केरल में लगातार भारी बारिश और बाढ़ से अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 7 लोग लापता हैं। 11,018 लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं।

केरल में लगातार हो रही भारी बारिश और बाढ़ ने जनजीवन बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। राज्य में बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 7 लोग अभी भी लापता हैं।
राज्य सरकार के अनुसार, हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। फिलहाल 316 राहत शिविरों में 11,018 लोग रह रहे हैं। हालात को देखते हुए NDRF, सेना और अन्य सुरक्षा बलों को अलर्ट पर रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अलग-अलग जिलों में हुई मौतों का आंकड़ा इस प्रकार है—
इसके अलावा 7 लोग अब भी लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है।
भारी बारिश और बाढ़ के कारण बड़ी संख्या में लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े हैं।
राज्य सरकार के अनुसार:
प्रशासन लगातार प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य चला रहा है।
बारिश और बाढ़ का असर खेती पर भी पड़ा है।
शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार—
सरकार ने कहा है कि अंतिम सर्वे के बाद नुकसान का आंकड़ा और बढ़ सकता है।
स्थिति को देखते हुए राज्य के कई जिलों में राहत और बचाव दल तैनात किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने बारिश से जान गंवाने वाले लोगों के अंतिम संस्कार के लिए ₹10,000 की सहायता देने की घोषणा की है। इसके अलावा कृषि विभाग को किसानों के नुकसान के लिए मुआवजा बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
भारत मौसम विभाग (IMD) ने केरल के लिए फिर से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार—
मौसम विभाग ने 2 और 3 अगस्त को केरल, कर्नाटक और लक्षद्वीप तट पर मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है।
वहीं, Indian National Centre for Ocean Information Services (INCOIS) ने उत्तरी केरल तट पर 2.7 से 3.5 मीटर ऊंची लहरें उठने की चेतावनी जारी की है।
केरल में लगातार हो रही भारी बारिश और बाढ़ ने सामान्य जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। अब तक 15 लोगों की मौत, 7 लोगों के लापता होने और 11 हजार से अधिक लोगों के राहत शिविरों में रहने की पुष्टि हो चुकी है। प्रशासन, NDRF और अन्य सुरक्षा एजेंसियां राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं, जबकि मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
केरल में लगातार हो रही भारी बारिश और बाढ़ ने जनजीवन बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। राज्य में बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 7 लोग अभी भी लापता हैं।
राज्य सरकार के अनुसार, हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। फिलहाल 316 राहत शिविरों में 11,018 लोग रह रहे हैं। हालात को देखते हुए NDRF, सेना और अन्य सुरक्षा बलों को अलर्ट पर रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अलग-अलग जिलों में हुई मौतों का आंकड़ा इस प्रकार है—
इसके अलावा 7 लोग अब भी लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है।
भारी बारिश और बाढ़ के कारण बड़ी संख्या में लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े हैं।
राज्य सरकार के अनुसार:
प्रशासन लगातार प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य चला रहा है।
बारिश और बाढ़ का असर खेती पर भी पड़ा है।
शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार—
सरकार ने कहा है कि अंतिम सर्वे के बाद नुकसान का आंकड़ा और बढ़ सकता है।
स्थिति को देखते हुए राज्य के कई जिलों में राहत और बचाव दल तैनात किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने बारिश से जान गंवाने वाले लोगों के अंतिम संस्कार के लिए ₹10,000 की सहायता देने की घोषणा की है। इसके अलावा कृषि विभाग को किसानों के नुकसान के लिए मुआवजा बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
भारत मौसम विभाग (IMD) ने केरल के लिए फिर से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार—
मौसम विभाग ने 2 और 3 अगस्त को केरल, कर्नाटक और लक्षद्वीप तट पर मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है।
वहीं, Indian National Centre for Ocean Information Services (INCOIS) ने उत्तरी केरल तट पर 2.7 से 3.5 मीटर ऊंची लहरें उठने की चेतावनी जारी की है।
केरल में लगातार हो रही भारी बारिश और बाढ़ ने सामान्य जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। अब तक 15 लोगों की मौत, 7 लोगों के लापता होने और 11 हजार से अधिक लोगों के राहत शिविरों में रहने की पुष्टि हो चुकी है। प्रशासन, NDRF और अन्य सुरक्षा एजेंसियां राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं, जबकि मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।