बेंगलुरु के मल्लेश्वरम में डिलीवरी के दौरान LPG सिलेंडर में आग लग गई। दरवाजे पर जल रहे दीये से गैस भड़कने की आशंका है; डिलीवरी कर्मचारी बाल-बाल बचा। जानें।

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के मल्लेश्वरम इलाके में मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को LPG सिलेंडर की डिलीवरी के दौरान एक खौफनाक हादसा हो गया। एक घर के दरवाजे पर सिलेंडर पहुंचाने आए डिलीवरी कर्मचारी के सामने अचानक आग की लपटें उठने लगीं। देखते ही देखते आग ने सिलेंडर को अपनी चपेट में ले लिया।
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, सिलेंडर से गैस का रिसाव हो रहा था। घर के प्रवेश द्वार पर जल रहे पारंपरिक तेल के दीये की लौ के संपर्क में आते ही लीक हुई गैस ने आग पकड़ ली।
गनीमत रही कि डिलीवरी कर्मचारी ने खतरे को भांपते हुए तुरंत वहां से दूरी बना ली। इस वजह से उसकी जान बच गई और किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह घटना मल्लेश्वरम पुलिस थाना क्षेत्र की है।
बताया जा रहा है कि घर के सदस्यों ने सिलेंडर की डिलीवरी से कुछ समय पहले घर के प्रवेश द्वार की सफाई की थी। इसके बाद पूजा करने के दौरान दरवाजे की दहलीज पर पारंपरिक दीया जलाया गया था।
इसी बीच LPG सिलेंडर लेकर डिलीवरी कर्मचारी वहां पहुंच गया। वह सिलेंडर को अपने कंधे से उतारकर घर के प्रवेश द्वार के पास रखने लगा।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सिलेंडर में गैस का रिसाव हो रहा था। जैसे ही गैस दरवाजे पर जल रहे दीये की लौ के संपर्क में आई, अचानक आग भड़क उठी।
कुछ ही सेकंड में सिलेंडर के आसपास आग की लपटें दिखाई देने लगीं। अचानक हुई इस घटना से वहां अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, डिलीवरी कर्मचारी ने तेजी से पीछे हटकर अपनी जान बचा ली।
LPG cylinder explodes in Bengaluru’s Malleshwaram after leaking gas ignites from a diya kept at the doorstep. Delivery boy narrowly escapes. Fortunately, no injuries reported. https://t.co/MVeakp9wPa
— Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) November 4, 2026
इस घटना का CCTV फुटेज सोशल मीडिया पर सामने आया है। वीडियो में सिलेंडर की डिलीवरी के दौरान अचानक आग भड़कती दिखाई देती है।
फुटेज सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स इस घटना को लेकर चिंता जता रहे हैं। लोगों का कहना है कि घर के दरवाजे पर दीया, मोमबत्ती या कोई अन्य खुली लौ जल रही हो तो गैस सिलेंडर की डिलीवरी के दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
कुछ यूजर्स ने घरों में फायर एक्सटिंग्विशर और फायर ब्लैंकेट रखने की सलाह भी दी है।
हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से गैस रिसाव का सटीक कारण या सिलेंडर की तकनीकी स्थिति अपने आप साबित नहीं होती। इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
घटना की जानकारी मिलने के बाद मल्लेश्वरम पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और हादसे से जुड़ी परिस्थितियों की जानकारी जुटाई।
शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस घटना में डिलीवरी कर्मचारी या किसी अन्य व्यक्ति के घायल होने की सूचना नहीं है।
फिलहाल गैस रिसाव किस वजह से हुआ और आग लगने की परिस्थितियां क्या थीं, इसकी जांच की जा रही है।
बेंगलुरु की यह घटना बताती है कि LPG सिलेंडर के मामले में छोटी-सी लापरवाही भी खतरनाक साबित हो सकती है। इसलिए घर में गैस सिलेंडर का इस्तेमाल करते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
1. सिलेंडर को हवादार जगह पर रखें
LPG सिलेंडर को हमेशा सीधी स्थिति में और अच्छी वेंटिलेशन वाली जगह पर रखें। इसे बंद अलमारी, गर्म जगह या आग के स्रोत के पास रखने से बचें।
2. गैस की गंध आने पर आग न जलाएं
अगर घर में गैस की गंध महसूस हो तो माचिस, लाइटर या किसी अन्य खुली लौ का इस्तेमाल बिल्कुल न करें। बिजली के स्विच और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी न चलाएं, क्योंकि उनसे चिंगारी निकल सकती है।
3. रेगुलेटर और पाइप की नियमित जांच करें
गैस पाइप, रेगुलेटर और सिलेंडर के वाल्व की समय-समय पर जांच करवाएं। टूटे, पुराने या खराब उपकरणों का इस्तेमाल न करें। किसी भी तरह की मरम्मत खुद करने की कोशिश न करें।
4. इस्तेमाल के बाद रेगुलेटर बंद करें
खाना बनाने के बाद गैस रेगुलेटर बंद करने की आदत डालें। घर से बाहर जाते समय भी यह सुनिश्चित करें कि गैस की सप्लाई बंद है।
5. गैस लीक होने पर तुरंत सुरक्षित जगह जाएं
गैस रिसाव का संदेह होने पर यदि सुरक्षित हो तो सिलेंडर का वाल्व बंद करें। दरवाजे और खिड़कियां खोलकर प्राकृतिक वेंटिलेशन की व्यवस्था करें। सभी लोगों को सुरक्षित स्थान पर ले जाएं और वहां से गैस एजेंसी या आपातकालीन सेवाओं से संपर्क करें।
अगर आग पहले ही लग चुकी है तो खुद उसे बुझाने या सिलेंडर को हटाने की कोशिश न करें। सुरक्षित दूरी बनाएं और दमकल विभाग की मदद लें।
भारत में त्योहारों, पूजा-पाठ और शुभ अवसरों पर घर के मुख्य दरवाजे पर दीया जलाने की परंपरा है। लेकिन LPG सिलेंडर की डिलीवरी के समय दरवाजे या उसके आसपास खुली लौ का होना खतरनाक साबित हो सकता है।
इसका मतलब यह नहीं है कि घरों में दीया जलाना बंद कर देना चाहिए। जरूरत इस बात की है कि सिलेंडर की डिलीवरी से पहले प्रवेश द्वार के आसपास जल रहे दीये, मोमबत्ती और दूसरे आग के स्रोतों को सुरक्षित तरीके से हटा दिया जाए।
साथ ही डिलीवरी कर्मचारियों को भी सिलेंडर की सील, वाल्व और संभावित गैस रिसाव की जांच निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया के अनुसार करनी चाहिए।
बेंगलुरु की यह घटना एक गंभीर चेतावनी है। कुछ सेकंड की लापरवाही किसी बड़े हादसे में बदल सकती है। इसलिए गैस सिलेंडर की डिलीवरी और इस्तेमाल के दौरान सुरक्षा को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
Disclaimer: यह रिपोर्ट उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट्स, शुरुआती जानकारी और सोशल मीडिया पर सामने आए CCTV फुटेज पर आधारित है। गैस रिसाव और आग लगने के सटीक कारणों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।