LPG Rate Today 14 August 2026: घरेलू LPG सिलेंडर के दाम आज स्थिर हैं। दिल्ली, मुंबई, जयपुर समेत प्रमुख शहरों के 14.2 Kg और 19 Kg सिलेंडर के रेट जानें।

LPG Rate Today on August 14,
देश में घरेलू LPG उपभोक्ताओं के लिए 14 अगस्त 2026 को राहत वाली खबर है। सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर के रेट भी आज स्थिर हैं।
इस महीने की शुरुआत में कमर्शियल LPG की कीमतों में बड़ी कटौती हुई थी। 1 अगस्त को दिल्ली में 19 किलो वाले सिलेंडर का दाम ₹192 घटकर ₹2,738 हो गया था। प्रमुख शहरों में भी इसी तरह की कटौती की गई थी।
14 अगस्त को दिल्ली में 14.2 किलो वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत ₹942 है। वहीं 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर के लिए ₹2,738 चुकाने होंगे।
घरेलू LPG की कीमत में इस महीने कोई बदलाव नहीं किया गया है, जबकि कमर्शियल सिलेंडर के रेट में 1 अगस्त को कटौती लागू हुई थी।
| शहर | 14.2 Kg घरेलू LPG | 19 Kg कमर्शियल LPG |
|---|---|---|
| दिल्ली | ₹942 | ₹2,738 |
| मुंबई | ₹941.50 | ₹2,691.50 |
| नोएडा | ₹939.50 | ₹2,738 |
| जयपुर | ₹945.50 | ₹2,765.50 |
| हैदराबाद | ₹994 | ₹2,985 |
| पटना | ₹1,031.50 | ₹3,018 |
| चंडीगढ़ | ₹951.50 | ₹2,760 |
| कोलकाता | ₹968 | ₹2,872.50 |
स्थानीय कर, वितरण लागत और क्षेत्रीय परिस्थितियों के कारण अलग-अलग शहरों में LPG की खुदरा कीमत अलग रहती है।
अगस्त की शुरुआत में सरकारी तेल कंपनियों ने 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में करीब ₹200 की कटौती की थी। दिल्ली में यह कमी ₹192 रही, जिससे कीमत ₹2,930 से घटकर ₹2,738 हो गई।
यह लगातार दूसरा महीना था जब कमर्शियल LPG की कीमत में कटौती हुई। हालांकि, घरेलू 14.2 किलो वाले सिलेंडर के दाम में उस समय भी बदलाव नहीं किया गया था।
घरेलू LPG की कीमतों को लेकर स्थिति अलग है क्योंकि सरकार और सरकारी तेल कंपनियां घरेलू रसोई गैस की बिक्री पर होने वाले नुकसान तथा सब्सिडी व्यवस्था को भी ध्यान में रखती हैं। 10 अगस्त की Reuters रिपोर्ट के मुताबिक, अगस्त में घरेलू LPG बिक्री पर सरकारी तेल कंपनियों का राजस्व नुकसान घटकर करीब ₹188 प्रति 14.2 किलो सिलेंडर रह गया था।
सिलेंडर की खुदरा कीमतों में आज भले ही बदलाव नहीं हुआ हो, लेकिन LPG की सप्लाई को लेकर भारत की रणनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है।
भारत लंबे समय से LPG आयात के लिए पश्चिम एशिया पर काफी निर्भर रहा है। 2025 में भारत के करीब 21.85 मिलियन टन LPG आयात में लगभग 90% हिस्सा मध्य पूर्व से आया था। 2026 में क्षेत्रीय तनाव और Strait of Hormuz से जुड़ी आपूर्ति बाधाओं के बाद भारत ने LPG के स्रोतों में तेजी से विविधता लाने की कोशिश की।
अमेरिका इस रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बनकर उभरा है। भारत ने 2026 के लिए अमेरिका से करीब 2.2 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) LPG के एक साल के संरचित आयात अनुबंध पर पहले ही काम किया था। यह भारत के वार्षिक LPG आयात का लगभग 10% था।
2027 के लिए भारत अमेरिका से LPG की खरीद और बढ़ाने की तैयारी में है। Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, भारत 2027 में अपने LPG आयात का 25% तक अमेरिका से हासिल करने की योजना पर काम कर रहा है। सरकारी तेल कंपनियां अमेरिकी आपूर्तिकर्ताओं से लंबी अवधि की सप्लाई के लिए टेंडर की तैयारी कर रही हैं।
