Agneepath Scheme: सुप्रीम कोर्ट ने सशस्त्र बलों में प्रवेश के लिए सरकार की अग्निपथ योजना को बरकरार रखने की अपील की। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने से संबंधित दो याचिकाओं को खारिज कर दिया। Agneepath Scheme: [caption id=...

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Agneepath Scheme: उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ गोपाल कृष्ण और अधिवक्ता एमएल शर्मा द्वारा दायर अलग-अलग याचिकाओं को खारिज कर दिया गया है, उनका का कहना है कि 'क्षमा करें, हम उच्च न्यायालय के फैसले में हस्तक्षेप नहीं करना चाहेंगे। उच्च न्यायालय ने सभी पहलुओं पर विचार किया था।'
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Agneepath Scheme: मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जेबी पारदीवाला की पीठ ने कहा कि Agneepath Scheme की शुरुआत से पहले रक्षा बलों के लिए रैलियों, शारीरिक और चिकित्सा परीक्षणों जैसी भर्ती प्रक्रियाओं के माध्यम से चुने गए उम्मीदवारों के पास नियुक्ति का निहित अधिकार नहीं है।
Agneepath Scheme: बता दें कि शीर्ष अदालत ने 27 मार्च को सशस्त्र बलों में भर्ती के लिए केंद्र की योजना को सही ठहराया। उच्च न्यायालय ने केंद्र के फैसले के खिलाफ याचिका दायर की, पर सुनवाई के लिए सहमत हो गई थी। उच्च न्यायालय ने 27 फरवरी को कहा था कि Agneepath Scheme राष्ट्रीय सुरक्षा को बनाए रखने के प्रशंसनीय उद्देश्य के साथ राष्ट्रीय हित में तैयार की गई थी।
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Agneepath Scheme को 14 जून, 2022 को पेश किया गया था। इस स्कीम के तहत आर्म्ड फोर्सेज में युवाओं को भर्ती किए जाने के नए नियम बताए गए थे। इन नियमों के मुताबिक, साढे 17 साल से लेकर 21 साल तक की उम्र के युवा ही इसमें अप्लाय कर पाएंगे और उन्हें चार साल के लिए भर्ती किया जाएगा। सरकार ने यह कदम तनख्वाह और पेंशन का बजट कम करने के लिए उठाया था।
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