चित्रकूट धाम को मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की तपोभूमि माना जाता है। चित्रकूट में Ram Navmi के दिन दीपोत्सव मनाए जाने की परंपरा अनादि काल से चली आ रही है। इस वर्ष भी राम नवमी पर्व पर 11 लाख से ज्यादा दीपक जलाने की तैयारी की गई है। वेद शास्त्रों के...

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रामनवमी के अवसर पर यहां चारों तरफ सुंदर नजारा देखने को मिलेगा। यहां भगवान श्रीराम के अनेक पवित्र स्थल हैं, जहां आज भी भगवान श्रीराम की पावन अनुभूति होती है, जैसे-कामदनाथ, रामघाट, भरत कूप, मंदाकिनी घाट, स्फटिक शिला, सती अनुसुइया, हनुमान धारा आदि।
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चित्रकूट में Ram Navmi को लेकर खास तैयारियां की जा रही हैं, इस बार चित्रकूट में एमपी प्रशासन और यूपी प्रशासन दोनों लोग मिलकर एक भव्य कार्यक्रम करने के लिए तैयारियों में जुटे हुए है।
बता दें कि चित्रकूट में मंदाकिनी के तट पर इस बार 11 लाख दीप प्रचलित किया जाएगा। जिसकी तैयारियां चालू हो चुकी है, यहां पिछले साल 5 लाख से अधिक दीप प्रज्वलित किए गए थे। लेकिन इस बार 11 लाख दीप प्रज्वलित किया जाएगा।
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कामदगिरि पर्वत के महंत मदन गोपाल दास जी बताते है, कि चित्रकूट में रामघाट पर साधु-संतों ने तैयारियां पूरी हो चुकी है। Ram Navmi के दिन चित्रकूट के रामघाट पर 11 लाख दीपक जलने वाले है।
Ram Navmi कार्यक्रम अन्य धार्मिक कार्यक्रमों से अलग माना जाता है, क्योंकि प्रभु राम ने अपना सबसे ज्यादा समय चित्रकूट में बिताया है। इसलिए रामनवमी के दिन चित्रकूट में बेहद खास कार्यक्रम मां मंदाकिनी के तट पर रखा गया है।
बड़ी दूर-दूर से साधु संत चित्रकूट में इस कार्यक्रम में भाग लेने आते है और यहां पर हर बार की तरह इस बार भी राम से जुड़ी हुई कई कलाएं दिखाई जाएंगी।
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