कल Holi हैं और होली रंगों का अद्भुत त्यौहार हैं। बिना रंगों के होली के त्यौहार का कोई आनंद नहीं। लेकिन आज कल के केमिकल युक्त रंगो के कारण लोग Holi के गुलाल और रंगों से दूरी बनाना पसंद करते हैं। ताकि उन रंगों का आपकी त्वचा पर कोई घातक प्रभाव ना हो। लेकि...

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जी हाँ, ग्वालियर की गौशाला में गोबर की भस्म का प्रयोग करके Holi के हर्बल गुलाल बनाए जा रहे हैं।ये गुलाल पूरी तरह प्राकृतिक हैं और इसका कोई भी बुरा प्रभाव शरीर या त्वचा पर नहीं होगा।
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मध्यप्रदेश के ग्वालियर की सबसे बड़ी गोशाला में बनने जा रहे इस ख़ास तरह के गुलाल को बनाने के लिए पहले गाय के गोबर की भस्म तैयार करके उसे छाना जाएगा।
उसके बाद प्राकृतिक रंग बिरंगे और सुगंधित फ़ूलों को इनमे मिलाया जाएगा। गोबर की भस्म और प्राकृतिक फ़ूलों के मिश्रण से बनने वाले ये हर्बल गुलाल लोगों के लिए पूरी तरह से सुरक्षित हैं।
इस बात की जानकारी आदर्श गौशाला में ये खास हर्बल गुलाल बनाने वाली ममता सिंह ने दी हैं। इसके अलावा गौशाला में हल्दी और पलाश के फ़ूलों से भी हर्बल रंग तैयार किए जाता रहे हैं।
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इसी लिए लोग खुद गौशाला जाकर हर्बल गुलाल बनते देख रहे हैं। इसकी डिमांड काफी बढ़ चुकी हैं।
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