कंसल्टेंसी फर्म Grant Thornton Bharat के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में भारतीय अर्थव्यवस्था 7.4 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है। यह जानकारी राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा जारी फर्स्ट एडवांस एस्टीमेट के आधार पर दी गई है। रिपोर्ट के अनुसा...

कंसल्टेंसी फर्म Grant Thornton Bharat के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में भारतीय अर्थव्यवस्था 7.4 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है। यह जानकारी राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा जारी फर्स्ट एडवांस एस्टीमेट के आधार पर दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार, यह ग्रोथ पिछले वित्त वर्ष की 6.5 प्रतिशत वृद्धि की तुलना में बेहतर है। हालांकि, 2026-27 में आर्थिक विकास की रफ्तार थोड़ी कम होकर करीब 7 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया है।
Grant Thornton Bharat का कहना है कि सेवा क्षेत्र (Services) और विनिर्माण क्षेत्र (Manufacturing) भारतीय अर्थव्यवस्था की ग्रोथ के मुख्य इंजन बने रहेंगे। इन्हीं क्षेत्रों के दम पर भारत इस दौरान भी दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बना रहेगा।
Grant Thornton Bharat के पार्टनर और इकोनॉमिक एडवाइजरी सर्विसेज लीडर ऋषि शाह ने पीटीआई से बातचीत में बताया कि अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ और अन्य वैश्विक बाधाओं के बावजूद भारतीय निर्यात स्थिर बना हुआ है। उन्होंने कहा कि अनिश्चित अंतरराष्ट्रीय हालात के बावजूद भारत का व्यापार प्रदर्शन कुल आर्थिक विकास में अहम योगदान दे रहा है।
रिपोर्ट में यह भी चेतावनी दी गई है कि दक्षिण अमेरिका और मध्य पूर्व जैसे क्षेत्रों में चल रहे भू-राजनीतिक घटनाक्रम आने वाले समय में दबाव बढ़ा सकते हैं। Grant Thornton Bharat के अनुसार, इन घटनाओं का असर वैश्विक सप्लाई चेन, व्यापार और उत्पादन गतिविधियों पर पड़ सकता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रभावित होने की आशंका है।
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