Impact of Iran-US war on India's economy: ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से जारी तनाव और संघर्ष का असर अब पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर दिखाई देने लगा है। दोनों देशों के बीच कई बार संघर्ष विराम (Ceasefire) की खबरें आईं, लेकिन स्थिति अब भी गंभीर बनी ह...

ईरान से आने वाले कच्चे तेल का एक बड़ा हिस्सा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) रास्ते से होकर गुजरता है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल व्यापार मार्गों में से एक है। यदि इस मार्ग पर तनाव बढ़ता है या आवाजाही प्रभावित होती है, तो तेल की कीमतों में तेजी आना तय माना जाता है। इसका सीधा असर भारत की अर्थव्यवस्था और आम जनता की जेब पर पड़ता है।
ईरान-अमेरिका तनाव ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि भारत ऊर्जा के मामले में अब भी विदेशों पर कितना निर्भर है। देश को आजाद हुए कई दशक बीत चुके हैं, लेकिन आज भी भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है।
कई सरकारें आईं और गईं, लेकिन ऊर्जा आत्मनिर्भरता को लेकर बड़े स्तर पर ठोस बदलाव अभी तक सीमित ही दिखाई देते हैं। सरकारों ने समय-समय पर कई जनकल्याण योजनाएं शुरू कीं, जिन पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
मध्य प्रदेश में चल रही “मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना” के तहत महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जाती है। वर्ष 2025-26 के बजट में इस योजना के लिए लगभग ₹18,669 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
वहीं महाराष्ट्र सरकार की “मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना” के अंतर्गत पात्र महिलाओं को ₹1500 प्रतिमाह सहायता दी जा रही है। राज्य सरकार ने 2025-26 के बजट में इस योजना के लिए करीब ₹36,000 करोड़ आवंटित किए हैं।
ऐसी कई अन्य योजनाओं पर भी सरकारें बड़े स्तर पर खर्च कर रही हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि देश को लंबे समय में आत्मनिर्भर बनाने के लिए ऊर्जा, उत्पादन और रोजगार जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ाना भी जरूरी है।
| वित्त वर्ष | कुल आयात (मिलियन टन / MMT) | आयात निर्भरता (%) | अनुमानित आयात बिल (USD) | मुख्य सप्लायर देश |
| 2020–21 | ~196 MMT | ~85% | ~$100–110 अरब | इराक, सऊदी अरब, UAE, USA |
| 2021–22 | ~212 MMT | ~87% | ~$120 अरब | इराक, सऊदी अरब, UAE, रूस |
| 2022–23 | ~232.7 MMT | ~88% | ~$150–157 अरब | रूस, इराक, सऊदी अरब |
| 2023–24 | ~233–234 MMT | ~88.6% | ~$145–150 अरब | रूस, इराक, सऊदी अरब, UAE |
| 2024–25 | ~242.4 MMT | ~89.1% | ~$160–161 अरब | रूस, इराक, सऊदी अरब, UAE, USA |