Anand Mohan: बाहुबली नेता और पूर्व सांसद आनंद मोहन के विधायक बेटे चेतन आनंद की आज सगाई है। इस मौके पर नीतीश सरकार ने मोहन को जेल से राहत दी। राज्य सरकार ने आनंद मोहन की रिहाई पर मुहर लगा दी है। Anand Mohan के साथ 27 अन्य बंदी भी जेल से रिहा होंगे। बता...
Anand Mohan: बाहुबली नेता और पूर्व सांसद आनंद मोहन के विधायक बेटे चेतन आनंद की आज सगाई है। इस मौके पर नीतीश सरकार ने मोहन को जेल से राहत दी। राज्य सरकार ने आनंद मोहन की रिहाई पर मुहर लगा दी है।
Anand Mohan के साथ 27 अन्य बंदी भी जेल से रिहा होंगे। बता दें कि आनंद मोहन के विधायक बेटे चेतन आनंद की शादी 3 मई को होने वाली है। आज उनकी सगाई है। इसे लेकर आनंद मोहन को पैरोल पर जेल से बाहर रहने की अनुमति दी गई है।
वही दूसरी तरफ राजस्थान सरकार के खिलाफ
सचिन पायलट..
किस वजह से हुई उम्रकैद की सजा
बता दें कि
Anand Mohan गोपालगंज के तत्कालीन डीएम जी कृष्णय्या की हत्या के आरोप में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। मुजफ्फरपुर कोर्ट द्वारा इस मामले में आनंद मोहन को फांसी दी गई थी। ऊपरी अदालत ने इसे आजीवन कारावास में बदल दिया।
आनंद मोहन 14 साल की सजा काट चुके हैं। उनके अच्छे व्यवहार के कारण उन्हें परिहार पर रिहा किया जा सकता है। लेकिन डीएम की हत्या के आरोप की वजह से उन्हें इसका लाभ नहीं मिल रहा।
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आनंन मोहन के परिवार में..
आनंद मोहन शिवहर से पूर्व लोकसभा सांसद है। उनकी पत्नी लवली आनंद भी पूर्व सांसद है। आनंद मोहन एक महान स्वतंत्रता सेनानी रामबहादुर सिंह के परिवार से है। इनके परिवार के कई लोगो ने आजादी के लड़ाई में भाग लिया। उन्होंने आपातकाल के दौरान जे.पी. आन्दोलन में भी बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। आपातकाल में उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ी।
उन्हे दो वर्ष तक जेल में रहना पड़ा। मैथिली को अष्टम अनुसूचि में शामिल करने के पीछे उनकी कड़ी मेहनत रंग लाई। भगत सिंह और नेल्सन मंडेला आनंद मोहन के आदर्श हैं। कोसी की मिट्टी पर पैदा हुए आनंद मोहन क्रांति के अग्रदूत और संघर्ष के पर्याय हैं। सत्ता के मुखर विरोध के कारण उन्होंने अपनी जवानी का अधिकांश हिस्सा जेल में बिताया है।
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आनंद की रिहाई पर लोगों को आपत्ति
Anand Mohan की रिहाई पर कई लोगो ने आपत्ति जताई थी, इसमें एक नाम यूपी की पूर्व सीएम मायावती का है।
मायावती ने ट्वीट में लिखा कि आनंद मोहन ने एक दलित अधिकारी की हत्या की थी।
उनका कहना है कि मोहन की रिहाई से जनता पर गलत असर पड़ेगा। दूसरी तरफ आनंद मोहन की रिहाई को लेकर लोगो का अनुमान है कि
सीएम नीतीश इससे सियासी हित साधने की फिरात में है।
Anand Mohan ने कहा मेरी रिहाई पर जो लोग खेद जता रहें है, मै उनसे कहना चाहता हूॅं, कानून सबके लिए एक जैसे हीे होता है। कोर्ट के निर्देशों के अनुसार ही मुझे रिहाई दी जा रही है। मेरी सजा पूरी हो चुकी है।