सरकारी गाड़ी को देख लोगों ने सोचा कि पुलिस या कोई सरकारी अधिकारी जांच करने आया है, लेकिन जब पास जाकर देखा तो गाड़ी में तीन लोग कच्ची शराब पीते हुए दिखे।
लोगों ने विरोध किया तो रफूचक्कर हुआ Drunken Driver :
एक स्कूल के पास जब गाड़ी अचानक आकर खड़ी हो गई तो लोगों ने गाड़ी के पास जाकर देखा तो तीन लोग पॉलिथीन में कच्ची शराब पी रहे थे। तीनों एक ही थैले से बारी से बारी से शराब पी रहे थे और नशे में धुत्त थे। लोगों ने जब ताबड़तोड़ ड्राइवर पर सवाल दागे तो ड्राइवर घबराकर गाड़ी लेकर रफूचक्कर हो गया।
(मंत्री जी का ड्राइवर लोगों पर रौब जमाते हुए)
तीनों को शराब पीते देख जब स्थानीय लोगों ने उनका विरोध किया तो गाड़ी के ड्राइवर का कहना था कि ‘हम सरकारी आदमी है और यह गाड़ी भी सरकारी है। इसलिए हम गाड़ी में शराब पी सकते हैं।’
मंत्री जी ने मान गाड़ी और ड्राइवर उनका :
घटना सोमवार सुबह करीब 10 बजे सतलापुर थाना क्षेत्र की है। लोगों को लगा कि पुलिस गश्त करते आई है तभी स्थानीय लोगों ने पास जाकर देखा तो गाड़ी के भीतर 3 लोग बैठकर कच्ची शराब पी रहे थे। जबकि नियम के मुताबिक यह लॉक डाउन का उल्लंघन है और सरकारी गाड़ी को निजी ड्राइवर भी नहीं चला सकते। बाद में डॉ. चौधरी ने स्वीकार किया कि गाड़ी उनकी है और वाहन चला रहा व्यक्ति उनका निजी ड्राइवर है।
सरकारी ड्राइवर की नौकरी भी खतरे में :
सरकारी वाहन का इस तरह से दुरुपयोग और उसमें सरकारी ड्राइवर के न होने से सरकारी ड्राइवर की नौकरी भी निजी ड्राइवर ने खतरे में डाल दी है। यदि मामला तूल पकड़ता है तो सरकारी ड्राइवर को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ सकता है।
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