8 अगस्‍त 2020 शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खेल रत्न पुरस्कार के नाम को बदलकर मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार कर दिया है, अपने ट्वीटर अकाउंट पर इस बात की घोषणा करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने लिखा कि “मुझे भारत भर के नागरिकों से खेल रत्न पुरस्कार का नाम मेजर ध्यानचंद के नाम पर रखने के लिए कई अनुरोध प्राप्त हो रहे हैं। मैं उनके विचारों के लिए उनका धन्यवाद करता हूं।

उनकी भावना का सम्मान करते हुए, खेल रत्न पुरस्कार को मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार कहा जाएगा!

जय हिन्द!”

क्‍यों मिलता है खेल रत्‍न अवार्ड

1991 में भारत के पूर्व प्रधामंत्री राजीव गांधी के नाम पर यह अवार्ड पेश किया गया था जो देश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को दिया जाता है।

राजीव गांधी खेल रत्न के लिए पात्र होने के लिए, जिस वर्ष के दौरान पुरस्कार दिया जाना है, उससे ठीक पहले चार वर्षों की अवधि में एक खिलाड़ी द्वारा खेल के क्षेत्र में शानदार और सबसे उत्कृष्ट प्रदर्शन को राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार के लिए माना जाएगा।

8 अगस्‍त 2020 के बाद से अब इस पुरस्कार को मेजर ध्‍यानचंद खेल रत्‍न पुरस्कार कहा जाएगा।

कौन थे मेजर ध्‍यानचंद

मेजर ध्‍यानचंद भारत के सबसे प्रसिध्‍द हॉकी प्‍लेयर थे जिन्‍होनें अपनी प्रतिभा से भारत का नाम पूरे विश्‍व से किया था। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने बयान में कहा कि मेजर ध्यानचंद ने भारत को दुनियाभर में सम्मान और गौरव दिलाया। उनके नाम पर सर्वोच्च खेल सम्मान का नाम रखा जाना बिल्‍कुल सही है।

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