दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने पूर्व WFI अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में बरी कर दिया।

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता और भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न (Sexual Harassment) के मामले में बरी कर दिया है।
सोमवार को अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM) अश्विनी पंवार ने यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने इस मामले में सह-आरोपी विनोद तोमर को भी बरी कर दिया।
कोर्ट ने अभियोजन पक्ष, शिकायतकर्ता महिला पहलवानों और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुनाया। मामले की सुनवाई इन-कैमरा (बंद कमरे) में हुई थी। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सोमवार को कोर्ट ने दोनों आरोपियों को बरी कर दिया।
महिला पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न और अनुचित व्यवहार के आरोप लगाए थे। दिल्ली पुलिस की चार्जशीट के अनुसार, कथित घटनाएं 2016 से 2019 के बीच हुई थीं। आरोप था कि ये घटनाएं:
दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की इन धाराओं के तहत आरोपपत्र दाखिल किया था—
वहीं, सह-आरोपी विनोद तोमर के खिलाफ धारा 109 (उकसाने/सहयोग करने) का आरोप भी लगाया गया था।
मई 2024 में कोर्ट ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ कुछ आरोप तय किए थे। हालांकि, एक शिकायतकर्ता से जुड़े आरोपों में उन्हें पहले ही राहत मिल चुकी थी। इस मामले के दौरान बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर दोनों जमानत पर बाहर थे।
एक नाबालिग महिला पहलवान द्वारा लगाए गए आरोपों से जुड़े POCSO मामले में दिल्ली पुलिस पहले ही कैंसलेशन रिपोर्ट दाखिल कर चुकी थी। इसलिए उस मामले में अलग कार्रवाई की गई थी।
दिल्ली कोर्ट के इस फैसले का मतलब है कि उपलब्ध सबूतों और सुनवाई के आधार पर अदालत ने बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को इस आपराधिक मामले में बरी (Acquit) कर दिया है। यदि भविष्य में इस फैसले को किसी उच्च अदालत में चुनौती दी जाती है, तो आगे की कानूनी प्रक्रिया उसी के अनुसार चलेगी।महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने पूर्व WFI अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को बरी कर दिया है। यह फैसला लंबे समय से चर्चा में रहे इस मामले में एक महत्वपूर्ण कानूनी पड़ाव माना जा रहा है।
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता और भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न (Sexual Harassment) के मामले में बरी कर दिया है।
सोमवार को अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM) अश्विनी पंवार ने यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने इस मामले में सह-आरोपी विनोद तोमर को भी बरी कर दिया।
कोर्ट ने अभियोजन पक्ष, शिकायतकर्ता महिला पहलवानों और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुनाया। मामले की सुनवाई इन-कैमरा (बंद कमरे) में हुई थी। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सोमवार को कोर्ट ने दोनों आरोपियों को बरी कर दिया।
महिला पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न और अनुचित व्यवहार के आरोप लगाए थे। दिल्ली पुलिस की चार्जशीट के अनुसार, कथित घटनाएं 2016 से 2019 के बीच हुई थीं। आरोप था कि ये घटनाएं:
दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की इन धाराओं के तहत आरोपपत्र दाखिल किया था—
वहीं, सह-आरोपी विनोद तोमर के खिलाफ धारा 109 (उकसाने/सहयोग करने) का आरोप भी लगाया गया था।
मई 2024 में कोर्ट ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ कुछ आरोप तय किए थे। हालांकि, एक शिकायतकर्ता से जुड़े आरोपों में उन्हें पहले ही राहत मिल चुकी थी। इस मामले के दौरान बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर दोनों जमानत पर बाहर थे।
एक नाबालिग महिला पहलवान द्वारा लगाए गए आरोपों से जुड़े POCSO मामले में दिल्ली पुलिस पहले ही कैंसलेशन रिपोर्ट दाखिल कर चुकी थी। इसलिए उस मामले में अलग कार्रवाई की गई थी।
दिल्ली कोर्ट के इस फैसले का मतलब है कि उपलब्ध सबूतों और सुनवाई के आधार पर अदालत ने बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को इस आपराधिक मामले में बरी (Acquit) कर दिया है। यदि भविष्य में इस फैसले को किसी उच्च अदालत में चुनौती दी जाती है, तो आगे की कानूनी प्रक्रिया उसी के अनुसार चलेगी।महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने पूर्व WFI अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को बरी कर दिया है। यह फैसला लंबे समय से चर्चा में रहे इस मामले में एक महत्वपूर्ण कानूनी पड़ाव माना जा रहा है।