मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। इस बार मामला और गंभीर इसलिए हो गया क्योंकि United States Central Command (CENTCOM) ने ईरान के अंडरग्राउंड मिसाइल ठिकानों पर सीधा हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई खास तौर पर Strait of Hormuz के आसपा...

CENTCOM के मुताबिक, इस ऑपरेशन में “डीप पेनिट्रेशन” बमों का इस्तेमाल किया गया। ये कोई सामान्य बम नहीं होते—इनका वजन करीब 5,000 पाउंड तक होता है और इन्हें खास तौर पर जमीन के अंदर छिपे ठिकानों को तबाह करने के लिए डिजाइन किया जाता है। अमेरिका का दावा है कि ईरान के ये मिसाइल बेस इंटरनेशनल शिपिंग के लिए खतरा बन रहे थे।
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हमले में GBU-72 Advanced 5K Penetrator का इस्तेमाल किया गया। ये एक एडवांस्ड “बंकर बस्टर” बम है, जिसे 2021 में पेश किया गया था। इसकी सबसे बड़ी खासियत यही है कि ये जमीन के काफी अंदर तक घुसकर विस्फोट करता है जिससे मजबूत से मजबूत अंडरग्राउंड ठिकाने भी बच नहीं पाते।
“बंकर बस्टर” नाम से ही साफ है ये ऐसे बम होते हैं जो जमीन के नीचे बने ठिकानों को खत्म करने के लिए बनाए जाते हैं। इनमें सबसे खतरनाक माना जाता है GBU-57A/B Massive Ordnance Penetrator, जिसे Boeing ने तैयार किया है। इस तरह के बम आमतौर पर B-2 Spirit Stealth Bomber जैसे स्टील्थ एयरक्राफ्ट से गिराए जाते हैं।
Strait of Hormuz दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है। ग्लोबल ऑयल सप्लाई का बड़ा हिस्सा यहीं से गुजरता है। ऐसे में यहां पर कोई भी सैन्य तनाव सीधे दुनिया की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है। CENTCOM ने साफ कर दिया है कि अगर जरूरत पड़ी तो ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रह सकती है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है ईरान इसका जवाब कैसे देगा? क्योंकि अगर जवाबी कार्रवाई होती है, तो मिडिल ईस्ट में हालात और ज्यादा बिगड़ सकते हैं।
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