Gold Silver Price Today 14 August 2026: MCX पर सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट आई। जानें दिल्ली, मुंबई, चेन्नई समेत प्रमुख शहरों में आज का सोना-चांदी भाव।

Gold Silver Price Today 14 August 2026
शुक्रवार, 14 अगस्त 2026 को घरेलू वायदा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव देखने को मिला। लगातार तेजी के बाद निवेशकों की ओर से मुनाफावसूली और अमेरिकी महंगाई से जुड़े नए संकेतों ने बुलियन बाजार का मूड बदला।
शुरुआती कारोबार में MCX अक्टूबर गोल्ड फ्यूचर्स 0.69% गिरकर ₹1,52,406 प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं सितंबर डिलीवरी वाली चांदी 0.85% टूटकर ₹2,33,455 प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी।
वैश्विक बाजार में भी सोने में कमजोरी रही। Reuters के मुताबिक, स्पॉट गोल्ड शुक्रवार को करीब 0.6% नीचे था, जबकि अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स लगभग 1% फिसले। इससे पहले सोना दो महीने से ज्यादा के उच्च स्तर तक पहुंच गया था।
14 अगस्त को प्रमुख भारतीय शहरों में 24 कैरेट सोने की कीमत करीब ₹1.52 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास बनी हुई है। 22 कैरेट सोने के दाम इससे कम हैं, क्योंकि इसमें शुद्ध सोने के साथ अन्य धातुओं का मिश्रण होता है।
शहरवार उपलब्ध भाव इस प्रकार हैं:
| शहर | 24 कैरेट सोना (₹/10 ग्राम) | 22 कैरेट सोना (₹/10 ग्राम) | 999 शुद्ध चांदी (₹/किलो) |
|---|---|---|---|
| नई दिल्ली | ₹1,52,100 | ₹1,39,425 | ₹2,33,360 |
| मुंबई | ₹1,52,360 | ₹1,39,663 | ₹2,33,770 |
| बेंगलुरु | ₹1,52,480 | ₹1,36,950 | ₹2,33,950 |
| कोलकाता | ₹1,52,160 | ₹1,39,480 | ₹2,33,460 |
| हैदराबाद | ₹1,52,600 | ₹1,39,883 | ₹2,34,140 |
| चेन्नई | ₹1,52,880 | ₹1,40,140 | ₹2,34,450 |
शहरों में खुदरा कीमतों में थोड़ा अंतर स्थानीय कर, शुल्क, डीलर मार्जिन और बाजार की परिस्थितियों के कारण हो सकता है।
चांदी में भी शुक्रवार के शुरुआती कारोबार में कमजोरी दिखाई दी। MCX पर सितंबर डिलीवरी की चांदी ₹2,33,455 प्रति किलोग्राम तक फिसली।
खुदरा बाजार में 999 शुद्धता वाली चांदी के भाव प्रमुख शहरों में करीब ₹2.33-2.34 लाख प्रति किलोग्राम के आसपास हैं। चेन्नई में दिए गए शहरवार आंकड़ों के अनुसार यह भाव ₹2,34,450 प्रति किलोग्राम है, जबकि दिल्ली में ₹2,33,360 है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी शुक्रवार को करीब 0.9% कमजोर होकर $63.88 प्रति औंस पर आ गई।
शुक्रवार की गिरावट को मुख्य रूप से प्रॉफिट बुकिंग से जोड़कर देखा जा रहा है। पिछले कुछ सत्रों में सोने में तेज तेजी आई थी और कीमत दो महीने से ज्यादा के उच्च स्तर पर पहुंच गई थी।
ऐसे में कुछ निवेशकों ने बढ़ी हुई कीमतों का फायदा उठाते हुए मुनाफा वसूला। गुरुवार को भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना अपने ऊंचे स्तर से नीचे आया था। Reuters के अनुसार, गुरुवार को स्पॉट गोल्ड 1% से अधिक गिरा था, जबकि कीमत दिन के दौरान 5 जून के बाद के सबसे ऊंचे स्तर तक पहुंच गई थी।
यानी शुक्रवार की कमजोरी को फिलहाल तेजी के बाद आया सुधार माना जा सकता है, न कि जरूरी तौर पर लंबी अवधि के ट्रेंड में बदलाव।
अमेरिका में जुलाई की Consumer Price Inflation यानी CPI 3.4% सालाना रही, जो बाजार की उम्मीदों के अनुरूप थी। जून में यह 3.5% थी।
महंगाई में मामूली नरमी ने एक तरफ फेडरल रिजर्व की संभावित दर वृद्धि को लेकर उम्मीदें कम कीं, जो सामान्य तौर पर सोने के लिए सकारात्मक होती हैं। लेकिन हाल की तेजी में इस नरमी का असर पहले ही कीमतों में काफी हद तक शामिल हो चुका था।
