EPFO अगस्त के अंत तक E-PRAAPTI पोर्टल लॉन्च कर सकता है। आधार वेरिफिकेशन से पुराने और निष्क्रिय PF खातों में फंसे पैसे को पाने की प्रक्रिया आसान होगी।

नौकरी बदलने के बाद कई कर्मचारी अपना पुराना PF खाता नई कंपनी के PF खाते से ट्रांसफर करना भूल जाते हैं। लंबे समय तक खाते में कोई योगदान नहीं आने पर यह खाता निष्क्रिय हो जाता है और उसमें जमा कर्मचारी की मेहनत की कमाई अटक जाती है।
अब ऐसे कर्मचारियों के लिए राहत की खबर है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO अगस्त 2026 के अंत तक एक नया डिजिटल प्लेटफॉर्म E-PRAAPTI Portal लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है। इस पोर्टल का उद्देश्य पुराने और निष्क्रिय PF खातों को दोबारा सक्रिय करने और उनमें जमा पैसे तक कर्मचारियों की पहुंच आसान बनाना है।
E-PRAAPTI का पूरा नाम EPF Aadhaar-Based Access Portal for Tracking Inoperative Accounts बताया गया है। यह प्लेटफॉर्म खास तौर पर उन पुराने PF खातों के लिए बनाया जा रहा है, जो कर्मचारी के मौजूदा UAN से लिंक नहीं हैं।
इस पोर्टल को यूजर-ड्रिवन सिस्टम के तौर पर विकसित किया जा रहा है। यानी कर्मचारी खुद अपने पुराने PF खाते से जुड़ी जानकारी को ट्रैक और मैनेज कर सकेंगे।
E-PRAAPTI पोर्टल की सबसे खास बात इसका आधार आधारित वेरिफिकेशन सिस्टम होगा। इसके जरिए कर्मचारी की पहचान को आधार के माध्यम से सत्यापित किया जाएगा।
इससे पुराने PF खाते को खोजने और उससे जुड़ी प्रक्रिया को आसान बनाने की कोशिश की जाएगी। फिलहाल पुराने खाते से जुड़ी कई प्रक्रियाओं में कर्मचारियों को पुराने नियोक्ता से संपर्क करना पड़ सकता है। नए सिस्टम का उद्देश्य इस तरह की परेशानी और कागजी कार्रवाई को कम करना है।
पुराने और निष्क्रिय PF खातों में बड़ी रकम पड़ी हुई है। दिए गए आंकड़ों के अनुसार, देश में 30.91 लाख से ज्यादा निष्क्रिय PF खाते हैं, जिनमें कर्मचारियों के करीब 9,330 करोड़ रुपये जमा हैं।
ऐसे खातों में पैसे होने के बावजूद कई कर्मचारी उन्हें ट्रैक नहीं कर पाते हैं। E-PRAAPTI पोर्टल का एक बड़ा उद्देश्य इसी रकम को सही खाताधारकों तक पहुंचाने की प्रक्रिया को आसान बनाना है।
दिए गए स्रोत के अनुसार, जब किसी EPF खाते में लगातार तीन साल तक कोई योगदान नहीं आता है, तो उसे निष्क्रिय यानी Inoperative माना जाता है। नौकरी बदलने या लंबे समय तक PF में योगदान न होने के कारण कई पुराने खाते इसी श्रेणी में आ जाते हैं।
ऐसे में कर्मचारी का पैसा खाते में मौजूद रह सकता है, लेकिन उसे पुराने खाते की जानकारी और प्रक्रिया के कारण पैसा निकालने या ट्रांसफर करने में परेशानी हो सकती है।
पुराने PF खाते से जुड़ी प्रक्रिया में कई बार कर्मचारी को अपने पुराने नियोक्ता से संपर्क करना पड़ता है। वेरिफिकेशन और अप्रूवल की वजह से प्रक्रिया में समय लग सकता है।
E-PRAAPTI पोर्टल का उद्देश्य इस प्रक्रिया को डिजिटल और आसान बनाना है। आधार आधारित पहचान सत्यापन के जरिए कर्मचारी अपने पुराने PF खाते से जुड़ी जानकारी तक पहुंच बनाने की कोशिश कर सकेंगे। इससे कागजी कार्रवाई कम होने और EPFO ऑफिस के चक्कर घटने की उम्मीद है।
E-PRAAPTI पोर्टल की सुविधा दो चरणों में आगे बढ़ाने की योजना बताई गई है।
पहले चरण में उन कर्मचारियों को सुविधा मिलने की बात कही गई है, जिनके पास अपनी पुरानी Member ID मौजूद है।
यह खास तौर पर उन पुराने PF खातों के लिए उपयोगी होगा, जो UAN सिस्टम से पहले इस्तेमाल की जाने वाली Member ID से जुड़े हैं।
दूसरे चरण में सुविधा का दायरा बढ़ाया जाएगा। इसमें ऐसे लोगों को भी अपना पुराना PF खाता खोजने में मदद मिलने की उम्मीद है, जिन्हें अपनी पुरानी Member ID याद नहीं है या उनके पास वह उपलब्ध नहीं है। इससे ज्यादा कर्मचारियों को अपने पुराने PF खातों और उनमें जमा रकम को ट्रैक करने में मदद मिल सकती है।
दिए गए स्रोत के अनुसार, EPFO इस पोर्टल को अगस्त 2026 के अंत तक लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है।
लॉन्च से पहले पोर्टल के लिए बैक-एंड सॉफ्टवेयर और राष्ट्रीय डेटाबेस तैयार करने का काम किया जा रहा है। इसका उद्देश्य पुराने और निष्क्रिय खातों की जानकारी को एक बेहतर डिजिटल सिस्टम के जरिए उपलब्ध कराना है।
हालांकि, पोर्टल लाइव होने के बाद वास्तविक प्रक्रिया और उपलब्ध सुविधाओं की पूरी जानकारी सामने आएगी।
E-PRAAPTI पोर्टल उन कर्मचारियों के लिए खास हो सकता है, जिनका पुराना PF खाता नौकरी बदलने के बाद छूट गया है। अगर इस सिस्टम के जरिए पुराने खाते को आसानी से खोजकर मौजूदा UAN से जोड़ने या पैसा ट्रांसफर करने की सुविधा मिलती है, तो कर्मचारियों के लिए प्रक्रिया काफी आसान हो सकती है। इससे लंबे समय से अटके PF पैसे तक पहुंच बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल पोर्टल के पूरी तरह लाइव होने का इंतजार करना होगा। अगर आपके पास पुरानी PF Member ID की जानकारी है, तो उसे सुरक्षित रखना उपयोगी रहेगा। पोर्टल लॉन्च होने के बाद EPFO की ओर से बताई गई आधिकारिक प्रक्रिया के अनुसार ही अपने पुराने PF खाते की जानकारी और पैसे को ट्रैक करें।
ध्यान रखें कि PF से जुड़ी किसी भी प्रक्रिया के लिए केवल EPFO के आधिकारिक माध्यमों का इस्तेमाल करें और किसी अनजान व्यक्ति के साथ अपना आधार, OTP, बैंक डिटेल या अन्य संवेदनशील जानकारी शेयर न करें।