबर 2026 की Report के अनुसार यही दावा 2019 में भी फैला था और अब दोबारा उभरा है। हम इस वीडियो का कोई ब्योरा या Link साझा नहीं कर रहे हैं। यह खबर सिर्फ दावे की सच्चाई बताने के लिए है।
Reports के मुताबिक करीब 34 सेकंड का यह वीडियो सितंबर 2019 में Social Media पर घूमने लगा। इसके साथ यह झूठा दावा किया गया कि वीडियो में Mehazabien हैं। उस समय भी इसे "आपत्तिजनक" वीडियो कहकर फैलाया गया था।
Reports के अनुसार अभिनेत्री ने उस समय इन आरोपों को सिरे से खारिज किया था। उन्होंने Facebook पर एक बयान जारी करके Followers से अपील की कि वे इस वीडियो और उससे जुड़े दावों पर भरोसा न करें।
उन्होंने यह भी बताया था कि वे Dhaka Metropolitan Police के Cyber Crime विभाग के पास गई थीं। उनकी शिकायत उन लोगों के खिलाफ थी जो यह सामग्री फैला रहे थे।
Bangladesh के Fact-Checking संगठन Rumor Scanner की जांच का जिक्र Reports में है। इसके अनुसार यही फुटेज Mehazabien से जोड़े जाने से लगभग एक साल पहले भारत में घूम चुका था। यानी यह वीडियो पहले से किसी और संदर्भ में मौजूद था।
Rumor Scanner को International Fact-Checking Network (IFCN) की मान्यता मिली हुई है। इसकी जांच इसलिए इस मामले में एक भरोसेमंद संदर्भ मानी जाती है।
नहीं। Reports में साफ कहा गया है कि इस बात का कोई सत्यापित सबूत नहीं है कि फुटेज में दिख रही महिला Mehazabien Chowdhury हैं। इस मामले से पता चलता है कि किसी असंबंधित वीडियो को किसी सेलिब्रिटी के नाम से जोड़कर कितनी जल्दी फैलाया जा सकता है।
Reports के अनुसार बाद के सालों में भी अभिनेत्री के नाम पर भ्रामक सामग्री सामने आई है। Fact-Checkers ने पाया कि उनकी कुछ तस्वीरों को डिजिटल तरीके से Edit करके आपत्तिजनक कपड़ों में दिखाया गया था। Rumor Scanner ने 2025 में ऐसी तस्वीरों की जांच की थी और उन्हें Manipulated पाया था।
महिला कलाकारों के नाम पर बनाए गए झूठे वीडियो और Edited तस्वीरें अब एक आम तरीका बन गई हैं। Deepfake तकनीक से किसी का चेहरा दूसरे वीडियो में जोड़ा जा सकता है। इसलिए किसी वायरल क्लिप को देखकर उसकी सच्चाई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो सकता है।
कई देशों में किसी की निजी या नकली अंतरंग सामग्री बिना सहमति के फैलाना कानूनन अपराध है। इसके अलावा किसी निर्दोष व्यक्ति की छवि खराब करने का असर लंबे समय तक रहता है।