Joshimath में भू-धंसाव की समस्या खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। भू-संधाव का दायरा बढ़ता ही जा रहा हैं। इसकी चपेट में ज्योतिर्मठ परिसर के बाद अब शंकराचार्य माधव जी का आश्रम के मंदिर की शिवलिंग में तक दरारें आ गई हैं। Joshimath परिसर के भवनों के आस-पा...

credit: google.com[/caption]
credit: google.com[/caption]
भू संधाव के कारण शंकराचार्य की गद्दी स्थल में दरारे आने के कारण ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने चिंता जताई हैं।Joshimath की सामने आई तस्वीरों को देखकर हर किसी को तकलीफ पहुंच रही है। अब भू-संधाव कि चपेट में ज्योतिर्मठ भी आ रहा है। जोशीमठ केइस तबाही के मंजर को देखते हुए विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों की टीम भी हैरान रह गई हैं। शहर के तभी के इस मंजर और बेतरह धंसने साथ ही लोगों के दर्जनों घरों और इमारतों की दीवारों, दरवाजों, फर्श, सड़कों पर आ रही इन दरारों का और भू संधाव का कारण पता लगाने में फिलहाल वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों की टीम को पहले दिन नाकामी हासिल हुई हैं।
ये भी पढ़े: Kanjhawala काण्ड के 72 घण्टे… अंजिल की मौत की उलझी थ्योरी, केस में बढ़ता सस्पेंस और किश्तो में पुलिस की कहानी!
credit: google.com[/caption]
Joshimath में हो रहे हैं भू-धंसाव का मामला अब सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गया है, जिसका याचिका दाखिल हो चुकी हैं। ज्योतिर्पीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने आज अपने अधिवक्ता के माध्यम से SC के अंदर आज अपनी याचिका को दाखिल कराया हैं। जिसकी जानकारी स्वंय शंकराचार्य गुरू जी ने दी हैं। अब देखना यह हैं कि अब यह भू-संधाव रूकेगा और कब तक इसकी सुनवाई होगी।
ये भी पढ़े: Joshimath Landslide:भारत-तिब्बत सीमा पर स्थित देश के अंतिम शहर जोशीमठ का अस्तित्व गंभीर खतरे में,
Also Read: The Most Active Hawaii Kilauea Volcano is Erupting Once Again