नेपाल में भारी मानसूनी बारिश के बाद आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बीच भारत ने गुरुवार को राहत सामग्री लेकर दूसरी उड़ान रवाना की। इस विमान में कुल 37.5 टन मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (HADR) सामग्री, जरूरी दवाएं और खाद्य पैकेट शामिल हैं।

Nepal Flash Floods
नेपाल में भारी मानसूनी बारिश के बाद आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बीच भारत ने गुरुवार को राहत सामग्री लेकर दूसरी उड़ान रवाना की। इस विमान में कुल 37.5 टन मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (HADR) सामग्री, जरूरी दवाएं और खाद्य पैकेट शामिल हैं।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए बताया कि दूसरी राहत उड़ान नेपाल के लिए रवाना हो चुकी है। उन्होंने कहा कि भारत नेपाल के अधिकारियों के लगातार संपर्क में है और राहत एवं बचाव प्रयासों में हरसंभव सहयोग जारी रखेगा।
उपलब्ध आधिकारिक अपडेट के अनुसार, गुरुवार सुबह तक नेपाल में 162 लोगों के शव बरामद किए जा चुके थे। ये लोग भोटे कोशी नदी में आई भीषण बाढ़ के प्रवाह में बह गए थे।
नेपाल पुलिस के मुताबिक, नदी के बहाव के साथ शवों को कई जिलों में बरामद किया गया। इनमें रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, चितवन, गोरखा, तनहूं तथा नवलपरासी के पूर्वी और पश्चिमी हिस्से शामिल हैं।
बाढ़ और भूस्खलन ने नेपाल के कई इलाकों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। सड़क, घर, कृषि भूमि और दूसरी बुनियादी सुविधाओं को नुकसान पहुंचने की खबर है।
भारत की दूसरी राहत उड़ान से पहले बुधवार को नेपाल के लिए 10 टन राहत सामग्री भेजी गई थी। इसके बाद 37.5 टन की दूसरी खेप रवाना की गई है।
नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने पहली राहत खेप को नेपाल के संस्कृति, पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन मंत्री खड़क राज पौडेल को औपचारिक रूप से सौंपा था।
राहत सामग्री का उद्देश्य बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित लोगों तक जरूरी सामान पहुंचाना और स्थानीय राहत अभियानों को सहयोग देना है।
नेपाल में मौजूदा संकट के पीछे भारी मानसूनी बारिश को प्रमुख कारण बताया गया है। अत्यधिक बारिश के कारण नदियों में जलस्तर बढ़ा और कई इलाकों में अचानक तेज बाढ़ की स्थिति पैदा हुई।
भोटे कोशी और त्रिशूली नदी तंत्र से जुड़े इलाकों में बाढ़ का असर विशेष रूप से गंभीर रहा है। कई परिवार प्रभावित हुए हैं और बड़े स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
हालांकि, आपदा के पूरे प्रभाव और नुकसान का अंतिम आकलन राहत अभियान पूरा होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
भारत और नेपाल के बीच लंबे समय से मानवीय सहायता और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में सहयोग रहा है। मौजूदा राहत अभियान को भारत की 'Neighbourhood First' नीति के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा है कि भारत नेपाल के साथ मजबूती से खड़ा है और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
फिलहाल नेपाल के प्रभावित इलाकों में खोज, बचाव और राहत अभियान जारी है। बड़ी संख्या में प्रभावित लोगों तक जरूरी सामान पहुंचाना प्रशासन के सामने प्रमुख चुनौती बनी हुई है।
नेपाल में राहत और बचाव अभियान अभी जारी है। नदी क्षेत्रों में बरामद होने वाले शवों की संख्या और प्रभावित इलाकों में नुकसान का आंकड़ा आगे बदल सकता है। इसलिए मौतों और लापता लोगों से जुड़े आंकड़ों को नवीनतम आधिकारिक अपडेट के आधार पर देखना जरूरी है।
भारत की दूसरी राहत उड़ान से नेपाल में दवाओं, खाद्य सामग्री और अन्य जरूरी HADR संसाधनों की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है। दोनों देशों के अधिकारी राहत कार्यों को लेकर लगातार संपर्क में हैं।