सीड़ी मंगवाई और ट्रांसफार्मर पर चढ़ गए मंत्री :
इसके बाद ऊर्जा मंत्री ने अफसरों से बांस की सीड़ी मंगवाई और स्वयं ही बिजली के ट्रांसफार्मर पर चढ़ गए। ट्रिपिंग के लिए जिम्मेदार डीपी पर जमीं झाड़ियों और जमा कचरे को हटाया। बकौल ऊर्जा मंत्री इनकी वजह से ही क्षेत्र में अक्सर बिजली सप्लाई बाधित हो रही है। इसके बाद उन्होंने मेंटेनेंस में बिजली कंपनी के अफसरों द्वारा की जा रही लापरवाही पर आम लोगों से माफी मांगी।
मामले में तुरंत ही उन्होंने बिजली की तीनों कंपनियों के साथ ही प्रमुख सचिव और प्रबंध निदेशक को कहा कि प्रदेश में जहां भी ट्रिपिंग की घटनाएं ज्यादा होंगी। वे वहाँ जाकर स्वयं निरीक्षण करेंगे। जहां कचरे, झाड़ियों और पशु पक्षियों के कारण ट्रिपिंग की घटनाएं होंगी, तो वे स्वयं ट्रांसफार्मर पर चढ़ेंगे और जरूरत पड़ी तो अफसरों को भी चढ़वाएंगे। साथ ही अगर जरूरत पड़ी तो प्रशासनिक सर्जरी भी की जाएगी।
करंट मारते बिलों पर भी ऐसी ही कार्रवाई करें मंत्री जी :
प्रद्युम्न सिंह तोमर अपनी इसी तरह की कार्रवाई के कारण लगातार चर्चाओं में बने हुए हैं। उनके क्रियाकलापों को देखकर आम लोग भी अब मंत्री से मांग कर रहे हैं कि इस तरह से चर्चाओं में रहने से अच्छा है कि प्रदेश की जनता को करंट मारते बिजली के बिलों से राहत देकर अतिरिक्त भार से मुक्त करें। गौरतलब है कि मप्र उन चुनिंदा राज्यों में से एक है, जहां बिजली की कीमत सबसे ज्यादा है।
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