हाल के समय में सोशल मीडिया पर फेक और प्राइवेट वीडियो लीक के दावे तेजी से बढ़े हैं। खासतौर पर सेलेब्रिटीज़ और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स को निशाना बनाया जा रहा है। इसी कड़ी में अब पाकिस्तानी इंफ्लुएंसर फातिमा जटोई (Fatima Jatoi) का नाम एक कथित वायरल वीडिय...

हाल के समय में सोशल मीडिया पर फेक और प्राइवेट वीडियो लीक के दावे तेजी से बढ़े हैं। खासतौर पर सेलेब्रिटीज़ और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स को निशाना बनाया जा रहा है। इसी कड़ी में अब पाकिस्तानी इंफ्लुएंसर फातिमा जटोई (Fatima Jatoi) का नाम एक कथित वायरल वीडियो से जोड़ा जा रहा है। Imsha Rehman विवाद के बाद, यह दूसरा बड़ा मामला है जिसने 2026 की शुरुआत में ही इंटरनेट पर हलचल मचा दी है। हालांकि, यह साफ करना जरूरी है कि इन दोनों मामलों का भारत से कोई संबंध नहीं है।
सोशल मीडिया पर एक 6 मिनट 39 सेकंड का वीडियो वायरल किया जा रहा है, जिसे कुछ लोग फातिमा जटोई से जोड़कर देख रहे हैं। वीडियो को “प्राइवेट MMS” बताकर अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर शेयर किया जा रहा है, जिससे मामला और गंभीर हो गया। हालांकि, अब खुद फातिमा जटोई ने सामने आकर इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
फातिमा जटोई ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर साफ शब्दों में कहा कि वायरल हो रहा वीडियो पूरी तरह फर्जी और मनगढ़ंत है। उन्होंने कहा कि इस वीडियो से उनका कोई लेना-देना नहीं है और इसे AI Deepfake टेक्नोलॉजी के जरिए बनाया गया है। यह मामला एक बार फिर यह दिखाता है कि किस तरह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का गलत इस्तेमाल कर किसी की छवि खराब की जा सकती है।
फातिमा जटोई ने एक 28 सेकंड के भावुक वीडियो में कुरान हाथ में लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा: “मुझे नहीं पता था कि लोग इतनी हद तक गिर सकते हैं। मैं कुरान हाथ में लेकर कसम खाती हूं कि यह वीडियो मेरा नहीं है। लोग यह बर्दाश्त नहीं कर पा रहे कि एक गरीब लड़की मेहनत करके आगे बढ़ी।” उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और कई लोगों ने उनके समर्थन में आवाज उठाई।
Deepfake वीडियो AI टेक्नोलॉजी की मदद से बनाए जाते हैं, जिनमें किसी व्यक्ति का चेहरा या आवाज किसी और वीडियो पर इस तरह लगा दी जाती है कि आम इंसान के लिए असली और नकली में फर्क करना मुश्किल हो जाता है विशेषज्ञों के अनुसार, फातिमा जटोई से जुड़ा वायरल वीडियो भी इसी तकनीक का इस्तेमाल कर बनाया गया हो सकता है।
इससे पहले पाकिस्तानी TikTok यूज़र Imsha Rehman के साथ भी ऐसा ही मामला सामने आया था। एक डीपफेक वीडियो के कारण उन्हें भारी ट्रोलिंग और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा, जिसके बाद उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स तक डिलीट कर दिए थे। अब फातिमा जटोई का मामला यह दिखाता है कि यह समस्या लगातार बढ़ती जा रही है।
साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स ने यूज़र्स को चेतावनी दी है कि:
“Fatima Jatoi Viral Video”
“Fatima Jatoi MMS”
जैसे कीवर्ड्स वाले लिंक्स पर क्लिक न करें।
फर्जी वेबसाइट्स पर ले जाते हैं
मोबाइल या लैपटॉप में मालवेयर डाल सकते हैं
बैंक और पर्सनल डेटा चोरी का खतरा पैदा करते हैं
Fatima Jatoi Viral Video केस यह साबित करता है कि AI Deepfake तकनीक कितनी खतरनाक हो सकती है। बिना किसी सबूत के अफवाहें फैलाना न सिर्फ गलत है, बल्कि किसी की ज़िंदगी और करियर को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है। फातिमा जटोई का खुलकर सामने आना और उनका साफ इनकार इस बात का संकेत है कि हमें सोशल मीडिया पर दिखने वाली हर चीज़ पर भरोसा नहीं करना चाहिए।