आपके दिए गए इनपुट में Bloomberg के हवाले से सरकारी रिफाइनिंग कंपनियों को कम से कम 15% अमेरिकी LPG के लिए टर्म कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने का निर्देश दिए जाने की बात कही गई है। हालांकि, इस विशिष्ट 15% निर्देश की स्वतंत्र सार्वजनिक पुष्टि उपलब्ध स्रोतों में नहीं मिली। इसलिए इसे पुष्ट तथ्य के बजाय रिपोर्टेड जानकारी के रूप में देखना उचित है।
Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum Corporation और Hindustan Petroleum Corporation इस खरीद प्रक्रिया में प्रमुख भूमिका निभा रही हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, तीनों कंपनियां अमेरिकी LPG आपूर्तिकर्ताओं के साथ बातचीत और टेंडर प्रक्रिया के जरिए 2027 की जरूरतों को सुरक्षित करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
2026 में पश्चिम एशिया से आपूर्ति बाधित होने के बाद भारत ने अमेरिका से स्पॉट खरीद भी बढ़ाई। Reuters के अनुसार, जून 2026 में अमेरिका से भारत का LPG आयात पहली बार 1 मिलियन टन से ऊपर जाने की उम्मीद थी। यह दर्शाता है कि अमेरिकी सप्लाई अब केवल वैकल्पिक स्रोत नहीं रह गई है, बल्कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा रणनीति का अहम हिस्सा बन रही है।
अमेरिका से ज्यादा LPG खरीदने का उद्देश्य सिर्फ व्यापार बढ़ाना नहीं है। आयात स्रोतों को अलग-अलग देशों और क्षेत्रों में बांटने से किसी एक क्षेत्र में युद्ध, समुद्री मार्ग में रुकावट या अन्य भू-राजनीतिक संकट होने पर भारत की आपूर्ति पर दबाव कम किया जा सकता है।
इसके अलावा, अमेरिका से बढ़ी ऊर्जा खरीद भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता के व्यापक संदर्भ में भी महत्वपूर्ण है। Reuters के अनुसार, दोनों देशों के बीच व्यापार संतुलन और ऊर्जा खरीद भी बातचीत के अहम मुद्दों में शामिल रहे हैं।
अमेरिका से LPG की खरीद बढ़ने का मतलब यह नहीं है कि घरेलू सिलेंडर की कीमत तुरंत कम हो जाएगी। घरेलू LPG की खुदरा कीमत तय करते समय अंतरराष्ट्रीय कीमतों के साथ-साथ आयात लागत, माल ढुलाई, विनिमय दर, घरेलू उत्पादन, सरकारी सहायता और तेल कंपनियों के राजस्व नुकसान जैसे कई कारक प्रभाव डालते हैं।
इसलिए अमेरिकी LPG आयात में वृद्धि का सबसे सीधा फायदा आपूर्ति सुरक्षा और स्रोतों के विविधीकरण के रूप में देखा जा सकता है। कीमतों पर इसका असर आगे चलकर वैश्विक LPG बाजार और भारत की कुल आयात लागत पर निर्भर करेगा।
14 अगस्त को घरेलू और कमर्शियल दोनों LPG सिलेंडरों के रेट स्थिर हैं। फिलहाल उपभोक्ताओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 1 अगस्त की कमर्शियल LPG कटौती के बाद इस महीने दोबारा कोई बदलाव नहीं हुआ है।
दूसरी ओर, भारत की दीर्घकालिक LPG रणनीति में अमेरिकी सप्लाई की भूमिका लगातार बढ़ रही है। 2027 के लिए संभावित लंबी अवधि के अनुबंध इस बदलाव को और मजबूत कर सकते हैं। इसका उद्देश्य केवल कीमतों को नियंत्रित करना नहीं, बल्कि पश्चिम एशिया पर अत्यधिक निर्भरता कम करके LPG की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करना भी है।
LPG Rate Today 14 August 2026: आज घरेलू 14.2 किलो और कमर्शियल 19 किलो LPG सिलेंडर के दाम में कोई नया बदलाव नहीं हुआ है। दिल्ली में घरेलू सिलेंडर ₹942 और कमर्शियल सिलेंडर ₹2,738 पर है। 1 अगस्त को कमर्शियल LPG की कीमत में ₹192 की कटौती पहले ही लागू की जा चुकी है।
आगे भारत का फोकस LPG सप्लाई के स्रोतों को व्यापक बनाने पर है। अमेरिका से 2027 में LPG आयात बढ़ाने की योजना इसी रणनीति का हिस्सा है और इससे भारत को पश्चिम एशिया में संभावित आपूर्ति व्यवधानों के खिलाफ अतिरिक्त सुरक्षा मिल सकती है।