NEET पेपर लीक मामले को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की असिस्टेंट कमांडेंट सोनिया सहरावत एक सोशल मीडिया पोस्ट की वजह से विवादों में आ गई हैं। उनके इंस्टाग्राम स्टोरी पर किए गए एक पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। बढ़ते विवाद के बीच उन्होंने वह पोस्ट हटा दिया।

NEET पेपर लीक मामले को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की असिस्टेंट कमांडेंट सोनिया सहरावत एक सोशल मीडिया पोस्ट की वजह से विवादों में आ गई हैं। उनके इंस्टाग्राम स्टोरी पर किए गए एक पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। बढ़ते विवाद के बीच उन्होंने वह पोस्ट हटा दिया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोनिया सहरावत ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक मरे हुए कॉकरोच की तस्वीर शेयर की थी। इसके साथ उन्होंने लिखा था,
"Can't fix themselves and they wanna fix the country."
यानी, "जो खुद को नहीं सुधार सकते, वे देश को सुधारने की बात कर रहे हैं।"
यह पोस्ट तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और कई लोगों ने इसे छात्र प्रदर्शनकारियों पर टिप्पणी माना।
छात्र आंदोलन का नेतृत्व कर रही Cockroach Janta Party (CJP) ने इस पोस्ट पर कड़ी आपत्ति जताई।
संगठन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि यदि एक RAF अधिकारी शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को "कॉकरोच" की तरह देखती हैं, तो यह बेहद चिंताजनक है।
इसके बाद CJP ने लिखा,
"हम कॉकरोच हैं... और कॉकरोच कभी नहीं मरते।"
विवाद बढ़ने के बाद सोनिया सहरावत ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी हटा दी।
इस घटना के बाद सुरक्षा बलों के अधिकारियों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है।
सरकारी सेवा नियमों के अनुसार, अधिकारियों को सोशल मीडिया पर ऐसे बयान देने से बचना चाहिए जो राजनीतिक, अपमानजनक या सरकारी कर्मचारी की गरिमा के खिलाफ हों।
इसके अलावा, निजी सोशल मीडिया अकाउंट पर वर्दी वाली प्रोफाइल फोटो लगाने से भी बचने की सलाह दी जाती है। रिपोर्ट्स के अनुसार, सोनिया सहरावत के इंस्टाग्राम अकाउंट पर उनकी प्रोफाइल फोटो वर्दी में लगी हुई है।
कुछ पूर्व अधिकारियों का मानना है कि यदि ड्यूटी के दौरान कोई अधिकारी राजनीतिक टिप्पणी करता है, तो यह अनुशासनात्मक कार्रवाई का विषय बन सकता है।
NDTV से बातचीत में सोनिया सहरावत ने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान सिर्फ छात्र ही नहीं थे, बल्कि कुछ असामाजिक तत्व भी मौजूद थे।
उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने पुलिस पर पत्थर, जूते और कांच की बोतलें फेंकी।
सोनिया सहरावत ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों को नाखूनों से खरोंचा। उन्होंने अपनी गर्दन पर आए निशान भी दिखाए।
अपने हाथ में लगी चोट के बारे में उन्होंने कहा, "महिला प्रदर्शनकारियों को बचाने की कोशिश करते समय मुझे चोट लगी।"
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब NEET पेपर लीक को लेकर देशभर में प्रदर्शन जारी हैं और केंद्र सरकार पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में ड्यूटी पर तैनात एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की सोशल मीडिया पोस्ट ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।
फिलहाल, सोनिया सहरावत की ओर से इस पोस्ट को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर बहस जारी है।
नोट: इस मामले में आरोप और प्रतिक्रियाएं अलग-अलग पक्षों के दावों पर आधारित हैं। किसी भी जांच या आधिकारिक कार्रवाई का अंतिम निष्कर्ष संबंधित एजेंसियों द्वारा ही तय किया जाएगा।