Top News

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को दिया 72 घंटे का अल्टीमेटम, क्या पश्चिम एशिया में छिड़ने वाली है बड़ी जंग?

US Iran Tension ट्रंप की 72 घंटे वाली चेतावनी से मचा हड़कंप

पश्चिम एशिया में हालात एक बार फिर बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। अमेरिका और ईरान के बीच टकराव अब ऐसे मोड़ पर पहुंच चुका है, जहां दुनिया की नजरें अगले 72 घंटों पर टिक गई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को साफ शब्दों में “दो से तीन दिन” का अल्टीमेटम दिया है और कहा है कि अगर समझौता नहीं हुआ तो सैन्य कार्रवाई भी हो सकती है।

ट्रंप के इस बयान के बाद पूरी दुनिया में हलचल तेज हो गई है। तेल बाजार से लेकर ग्लोबल राजनीति तक, हर जगह इस तनाव का असर दिखाई देने लगा है। वहीं दूसरी तरफ ईरान ने भी पलटवार करते हुए साफ कर दिया है कि अगर जंग दोबारा शुरू हुई तो इस बार अमेरिका को पहले से कहीं ज्यादा नुकसान उठाना पड़ सकता है।

ट्रंप बोले हमला करने से बस एक घंटा दूर थे

donald trump

डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि वह ईरान पर नए हमले की मंजूरी देने से सिर्फ “एक घंटा दूर” थे। लेकिन फारस की खाड़ी के तीन अरब देशों की अपील के बाद उन्होंने फिलहाल हमला टाल दिया। हालांकि ट्रंप ने साथ ही यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही कोई बड़ा समझौता हो सकता है। उनका कहना है कि अगर डील हो जाती है तो दुनिया भर में तेल की कीमतें तेजी से नीचे आ जाएंगी। ट्रंप ने अपने अंदाज़ में कहा, “हम सब कुछ खत्म कर देंगे और इस जंग को बहुत जल्दी रोक देंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के साथ यह मुद्दा दशकों पहले ही सुलझ जाना चाहिए था।

ईरान की खुली चेतावनी और भी विमान गिरा सकते हैं

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका को सीधी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि पिछली लड़ाइयों से ईरान ने काफी सैन्य अनुभव हासिल किया है और अगर अमेरिका ने दोबारा हमला किया तो इस बार “कई और सरप्राइज” देखने को मिलेंगे।

अराघची ने दावा किया कि ईरान की सेना ने पहले भी अमेरिकी F-35 लड़ाकू विमान को निशाना बनाया था और जरूरत पड़ी तो आगे भी बड़े जवाब दिए जाएंगे।

ईरान का यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है, लेकिन माहौल बेहद तनावपूर्ण बना हुआ है।

JD Vance का बड़ा बयान – बातचीत में काफी प्रगति हुई

अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत में “काफी प्रगति” हुई है। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि ईरान आखिर किस शर्त पर तैयार होगा, यह अभी पूरी तरह साफ नहीं है।

यानी एक तरफ बातचीत चल रही है और दूसरी तरफ युद्ध की धमकियां भी जारी हैं। यही वजह है कि आने वाले कुछ दिन बेहद अहम माने जा रहे हैं।

लेबनान में इजरायली हमले, 9 लोगों की मौत

इस बीच इजरायल ने दक्षिणी लेबनान के नबातियेह इलाके में एयर स्ट्राइक की, जिसमें कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह हमला ऐसे समय हुआ जब वहां पहले से सीजफायर लागू था।

मार्च 2 के बाद से लेबनान में इजरायली हमलों में मरने वालों की संख्या अब 3,000 से ज्यादा पहुंच चुकी है। लगातार हो रहे हमलों से पूरे इलाके में डर और तनाव का माहौल बना हुआ है।

गाजा में भीषण हमला, घर में लगी आग

गाजा सिटी में भी इजरायली सेना ने देर रात एक घर पर बमबारी की। हमले के बाद इलाके में भीषण आग लग गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि धमाका इतना जोरदार था कि आसपास के इलाकों में भी दहशत फैल गई।

सिविल डिफेंस की टीमों ने घंटों मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। फिलहाल हताहतों की संख्या को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

रूस और चीन भी एक्टिव, शी जिनपिंग ने मांगा युद्ध रोकने का रास्ता

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव को लेकर अब चीन और रूस भी खुलकर सामने आने लगे हैं। बीजिंग में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच अहम बैठक हुई।

शी जिनपिंग ने कहा कि मध्य पूर्व में तुरंत सभी हिंसक गतिविधियां बंद होनी चाहिए और शांति बहाल करना जरूरी है। वहीं पुतिन ने रूस को “भरोसेमंद ऊर्जा सप्लायर” बताते हुए कहा कि रूस-चीन संबंध दुनिया में स्थिरता बनाए रखने में मदद कर रहे हैं।

होर्मुज स्ट्रेट में जहाज पर हमला, दक्षिण कोरिया और ईरान में बातचीत

दक्षिण कोरिया ने बताया कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य में हुए जहाज हमले को लेकर ईरान के साथ गंभीर बातचीत कर रहा है।

4 मई को दक्षिण कोरियाई कंपनी द्वारा संचालित जहाज HMM Namu पर हमला हुआ था, जिसमें दो अज्ञात उड़ने वाली वस्तुएं टकराईं और जहाज में आग लग गई। इस घटना में एक क्रू सदस्य घायल हुआ था। हालांकि ईरान ने हमले में अपनी भूमिका से इनकार किया है।

दुनिया की नजर अब अगले 72 घंटों पर

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। अगर बातचीत सफल नहीं हुई तो हालात किसी बड़े सैन्य संघर्ष में बदल सकते हैं।

तेल बाजार, वैश्विक व्यापार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति – सब कुछ इस संकट से प्रभावित हो सकता है। फिलहाल दुनिया यही उम्मीद कर रही है कि आने वाले 72 घंटों में कोई ऐसा रास्ता निकल आए, जिससे युद्ध टल सके।

Share post: facebook twitter pinterest whatsapp