यही वजह है कि ऊंचे स्तर पर पहुंचने के बाद बाजार में प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिली। Reuters के अनुसार, शुक्रवार को सितंबर में अमेरिकी दर वृद्धि की बाजार-आधारित संभावना करीब 33% आंकी जा रही थी, जो एक सप्ताह पहले लगभग 55% थी।
हां। सोना और चांदी ऐसे एसेट हैं जिनसे नियमित ब्याज या डिविडेंड नहीं मिलता। इसलिए जब ब्याज दरें ऊंची होती हैं और बॉन्ड जैसे यील्ड देने वाले विकल्प आकर्षक होते हैं, तो बुलियन पर दबाव पड़ सकता है।
इसके उलट, ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद बढ़ने पर सोने की अवसर लागत घटती है। इससे निवेशकों के लिए बुलियन अपेक्षाकृत आकर्षक हो सकता है।
हालिया अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों के बाद बाजार फेड की अगली नीति को लेकर नए संकेतों का इंतजार कर रहा है।
कमोडिटी और करेंसी रिसर्च एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी के मुताबिक, घरेलू बाजार में ₹1,52,000-₹1,52,500 का क्षेत्र सोने के लिए अहम सपोर्ट जोन है। इसके ऊपर कीमत टिकती है तो हाल की तेजी को सहारा मिल सकता है।
वहीं ₹1,55,500-₹1,56,000 का क्षेत्र तत्काल रेजिस्टेंस के तौर पर देखा जा रहा है।
हालांकि तकनीकी स्तर निश्चित भविष्यवाणी नहीं होते। अमेरिकी डॉलर, कच्चे तेल की कीमतें, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, फेड की मौद्रिक नीति और भू-राजनीतिक घटनाक्रम आने वाले सत्रों में सोने और चांदी की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी $4,400 का स्तर अब महत्वपूर्ण माना जा रहा है। Reuters के अनुसार, कुछ बाजार विश्लेषकों की नजर इस स्तर के ऊपर संभावित ब्रेकआउट पर है।
24 कैरेट सोना आम तौर पर सबसे अधिक शुद्धता वाला सोना माना जाता है। यह निवेश और बार या सिक्कों के रूप में अधिक इस्तेमाल किया जाता है।
22 कैरेट सोने में अन्य धातुएं मिलाई जाती हैं, जिससे यह अधिक मजबूत और टिकाऊ बनता है। इसी कारण भारतीय आभूषणों में 22 कैरेट सोने का व्यापक इस्तेमाल होता है।
ज्वेलरी खरीदते समय केवल प्रति 10 ग्राम सोने की कीमत देखना पर्याप्त नहीं है। मेकिंग चार्ज, GST और अन्य लागू शुल्क के कारण अंतिम बिल बाजार भाव से अधिक हो सकता है।
आज सोने की कीमत में आई गिरावट को देखकर तुरंत खरीद या बिक्री का फैसला करना उचित नहीं होगा। निवेशकों को यह देखना चाहिए कि कीमतें प्रमुख सपोर्ट स्तरों के आसपास कैसा व्यवहार करती हैं और अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर तथा अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर क्या संकेत मिलते हैं।
अगर उद्देश्य लंबी अवधि का निवेश है, तो एक ही दिन की तेजी या गिरावट के बजाय निवेश अवधि, जोखिम क्षमता और पोर्टफोलियो में सोने के उचित हिस्से को ध्यान में रखना ज्यादा महत्वपूर्ण है।
वहीं ज्वेलरी खरीदने वाले ग्राहकों को स्थानीय ज्वेलर से उस दिन का वास्तविक बिक्री भाव, मेकिंग चार्ज और टैक्स की जानकारी लेकर ही खरीदारी करनी चाहिए।
14 अगस्त को सोना और चांदी दोनों शुरुआती MCX कारोबार में कमजोर रहे। सोने में हाल की तेज बढ़त के बाद मुनाफावसूली प्रमुख कारणों में रही, जबकि अमेरिकी महंगाई और फेड की नीति को लेकर बदलती उम्मीदें बाजार को दिशा दे रही हैं।
घरेलू बाजार में MCX अक्टूबर गोल्ड ₹1,52,406 प्रति 10 ग्राम और सितंबर सिल्वर ₹2,33,455 प्रति किलोग्राम के आसपास शुरुआती कारोबार में था।
आगे बाजार की नजर अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों, डॉलर, कच्चे तेल और फेडरल रिजर्व के संकेतों पर रहेगी।