अमेरिका ने 2025 में यूरेनियम उत्पादन तीन गुना से ज्यादा बढ़ाया। जानिए US nuclear fuel supply, uranium enrichment और विदेशी सप्लाई पर अमेरिका की निर्भरता क्यों अहम है।

अमेरिका ने अपनी घरेलू परमाणु ईंधन आपूर्ति को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। साल 2025 में देश के यूरेनियम उत्पादन में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई। अमेरिकी Energy Information Administration (EIA) के आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिका की खदानों ने 2025 में करीब 21 लाख पाउंड यूरेनियम कंसंट्रेट का उत्पादन किया।
यह उत्पादन 2024 के मुकाबले तीन गुना से भी ज्यादा रहा। 2024 में अमेरिका में सिर्फ 6.57 लाख पाउंड यूरेनियम कंसंट्रेट का उत्पादन हुआ था। इतना ही नहीं, 2025 का उत्पादन 2017 के बाद अमेरिका में सबसे ज्यादा वार्षिक यूरेनियम उत्पादन रहा।
अमेरिका में सिर्फ खनन उत्पादन ही नहीं बढ़ा, बल्कि यूरेनियम सेक्टर में खोज और विकास से जुड़ी गतिविधियों में भी तेजी आई। 2025 के दौरान यूरेनियम एक्सप्लोरेशन और डेवलपमेंट ड्रिलिंग में बढ़ोतरी हुई।
इसे इस संकेत के तौर पर देखा जा रहा है कि अमेरिका अपनी घरेलू यूरेनियम सप्लाई बढ़ाने के लिए नए प्रोजेक्ट्स और संसाधनों पर ध्यान दे रहा है।
यूरेनियम उत्पादन में बड़ी छलांग के बावजूद अमेरिका की विदेशी सप्लायर्स पर निर्भरता अभी काफी ज्यादा है।
2025 में अमेरिकी परमाणु संयंत्रों के ऑपरेटरों ने करीब 4.69 करोड़ पाउंड यूरेनियम कंसंट्रेट के बराबर सामग्री खरीदी। लेकिन अमेरिका के रिएक्टरों तक पहुंचने वाले यूरेनियम में घरेलू उत्पादन की हिस्सेदारी सिर्फ 7 फीसदी रही।
इससे साफ है कि घरेलू उत्पादन बढ़ने के बावजूद अमेरिका को अपनी परमाणु ईंधन जरूरतों के लिए अभी भी दूसरे देशों पर काफी निर्भर रहना पड़ रहा है। कनाडा, कजाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया अमेरिका के प्रमुख यूरेनियम सप्लायर्स में शामिल हैं।
खदानों से निकला यूरेनियम कंसंट्रेट सीधे परमाणु रिएक्टर में ईंधन के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। इसे पहले कन्वर्जन और फिर एनरिचमेंट की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। इसके बाद ही इसे ज्यादातर परमाणु रिएक्टरों के लिए ईंधन में बदला जाता है।
यानी अमेरिका के लिए सिर्फ यूरेनियम खनन बढ़ाना पर्याप्त नहीं है। माइनिंग से लेकर कन्वर्जन, एनरिचमेंट और फ्यूल निर्माण तक पूरी न्यूक्लियर फ्यूल सप्लाई चेन को मजबूत करना जरूरी है।
अमेरिका में यूरेनियम सप्लाई का मुद्दा केवल ऊर्जा सुरक्षा तक सीमित नहीं है। इसका सीधा संबंध राष्ट्रीय सुरक्षा से भी है।
एनरिच्ड यूरेनियम का इस्तेमाल अमेरिकी नौसेना की परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बियों और एयरक्राफ्ट कैरियर्स के लिए किया जाता है। ऐसे में घरेलू परमाणु ईंधन की भरोसेमंद सप्लाई अमेरिकी नौसेना की लंबी अवधि की जरूरतों के लिए बेहद अहम मानी जाती है।
अमेरिका पिछले कई वर्षों से अपनी घरेलू यूरेनियम एनरिचमेंट क्षमता को दोबारा मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। वर्षों तक क्षमता में गिरावट के बाद अब वॉशिंगटन ने इस क्षेत्र में निवेश बढ़ाना शुरू किया है।
अमेरिकी Government Accountability Office (GAO) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2013 के बाद से अमेरिका के पास राष्ट्रीय सुरक्षा की जरूरतों के अनुरूप एनरिच्ड यूरेनियम बनाने की पर्याप्त क्षमता नहीं रही है।
इसी कमी को दूर करने के लिए जनवरी 2026 में अमेरिकी ऊर्जा विभाग ने घरेलू यूरेनियम एनरिचमेंट क्षमता बढ़ाने के लिए 2.7 अरब डॉलर की फंडिंग की घोषणा की।
अमेरिकी सरकार के लिए मजबूत घरेलू यूरेनियम सप्लाई नेटवर्क का महत्व आने वाले वर्षों में और बढ़ सकता है। इससे परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बियों और एयरक्राफ्ट कैरियर्स की ईंधन जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल सकती है।
इसके अलावा, घरेलू न्यूक्लियर फ्यूल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना अमेरिका के व्यापक परमाणु सुरक्षा कार्यक्रम के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
2025 में यूरेनियम उत्पादन में हुई तेज वृद्धि निश्चित रूप से अमेरिका के लिए एक अहम कदम है। लेकिन आंकड़े यह भी बताते हैं कि घरेलू उत्पादन में उछाल के बावजूद अमेरिका अभी विदेशी यूरेनियम सप्लाई से पूरी तरह अलग होने से काफी दूर है।