तेहरान। मध्य पूर्व में चल रहे तनाव (Middle-East War) के बीच ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने एक बड़ी धमकी जारी की है। IRGC ने कहा है कि वह किसी भी हत्या का बदला अमेरिका से जुड़ी बड़ी कंपनियों को निशाना बनाकर लेगा। इस बयान के बाद वैश्विक सुरक्षा एजेंसियो...
तेहरान। मध्य पूर्व में चल रहे तनाव (Middle-East War) के बीच ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने एक बड़ी धमकी जारी की है। IRGC ने कहा है कि वह किसी भी हत्या का बदला अमेरिका से जुड़ी बड़ी कंपनियों को निशाना बनाकर लेगा। इस बयान के बाद वैश्विक सुरक्षा एजेंसियों और कॉर्पोरेट जगत में हड़कंप मच गया है।
काम करने की जगहें तुरंत खाली करने का आदेश
IRGC द्वारा जारी एक बयान में इन कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी काम करने की जगहें तुरंत खाली कर दें। IRGC ने इन कंपनियों के दफ़्तरों के एक किलोमीटर के दायरे में रहने वाले स्थानीय निवासियों से भी अपील की है कि वे अपनी निजी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किसी सुरक्षित जगह पर चले जाएं।
इन कंपनियों को अल्टीमेटम जारी
IRGC ने उन कंपनियों की एक सूची भी सार्वजनिक की है जिन्हें निशाना बनाया जा रहा है। इस सूची में Cisco, HP, Intel, Oracle, Microsoft, Apple, Google, Meta, IBM, Dell, Nvidia, JPMorgan Chase, Tesla, General Electric, Boeing और अन्य शामिल हैं। बयान में स्पष्ट किया गया है कि यह निर्देश 1 अप्रैल को तेहरान के समय के अनुसार रात 8:00 बजे से प्रभावी होगा।
अमेरिका ने दी ईरान को धमकी
IRGC का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा संघर्ष एक निर्णायक और खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया है। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि उसे या तो अमेरिका के साथ किसी समझौते पर पहुँचना होगा या फिर "कड़ी सैन्य कार्रवाई" का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा। हेगसेथ ने स्पष्ट किया कि आने वाले दिन इस संघर्ष के भविष्य के लिए निर्णायक साबित होंगे और यह विवाद केवल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की शर्तों पर ही समाप्त होगा।
ट्रंप बातचीत के लिए तैयार
ईरान के नए नेतृत्व को चेतावनी देते हुए रक्षा सचिव हेगसेथ ने उनसे आग्रह किया कि वे पिछले शासन की तुलना में अधिक समझदारी दिखाएं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप न तो कोई दिखावा करते हैं और न ही पीछे हटते हैं। ईरान में नई सरकार को यह समझना होगा कि सत्ता परिवर्तन पहले ही हो चुका है। ट्रंप बातचीत के लिए तैयार हैं और शर्तें उन्हें पता हैं। अगर ईरान तैयार नहीं होता है तो अमेरिकी रक्षा विभाग और भी ज़्यादा ज़ोर-शोर से अपने हमले जारी रखेगा।
तेहरान। मध्य पूर्व में चल रहे तनाव (Middle-East War) के बीच ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने एक बड़ी धमकी जारी की है। IRGC ने कहा है कि वह किसी भी हत्या का बदला अमेरिका से जुड़ी बड़ी कंपनियों को निशाना बनाकर लेगा। इस बयान के बाद वैश्विक सुरक्षा एजेंसियों और कॉर्पोरेट जगत में हड़कंप मच गया है।
काम करने की जगहें तुरंत खाली करने का आदेश
IRGC द्वारा जारी एक बयान में इन कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी काम करने की जगहें तुरंत खाली कर दें। IRGC ने इन कंपनियों के दफ़्तरों के एक किलोमीटर के दायरे में रहने वाले स्थानीय निवासियों से भी अपील की है कि वे अपनी निजी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किसी सुरक्षित जगह पर चले जाएं।
इन कंपनियों को अल्टीमेटम जारी
IRGC ने उन कंपनियों की एक सूची भी सार्वजनिक की है जिन्हें निशाना बनाया जा रहा है। इस सूची में Cisco, HP, Intel, Oracle, Microsoft, Apple, Google, Meta, IBM, Dell, Nvidia, JPMorgan Chase, Tesla, General Electric, Boeing और अन्य शामिल हैं। बयान में स्पष्ट किया गया है कि यह निर्देश 1 अप्रैल को तेहरान के समय के अनुसार रात 8:00 बजे से प्रभावी होगा।
अमेरिका ने दी ईरान को धमकी
IRGC का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा संघर्ष एक निर्णायक और खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया है। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि उसे या तो अमेरिका के साथ किसी समझौते पर पहुँचना होगा या फिर "कड़ी सैन्य कार्रवाई" का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा। हेगसेथ ने स्पष्ट किया कि आने वाले दिन इस संघर्ष के भविष्य के लिए निर्णायक साबित होंगे और यह विवाद केवल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की शर्तों पर ही समाप्त होगा।
ट्रंप बातचीत के लिए तैयार
ईरान के नए नेतृत्व को चेतावनी देते हुए रक्षा सचिव हेगसेथ ने उनसे आग्रह किया कि वे पिछले शासन की तुलना में अधिक समझदारी दिखाएं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप न तो कोई दिखावा करते हैं और न ही पीछे हटते हैं। ईरान में नई सरकार को यह समझना होगा कि सत्ता परिवर्तन पहले ही हो चुका है। ट्रंप बातचीत के लिए तैयार हैं और शर्तें उन्हें पता हैं। अगर ईरान तैयार नहीं होता है तो अमेरिकी रक्षा विभाग और भी ज़्यादा ज़ोर-शोर से अपने हमले जारी रखेगा।