Property TDS Rule: यदि आप भी हाल ही में किसी महंगी प्रॉपर्टी में निवेश कर चुके हैं या घर खरीदने की योजना बना रहे हैं तो Property TDS Rule 2026 के बारे में जानना आपके लिए बेहद जरूरी है। जी हां, आमतौर पर 50 लाख से अधिक की कीमत की प्रॉपर्टी खरीदने पर खरीदने वाले को TDS भरना पड़ता है। लेकिन अब Property TDS Rule के नए फैसले ने इस नियम को आसान कर दिया है। खास तौर पर ऐसे मामले जहां प्रॉपर्टी बेचने वाले कई लोगों हो वहां प्रोपेर्टी खरीदार को राहत मिलती भी नजर आ रही है।
क्या है Property TDS Rule और कितनी मिलेगी TDS में राहत?
आयकर अधिनियम की धारा 1994 1A के अंतर्गत यदि कोई व्यक्ति 50 लाख या उससे अधिक की कीमत की प्रॉपर्टी खरीदना है, तो उसे एक 1% TDS जमा करना होता है। यह TDS पूरी प्रॉपर्टी की कुल कीमत पर लागू होता है।
मतलब यदि कोई भी प्रॉपर्टी जो 50 लाख रुपए या उससे ऊपर की राशि की हो उस पर 1% TDS देना पड़ता है। उदाहरण के लिए यदि किसी व्यक्ति ने 70 लाख का घर खरीदा है तो 1% TDS 70 लाख पर भरना पड़ेगा, यानी ₹70000 उसे TDS के रूप में जमा करने पड़ेंगे। परंतु Property TDS Rule के नए फैसले के अंतर्गत इसमें कुछ छूट दे दी गई है।
हाल ही में Property TDS Rule TDS रूल के अंतर्गत यदि कोई व्यक्ति किसी ऐसी प्रॉपर्टी को खरीदता है जहां एक से से ज्यादा Seller हैं और हर बिक्री कर्ता का हिस्सा 50 लाख से कम है तो ऐसे प्रॉपर्टी पर प्रॉपर्टी खरीदने वाले को TDS नहीं भरना पड़ेगा।
उदाहरण के लिए यदि किसी व्यक्ति ने 90 लाख की प्रॉपर्टी खरीदी लेकिन यह प्रॉपर्टी 3 लोगों के नाम पर है और हर एक seller का 30-30 लाख का हिस्सा है तो ऐसे केस में खरीदार को 90 लाख पर TDS नहीं देना होगा। मतलब अब खरीदार पर अतिरिक्त बोझ पड़ने से बच जाएगा।
इस नियम से प्रॉपर्टी के खरीदारों को कैसे फायदा होगा?
- इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को मिलेगा जो ज्वाइंट ओनरशिप वाली प्रॉपर्टी खरीदते हैं।।
- मतलब ऐसी प्रॉपर्टी जहां एक से ज्यादा Seller के नाम पर प्रॉपर्टी रजिस्टर है और प्रॉपर्टी का हिस्सा 50 लाख से कम है।
- जहाँ प्रत्येक Seller को 50 लाख से कम की रकम मिल रही है तो ऐसे में TDS की गणना प्रत्येक हिस्से के हिसाब से होगी ना की पूरी संपत्ति के आधार पर
- इससे खरीदार का TDS बच जाएगा, और प्रोपेर्टी खरीदार को TDS नहीं भरना पड़ेगा
- उसका कैश फ्लो बेहतर रहेगा और रिफंड के झंझट से भी छुटकारा मिलेगा।
Property TDS Rule इस नए नियम के बाद भी कौन सी बातों का ध्यान देना जरूरी है
- बता दे Property TDS Rule में कुछ बदलाव जरूर हुए हैं लेकिन यह बदलाव तब लागू होंगे जब एक प्रॉपर्टी में प्रत्येक सेलर का हिस्सा 50 लाख या उससे कम है।
- लेकिन यदि Seller का हिस्सा 50 लाख या उससे ज्यादा है तो खरीदार को TDS भरना पड़ेगा।
- वही प्रॉपर्टी खरीदने वाले को प्रॉपर्टी में seller के हिस्सेदारी के हिसाब से शेयर देना होगा और उसका रिकॉर्ड रखना होगा।
- इस खरीद बिक्री के दौरान PAN डीटेल्स और सारी डॉक्यूमेंटेशन का ध्यान रखना होगा।
कुल मिलाकर इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल ( ITAT ) द्वारा जारी किया गया यह नया नियम रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता को मजबूत करता है। मतलब अब खरीदारों को TDS के बोझ से राहत जरूर मिलेगी। मगर यह राहत केवल उन्हीं मामलों में मिलेंगे जहां प्रॉपर्टी के कई सारे seller हैं और प्रत्येक सेलर का शेयर 50 लाख से कम है। ऐसे में सभी खरीदारों से निवेदन है कि वह घर खरीदने से पहले इस नियम को जरूर समझें और किसी फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स से सही सलाह लेकर आगे बढ़े।
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